प्रशासन ने गुरुग्राम के अस्पतालों से ऑक्सीजन की डिमांड के लिए गूगल फार्म भरने को कहा, आईएम्ए व नर्सिंग होम एसोसिएशन कर रहे हैं सहयोग

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गुरूग्राम, 27 अप्रैल। गुरूग्राम जिला में विभिन्न अस्पतालों में लिक्विड मैडिकल ऑक्सीजन की मांग का सही आंकलन करने के लिए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने सभी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम को गूगल फोर्म भरकर देने को कहा है। इस कार्य में इंडियन मैडिकल एसोसिएशन और नर्सिंग होम एसोसिएशन की गुरूग्राम शाखा का भी सहयोग लिया जा रहा है।


गुरूग्राम में कोविड मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने के लिए उपायुक्त डा. यश गर्ग तथा समस्त जिला प्रशासन मुस्तैदी से लगा हुआ है और इस पर दिन-रात काम चल रहा है। गुरूग्राम में कोविड संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य सरकार से नियुक्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी टी सी गुप्ता भी यहां पर आॅक्सीजन आपूर्ति पर नजर रखे हुए हैं। पानीपत के ऑक्सीजनप्लांट से टैंकरों में पूरी मात्रा में ऑक्सीजन भरवाने और टैंकर को समय पर वहां से निकलवाने के लिए भी राज्य सरकार ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विकास यादव को पानीपत प्लांट पर ही तैनात कर दिया है। वहां से लिक्विड ऑक्सीजन भरकर चलने से लेकर गुरूग्राम पहुंचने तक उस टैंकर को बराबर ट्रैक किया जा रहा है और टैंकर के साथ एक एसटीओ की ड्यूटी भी लगाई हुई है। इसके साथ जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशासन की तरफ से केवल उन्हीं अस्पतालों तथा नर्सिंग होम को आॅक्सीजन आपूर्ति करवाने के प्रयास किए जाएंगे जो प्रशासन के पास रजिस्टर्ड होंगे। अन्य नर्सिंग होम तथा क्लिनिक को अपने स्तर पर ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी होगी।


अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए बैड उपलब्ध करवाने के लिए भी गुरूग्राम जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। प्रत्येक अस्पताल पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट तथा नोडल अधिकारी लगाया गया है। इनके साथ सिविल सर्जन कार्यालय से चिकित्सक तथा इंडियन मैडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि ऑक्सीजन की सप्लाई और बैड की उपलब्धता में पारदर्शिता रहे। इन अधिकारियों के माध्यम से जहां से भी ऑक्सीजन की डिमांड आती है, उसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए गुरूग्राम जिला प्रशासन तत्पर रहता है। एसीएस टी सी गुप्ता और उपायुक्त डा. यश गर्ग के प्रयासों से गुरूग्राम जिला की लिक्विड मैडिकल ऑक्सीजन की अलोकेशन 40 मीट्रिक टन तक बढाई गई है जबकि पहले जिला में 20 से 22 मीट्रिक टन आॅक्सीजन ही आ रही थी। यही नहीं, ऑक्सीजन की आपूर्ति में औद्योगिक एसोसिएशनों का भी सहयोग लिया जा रहा है। अब केंद्र व राज्य सरकार के नवीनतम आदेशों के अनुसार औद्योगिक ऑक्सीजन को लिक्विड मैडिकल आॅक्सीजन में परिवर्तित करके कोविड मरीजों के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।

इस अनुसार गुरूग्राम जिला में उद्योगो से भी लिक्विड ऑक्सीजन के सिलेंडर प्राप्त किए जा रहे हैं। जिला में उपलब्ध ऑक्सीजन को कोविड मरीजों की संख्या के अनुसार प्राथमिकताएं तय करते हुए अस्पतालों को वितरित किया जा रहा है। छोटे नर्सिंग होम व क्लिनिक, जिनमें ऑक्सीजन आदि की सुविधाएं नहीं हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे अपने यहाँ गंभीर कोविड मरीजों को दाखिल ना करें। केवल आइसोलेशन या कम देखरेख चाहने वाले मरीजों को ही ऐसी जगहो पर रखा जा सकता है। वास्तविक रूप से गंभीर कोविड मरीजों को बैड उपलब्ध करवाने के लिए एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट तथा आईएमए के प्रतिनिधि ठीक हो चुके मरीजो को डिस्चार्ज करवाकर अस्पतालों में अन्य गंभीर मरीजों के लिए जगह बनवा रहे हैं।

इसके अलावा, गुरूग्राम के कुछ बड़े अस्पताल बिल्डर या अन्य संपति मालिको से संपर्क करके बैड की संख्या बढा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर सोमवार को मैदांता अस्पताल ने एम3एम डिवलेपर के साथ तालमेल करके सैक्टर 65 में 300-400 बैड लगाने की व्यवस्था करने की योजना बनाई है। अन्य अस्पताल भी इस प्रकार की व्यवस्था करने में लगे हैं। यही नहीं, प्रशासन का अमला यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि प्रत्येक अस्पताल जिलाधीश एवं उपायुक्त के निर्देशों के अनुसार कोविड मरीजों के लिए बैड उपलब्ध करवा रहा है।

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