हरियाणा सरकार का आदेश : सभी जिले में प्रत्येक शनिवार और रविवार को सभी निजी व सरकारी कार्यालय , दुकानें व माल्स बंद रहेंगे

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सुभाष चौधरी

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में एक बार फिर  कोविड-19 वायरस संक्रमण  की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए सभी जिले में  प्रत्येक शनिवार और रविवार को सभी दुकाने, प्राइवेट और सरकारी कार्यालयों को पूर्णतया बंद रखने का आदेश जारी किया है.  इसके साथ ही सभी शॉपिंग मॉल्स बाजार भी बंद रहेंगे. मुख्य सचिव जो हरियाणा स्टेट एग्जीक्यूटिव कमिटी के अध्यक्ष भी हैं की ओर से सभी जिला उपायुक्तों के नाम जारी आदेश में  यह स्पष्ट किया गया है कि सप्ताह के इन 2 दिनों में केबल एसेंशियल गुड्स और सर्विसेस  से संबंधित प्रतिष्ठान ही खोलने की अनुमति रहेगी. 

इस संबंध में हरियाणा की गृहमंत्री अनिल विज ने भी ट्वीट कर इस आशय की जानकारी दी है.  उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अगले आदेश तक प्रत्येक शनिवार और रविवार को सभी प्रकार की दुकानें व्यावसायिक प्रतिष्ठान, और सरकारी प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे. 

 हालांकि  इस प्रकार के प्रयोग के सुझाव पर पिछले डेढ़ महीने से प्रदेश सरकार विचार विमर्श कर रही थी. इससे पहले उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी यह प्रयोग किया गया है.  हरियाणा सरकार को उम्मीद थी कि 1 से 2 माह के अंतराल में ट्रेसिंग, ट्रैकिंग,  और टेस्टिंग  के फार्मूले पर चलते हुए कोविड-19 संक्रमण पर पूर्णता नियंत्रण  पा लिया जाएगा. स्थिति नियंत्रित तो हुई  लेकिन पूर्ण रोकथाम करना अब तक संभव नहीं हो पाया है.  गुरुग्राम सहित प्रदेश के सभी जिले में  कोविड-19 संक्रमण की टेस्टिंग की सुविधा तो कई गुना बढ़ा दी गई और कंटेनमेंट जोन पर शक्ति से नजर रखने की व्यवस्था भी की गई.  अब प्रतिदिन औसतन गुरुग्राम जैसे जिले में 100 से 150  कोरोना पॉजिटिव  के नए मामले आ रहे हैं  जबकि ठीक होने वालों की संख्या कई बार नए मरीजों की संख्या से अधिक रही.

 गौरतलब है कि  टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने  और  व्यवस्था को दुरुस्त करने  की कोशिश के बावजूद  औसतन प्रतिदिन100 से 150  नए मरीज  सामने आना चिंता का विषय है.  क्योंकि आरंभ के रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण देते हैं कि  शुरुआती दौर में भी गुरुग्राम में इसी अनुपात में प्रतिदिन नए पॉजिटिव के पाए जाते थे और इसको लेकर हाय तोबा मचाया जाता था. लोग  इतनी ही संख्या में नए मरीज मिलने  की खबर से बेहद परेशान हो जाते थे.  तब और अब में अंतर केवल यह है कि उस समय मरीजों के ठीक होने का प्रतिशत काफी कम था जबकि अब लगभग 80  प्रतिशत के आसपास है.

 बावजूद इसके प्रदेश सरकार ने सारी स्थितियों का आकलन करते हुए यह निर्णय लिया कि सप्ताह में कम से कम 2 दिन पूरे प्रदेश की जनता को उनके घरों तक ही सीमित रखा जाए जिससे कोविड-19 संक्रमण के क्रम को तोड़ा जा सकेगा.  हालांकि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में और जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के निर्देश हमेशा लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने और फेस मास्क पहनकर ही घरों से बाहर निकलने की हिदायत दिए जाते रहे हैं लेकिन मरीजों की संख्या लगातार कम होने से लोग बेपरवाह होने लगे. ऐसे में प्रदेश सरकार का यह निर्णय हरियाणा के लोगों को एक बार फिर इस संक्रमण के खतरे के प्रति आगाह करने के साथ-साथ पुनः संवेदनशील बनाने में भी मददगार साबित होगा. 

हालांकि प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा और वस्तुओं से संबंधित दुकानों व प्रतिष्ठानों को इन 2 दिनों में भी काम करने की  छूट जारी रखने का निर्णय लिया है लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि  कोविड-19  वायरस  संक्रमण के आरंभिक काल में भी  बहुत सारे ऐसे प्रतिष्ठान देखने को मिले थे जिन्होंने एसेंशियल सर्विसेज कि इस छूट का बेजा इस्तेमाल किया था.  अब यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन,  पुलिस,  उद्योग विभाग,  श्रम विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की होगी कि इस बार  सरकार की ओर से दी गई इस छुट का दुरुपयोग किसी भी स्तर पर नहीं हो अन्यथा इस व्यवस्था का परिणाम भी ढाक के तीन पात जैसा ही होगा.  यानी संक्रमण रोकने का लक्ष्य फिर अधूरा रह जाएगा.

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