मोदी केबिनेट ने हरियाणा को दी बड़ी सौगात , हरियाणा ऑरबिट रेल कॉरिडोर परियोजना स्वीकृत

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चंडीगढ़, 15 सितंबर : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सडक़ तंत्र के साथ-साथ रेल तंत्र को सुदृढ़ करने की हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सोच को आज एक और बड़ी सफलता मिली जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गठित आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट कमेटी ने 5617.69 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की हरियाणा ऑरबिट रेल कॉरिडोर परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। पलवल से सोनीपत तक बनने वाली यह नई विद्युतीकरण ब्रॉड गेज लाइन पाँच वर्ष में पूरी होगी।


लंबे अरसे से विवादों में रहे कुंडली-मानेसर एक्सप्रेस-वे को पूरा करवाने के उपरांत मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने के लिए कई परियोजनाएं केंद्र सरकार से स्वीकृत करवाई हैं। हरियाणा ऑरबिट रेल कॉरिडोर की 121.742 किलोमीटर लंबी यह दोहरी विद्युतीकरण ब्रॉड गेज लाइन होगी जो प्रतिदिन 20 हजार यात्रियों को रेल यात्रा की सुविधा उपलब्ध करवाएगी तथा हर वर्ष 50 मिलियन टन से अधिक माल ढुलाई करेगी।


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा ऑरबिट रेल कॉरिडोर परियोजना की अवधारणा प्रधानमंत्री के समक्ष नवंबर, 2018 में उस समय रखी थी जब प्रधानमंत्री सुल्तानपुर, गुरुग्राम में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे का उदघाटन करने आए थे। गुरुग्राम के विभिन्न पणधारकों ने भी इसके उपरांत फरवरी, 2019 में मुख्यमंत्री को प्रस्तुतिकरण दिया था। जुलाई, 2019 में हरियाणा मंत्रिमंडल ने भी इस योजना को स्वीकृति प्रदान की।


मुख्यमंत्री की पहल पर हरियाणा में हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास निगम लिमिटेड नाम से संयुक्त उद्यम बनाया गया है, जिसके अध्यक्ष लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा हैं। रेलवे व हरियाणा सरकार के इस संयुक्त उद्यम के माध्यम से हरियाणा में सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विभिन्न रेलवे प्रोजेक्ट क्रियान्वित किए जा रहे हैं, जिसमें प्राइवेट हितधारक भी निवेश कर सकेंगे।


उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला जिनके पास लोक निर्माण विभाग का कार्यभार भी है, ने भी इस परियोजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी होने उपरांत दिल्ली में यातायात दबाव कम होगा और गुरुग्राम, पलवल-फरीदाबाद जाने वाले यात्रियों को सीधी रेल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे व कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्ट्रन पेरिफेरल-वे बनने के बाद सडक़ के माध्यम से पहले ही गुरुग्राम, पलवल-फरीदाबाद और आगे आगरा तक सीधी यात्रा की सुविधा उपलब्ध है।


हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने परियोजना के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के साथ दिल्ली की ओर अंदर की तरफ 50 मीटर स्ट्रीप निर्धारित किया गया है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के मास्टर प्लान में भी इसे अनुमोदित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस रेलवे लाइन पर 19 स्टेशन होंगे, जिनमें 14 नये स्टेशन होंगे। इन नये स्टेशनों में न्यू पृथला, सिलानी, सोहना, धुलावत, चांदला डुंगरवास, मानेसर, न्यू पाटली, बाढ़सा, देवरखाना, बादली, मान्डोठी, जसौर खेड़ी, खरखौदा, किरडी तथा तारकपुर शामिल होंगे। वर्तमान पलवल रेलवे स्टेशन तथा प्रस्तावित डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर पृथला यार्ड से इसकी कनेक्टिविटी होगी।


श्री अरोड़ा ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुुरुग्राम, सोनीपत, पलवल, नूंह तथा झज्जर जिलों में सीधी कनैक्विटी होगी और एनसीआर में पडऩे वाले हरियाणा के इस उप क्षेत्र औद्योगिक,आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियां बढ़ेंगी तथा कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ पांच नये शहर बसाने अर्थात पंचग्राम विकसित करने में भी सहयोग मिलेगा।


जब परियोजना का निर्माण कार्य आरंभ होगा तो 76.30 लाख कार्यदिवस (मैन डेज) सृजित होंगे तथा विनिमार्ण क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे तथा आत्मनिर्भर भारत मिशन को सफल बनाने में भी यह परियोजना कारगर सिद्ध होगी।

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