पूर्वजों से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे : डॉ. चौहान

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ऑनलाइन मनाया सम्राट  पृथ्वीराज चौहान का जयंती समारोह


तरावड़ी किले के संरक्षण व शोध केंद्र पर जल्द काम शुरू करने की मांग

करनाल । पूर्वजों की शौर्य परंपरा से नई पीढ़ी का नाता जोड़ना बहुत आवश्यक है। इसके लिए इतिहास के गौरवपूर्ण अध्याय किताबों और अन्य माध्यमों  से युवाओं के सम्मुख रखने होंगे। यह कार्य सरकार और समाज दोनों को मिल कर करना होगा। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और निदेशक प्रो वीरेंद्र सिंह चौहान ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 857 वीं जयंती पर देश व्यापी लोक डाउन के चलते सम्राट पृथ्वीराज चौहान फाउंडेशन व सम्राट पृथ्वीराज चौहान विद्यापीठ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित वेब संगोष्ठी में अपने वक्तव्य में यह टिप्पणी की। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया ।

कार्यक्रम  का सञ्चालन  रेवाड़ी से एडवोकेट नरेश चौहान द्वारा किया गया । प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जब-जब पृथ्वीराज चौहान का जिक्र होगा तब तब उनकी युद्धभूमि के नाते हरियाणा के तरावड़ी का भी जिक्र होगा। पृथ्वीराज चौहान के एक किले के अवशेष यहां पर हैं जिसे अवश्य बचाया जाना चाहिए। उन्होंने तरावडी में नेशनल हाईवे के किनारे सम्राट पृथ्वीराज चौहान के नाम पर स्मारक व शोध संस्थान बनाने के पुरजोर प्रयासों के बारे में भी बताया। प्रो. चौहान ने कहा कि मनोहर  लाल खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने करनाल जिले के अंजनथली में बनी बागवानी यूनिवर्सिटी का नाम महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय रखा है और  तरावड़ी में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की स्मृति में भव्य स्मारक और शोध संस्थान स्थापित करने की मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की घोषणा को भी जल्द धरातल पर उतारा व उकेरा जायेगा ।

सम्राट पृथ्वीराज चौहान फाउंडेशन के अध्यक्ष कैप्टन कुंवर विक्रम सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि महान पूर्वजों के गौरवशाली कार्यों के प्रचार – प्रसार  में शर्म और संकोच नहीं  करनी चाहिए ।  उन्होंने फाउंडेशन के द्वारा बीते वर्षों  में राष्ट्रीय / अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्राट पृथ्वीराज चौहान पर केंद्रित घटनाओं, आंदोलन और उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए राष्ट्र गौरव चेतना अभियान व राष्ट्र के 22 प्रदेशों से निकाली गयी प्रताप ज्योति यात्रा का हवाला दिया जिसके माध्यम से हज़ारों की संख्या में लोगों के अंदर चेतना की ज्योति प्रज्ज्वलित हुई।

सोहना विधायक संजय सिंह ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान की जयंती पूरे प्रदेश में मनाई जाए। इसके लिए हमारा समाज आगे आये। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपना बलिदान देने वाले योद्धाओं के बारे में बताया जाना अत्यंत आवश्यक है जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी पर सकारात्मक प्रभाव पढ़े । उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों का स्वरुप ऐसा हो कि राष्ट्र के योद्धाओं को केवल याद ही न किया जाए बल्कि उनके जीवन से सीख भी ली जा सके ।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व निदेशक डॉ. डी. वी.  शर्मा ने कहा कि हरियाणा के जर्रे जर्रे पर योद्धाओं की दास्तानें  बिखरी पड़ी हैं, जिन्हें तलाश कर नए सिरे से संजोने की आवश्यकता है। उन्होंने तरावड़ी स्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान के किले को राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक घोषित किए जाने की मांग की ।

सेवानिवृत्त आई. ए. एस. हुकुम सिंह राणा ने एतिहासिक फिल्मों में होने वाले विवाद के मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इतिहास के विशेषज्ञों का समूह बनाया जाए जो इस तरह की परिस्थितियों में अपनी निर्णायक भूमिका निभाए। इस प्रकार का प्रयास विभिन्न भ्रांतियों से बचने में सहायक होगा और हमारी आने वाली युवा पीढ़ी को इतिहास की सही जानकारी मिल सकेगी ।

अरिदमन सिंह ने कहा कि केवल जयंती पर ही महापुरषों को याद न किया जाए बल्कि दैनिक व्यवहार में उनके दिखाए आदर्शों का भी अनवरत रूप से अनुपालन के प्रयास किये जाएं । उन्होंने राजपूत एकता को बढ़ाने पर बल दिया।

सेवानिवृत्त मौसम वैज्ञानिक श्री पी एन सिंह ने युवाओं को गुणों को धारण करने की प्रेरणा देने योग्य वातावरण विकसित करने की पैरवी की और युवाओं का आह्वान किया कि वे सम्राट पृथ्वीराज चौहान के गुणों को जानें और धारण करें ।

कर्नल संतपाल राघव ने सम्राट पृथ्वी राज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच हुए विभिन्न युद्धों के तकनीकी पक्ष को रखा और दोनों पक्षों द्वारा अपनाई गयी युद्धनीति व उनके प्रभावों का आकलन किया ।  इस्लामिक शासकों की विस्तारवादी नीती का वर्णन करते हुए कर्नल राघव ने भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को इससे निपटने में पृथ्वीराज चौहान के सामान सक्षम बताया ।

युवा नेता विनोद राणा थम्बड , शांतनु चौहान व तेजा सिंह तंवर ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान की स्मृति में आयोजित इस वेब संगोष्ठी के आयोजन हेतु धन्यवाद प्रकट करते हुए राजपूत समाज के विकास के लिए सबको एकजुट होने का संदेश दिया।

अधिवक्ता नरेश चौहान ने आयोजकों व उपस्थित सभी महानुभावों का आभार प्रकट किया और सभी सदस्यों का सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियों को भारत वापिस लाने के लिए एकजुट हो जोरदार प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सरकार के प्रतिनिधियों से कहा कि वे फाउंडेशन की इस मांग को सरकार तक पहुंचाए

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