35वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला की सभी तैयारियां पूरी, 19 मार्च से 4 अप्रैल तक लगेगा मेला : एमडी सिन्हा

Font Size

– कहा, मेले में सुरक्षा को लेकर रहेंगे पुख्ता इंतजाम

– सीसीटीवी कैमरों की रहेगी नजर, 2500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा का जिम्मा
– उज्बेकिस्तान रहेगा कंट्री पार्टनर, जम्मू कश्मीर होगा स्टेट पार्टनर, 30 देशों के शिल्पकारों ने आने के लिए सहमति भेजी
– सांस्कृतिक मंच पर रहेगी देश-विदेश के कलाकारों की धूम

– 17 देशों के कलाकारों ने आने के लिए भेजी सहमति
– इंट्री पास व पार्किंग पास के लिए बारकोडिंग युक्त पास मिलेगा, एप भी किया गया विकसित

फरीदाबाद, 27 फरवरी। हरियाणा पर्यटन विकास निगम के प्रधान सचिव एवं सूरजकुंड मेला अथॉरिटी के वाईस चेयरमैन एम डी सिन्हा ने कहा कि 35 वां इंटरनेशनल सूरजकुंड मेला इस बार 19 मार्च से 4 अप्रैल तक मनाया जाएगा। कोविड-19 महामारी के बाद की परिस्थितियों से उबरते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस गतिविधि को पूरी धूमधाम से साथ आयोजित किया जाएगा। मेला को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्री सिन्हा रविवार को होटल राजहंस में सभी विभागों के साथ मेले की समीक्षा के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस बार मेले में पिछली बार की तरह 1100 स्टाल ही रखे गए हैं। मेले का स्टेट पार्टनर जम्मू एवं कश्मीर रहेगा और कंट्री पार्टनर उजबेकिस्तान को रखा गया है। उन्होंने कहा कि मेले में इस बार 35 देश हिस्सा लेंगे और 30 देशों की तरफ से अपने आने की अनुमति भी भेज दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मंच के लिए भी अब तक 17 देशों के कलाकारों ने अपनी सहमति भेजी है। उन्होंने कहा कि मेले देश के सभी राज्यों की भी कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। मेले में देशभर के हस्तशिल्पी अपनी कला को प्रदर्शित करने के लिए पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मेले को लेकर बेहतरीन व्यवस्था की गई है। इस बार पेटीएम के सहयोग से टिकटों की बुकिंग की जाएगी। पर्यटकों को कोई असुविधा न हो इसके लिए पार्किंग पास के साथ ही मेले की टिकट की बुकिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेले की टिकट आम दिनों में 120 रुपये और शनिवार व रविवार को 180 रुपये रखी गई है। उन्होंने कहा कि राजकीय स्कूल के बच्चों के लिए मेले में नि:शुल्क इंट्री रहेगी। इसके साथ ही दिव्यांगों को 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मेले में पांच इंट्री गेट रहेंगे। आम जनता के लिए तीन गेट रहेंगे। एक गेट वीआईपी व एक गेट मीडिया इंट्री के लिए रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गेट पर पर्यटकों का टेंपरेचर करने व सुरक्षा जांच की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक टिकट पर बारकोडिंग की व्यवस्था होगी। उन्होेंने कहा कि मेले में सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर सिंह मान को जिला प्रशासन की तरफ से नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं पुलिस की तरफ से डीसीपी मुख्यालय नितिश अग्रवाल को पुलिस की तरफ से नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा को लेकर पूरा मेला परिसर, पार्किंग स्थल व आस-पास की जगहें सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेंगी। मेला परिसर में एक अस्थाई पुलिस लाईन भी बनाई जाएगी। यहां प्रतिदिन 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहेगी। मेला सुबह 12:00 बजे शुरू होगा और रात 11:30 बजे तक रहेगा। रात को 9:00 बजे के बाद इंट्री बंद कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर छोटी चौपाल व बड़ी चौपाल पर लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहेंगे। यहां देश व विदेश के कलाकारों के अलावा स्कूली बच्चे भी अपनी प्रस्तुती देंगी। बच्चों के लिए प्रतिदिन विभिन्न प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि मेला स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की दो अतिरिक्त डिस्पेंसरी भी बनाई जाएंगी और आठ एंबुलेंस लगातार यहां ड्यूटी पर रहेंगी।

मेला स्थल पर कोविड-19 टीकाकरण कैंप भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही मोबाईल एटीएम व विदेशी मुद्रा बदलने की सुविधा भी होगी। मेला स्थल पर अस्थाई डाकघर भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र की ड्रोन से मैपिंग करवाई जा रही है और इस स्थल को 18 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मेला में प्रतिदिन कितने पर्यटक आएंगे, पार्किंग में कितने वाहन हैं, टिकट बुकिंग व अन्य व्यवस्थाओं के लिए एक एप भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीटिंग में सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि यह मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान है और विश्व का सबसे बड़ा हैंडीक्राफ्ट का मेला है। ऐसे में सभी विभागों को तालमेल के साथ कार्य करना है। इस अवसर पर मंडल आयुक्त संजय जून, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, हरियाणा पर्यटन विकास निगम के एमडी नीरज कुमार, उपायुक्त जितेंद्र यादव, अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर सिंह मान, एसडीएम फरीदाबाद परमजीत सिंह अहलावत, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, एडीएम बल्लभगढ़ त्रिलोक चंद, मेला अधिकारी राजेश जून सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

You cannot copy content of this page

%d bloggers like this: