प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत के विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मिले

Font Size

आगामी बजट से पूर्व प्रधानमंत्री की उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ इस तरह की दूसरी वार्ता

जिस तरह देश ओलंपिक में प्रमुख वरीयता प्राप्त करने की इच्छा रखता है, उसी तरह देश हमारे उद्योगों को हर क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष पांच में देखना चाहता है: प्रधानमंत्री

सरकार देश की आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने हेतु पहल करने के लिए प्रतिबद्ध: प्रधानमंत्री

उद्योग जगत प्रमुखों ने निजी क्षेत्र में विश्वास व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया; प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की धारणा के प्रति प्रतिबद्धता जताई

नई दिल्ली :   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर उद्योग जगत के विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ वार्तालाप किया। आगामी केन्द्रीय बजट से पूर्व प्रधानमंत्री का उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ इस तरह का यह दूसरा वार्तालाप है।

प्रधानमंत्री ने कोविड के खिलाफ लड़ाई के दौरान प्रदर्शित देश की अंतर्निहित शक्ति के संबंध में बातचीत करते हुए उद्योग जगत प्रमुखों को उनके सहयोगों और सुझावों के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें पीएलआई प्रोत्साहन जैसी नीतियों का पूर्ण उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश ओलंपिक में प्रमुख वरीयता प्राप्त करने की इच्छा रखता है, उसी तरह देश हमारे उद्योगों को हर क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष पांच में देखना चाहता है, और इसके लिए हमें सामूहिक रूप से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट सेक्टर को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अधिक निवेश करना चाहिए और प्राकृतिक खेती पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने सरकार की नीतिगत स्थिरता का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ऐसी पहलें करने के लिए प्रतिबद्ध है जो देश की आर्थिक प्रगति को गति प्रदान करेंगी। उन्होंने अनुपालन बोझ को कम करने की दिशा में सरकार के दृष्टिकोण की भी जानकारी दी, और उन क्षेत्रों पर सुझाव मांगे जहां अनुचित अनुपालन को हटाने की आवश्यकता है।

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को अपनी प्रतिक्रियाऐं देते हुए निजी क्षेत्र में विश्वास जताने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व के कारण देश की अर्थव्यवस्था सही समय पर किए गए हस्तक्षेपों और परिवर्तनकारी सुधारों के माध्यम से कोविड के बाद विकास के मार्ग पर प्रशस्त हो रही है। उन्होंने प्रधानमत्री के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सरकार द्वारा की गई कई महत्वपूर्ण पहलों जैसे पीएम गतिशक्ति, आईबीसी आदि की सराहना की। उद्योग जगत के प्रमुखों ने उन कदमों पर भी चर्चा की जिन्हें देश में कारोबार में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा सकता है। उन्होंने सीओपी26 में भारत की प्रतिबद्धताओं और उल्लिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने में उद्योग किस प्रकार से योगदान दे सकते हैं, इस संदर्भ में भी चर्चा की।

टी.वी. नरेंद्रन ने कहा कि सरकार की समय रहते की गई प्रतिक्रिया से कोविड के बाद वी आकार की रिकवरी हुई है। श्री संजीव पुरी ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को और बढ़ावा देने के लिए सुझाव दिए। श्री उदय कोटक ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत, स्टार्ट अप इंडिया आदि जैसे सरल लेकिन बेहतर तरीके से किए गए सुधारों के माध्यम से महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने में सफल रहे हैं।  शेषगिरी राव ने स्क्रैपेज नीति को किस प्रकार से और अधिक व्यापक बनाया जा सकता है, इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की।

श्री केनिची आयुकावा ने भारत को विनिर्माण क्षेत्र में शीर्ष राष्ट्र बनाने की प्रधानमंत्री की परिकल्पना को साकार करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।  विनीत मित्तल ने सीओपी26 में प्रधानमंत्री की पंचामृत प्रतिबद्धता के संदर्भ में चर्चा की। सुमंत सिन्हा ने कहा कि ग्लासगो में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की वैश्विक समुदाय के सदस्यों ने काफी सराहना की। सुश्री प्रीता रेड्डी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानव संसाधन को बढ़ावा देने के उपायों के बारे में बात की। रितेश अग्रवाल ने एआई और मशीन लर्निंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता के संदर्भ में संवाद किया।

You cannot copy content of this page

%d bloggers like this: