ऑनलाइन व डिस्टेंस लर्निंग में गुरूग्राम जिला ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया

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गुरूग्राम, 8 मई। कोविड-19 लाॅकडाउन के दौरान हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई आॅनलाइन तथा डिस्टेंस लर्निंग पहल में गुरूग्राम जिला ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गुरूग्राम जिला में 70 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सरकार की इस पहल का लाभ उठाया है जबकि अन्य जिलों में यह संख्या काफी कम है।

देश भर में कोविड-19 को लेकर लागू किए गए लाॅकडाउन के दौरान हरियाणा प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित ना हो, इसके लिए जहां एक ओर केबल टीवी नेटवर्क पर एजुसैट की कक्षाएं शुरू की गई हैं वही दूसरी ओर अध्यापकों द्वारा व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन पाठ्य सामग्री भेजी जा रही है। शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में अध्यापकों द्वारा नए-नए रचनात्मक तरीके अपनाए जा रहे हैं। अध्यापक भी विद्यार्थियों के पढ़ाई को लेकर संशय दूर करने के लिए तत्परता से प्रयासरत हैं। गुरूग्राम के उपायुक्त अमित खत्री ने ई-लर्निंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए जिला में शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा अध्यापकों को बधाई दी है।

लाॅकडाउन के कठिन समय में आॅनलाइन तथा दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने पर जिला के शिक्षकों को बधाई देते हुए उपायुक्त अमित खत्री ने कहा कि यद्यपि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पास साधन सीमित होते हैं, परंतु सीमित साधनों में भी जिला के शिक्षकों को आॅनलाइन शिक्षा का लाभ ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचाने के प्रयास जारी रखने चाहिए। जो विद्यार्थी किसी कारणवश अभी तक इस आॅनलाइन अथवा दूरस्थ शिक्षा से नही जुड़ पाएं हैं , उन्हें भी इससे जोड़ने के प्रयास किए जाएं तथा उन्हें एजुसैट या केबल टीवी अथवा वाट्स एप गु्रप आदि जो भी माध्यम हो उससे शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया जाए।

जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन ने बताया कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाए गए हैं जिनके एडमिन क्लास टीचर को बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अध्यापक यूट्यूब चैनलों तथा अपनी वीडियो बनाकर ग्रुप में अपलोड कर रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में असुविधा ना हो। विद्यार्थी अध्यापकों को वीडियो कॉल करके भी उनके संशयो को दूर कर रहे हैं। इसके अलावा जूम एप के माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मोबाइल एप से विद्यार्थी बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ई-लर्निंग को लेकर कई विकल्पों पर काम किया जा रहा है और प्रभावी विकल्पों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जिला में ई-लर्निंग कर रहे विद्यार्थियों का फीडबैक भी लिया जा रहा है ताकि उसी अनुरूप आवश्यक सुधार किए जा सके। उन्होंने बताया कि प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा रोजाना 20-20 विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों से फीड बैक लिया जा रहा है। इस प्रकार,रोजाना जिला के 80 विद्यार्थियों से फोन पर बातचीत कर अध्यापन-कार्य में सुधार को लेकर उनका फीडबैक लिया जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन स्वयं इन 80 विद्यार्थियों में से किन्ही 20 को फोन करके ई-लर्निंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों द्वारा कई इनोवेटिव आइडियाज भी निकाले जा रहे हैं। कुछ अध्यापक बच्चों को ठीक से पढ़ाने के लिए अपने घरों के दरवाजों को ब्लैकबोर्ड की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन के अनुसार ऑनलाइन क्लासेज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जिन विद्यालयों में यदि किसी विषय के टीचर नहीं है तो दूसरे विद्यालय के संबंधित सब्जेक्ट के टीचर की वीडियो ग्रुप में शेयर कर दी जाती है। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए पाठ्य सामग्री भी तैयार कर ली गई हैं और उसी के अनुरूप बच्चों को शिक्षा दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिन घरों में स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए भी दूसरे विकल्पों पर काम किया जा रहा है।

सक्षम सैल हरियाणा कक्षावार भेज रही है वीडियो लिंक –

गुरूग्राम जिला के विद्यार्थियों को दिशा एप, संपर्क बैठक, ई-पाठशाला, स्वयम पोर्टल के माध्यम से भी अध्यापन कार्य करवाया जा रहा है। सक्षम सैल हरियाणा की तरफ से भी प्रतिदिन कक्षावार वीडियो लिंक और अभ्यास वर्कशीट भेजी जाती है जिनको संबंधित विद्यार्थियों तक आधुनिक सोशल तकनीक से पहुंचाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त एजुसैट के माध्यम से विद्यार्थियों को अलग-अलग चैनलों पर विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। विद्यर्थियों को इनके माध्यम से भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

विभिन्न आधुनिक प्लेटफार्म से बच्चों को दी जा रही है शिक्षा –

जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन का कहना है कि सभी अध्यापकों के लिए ये जरूरी किया गया है कि वे प्रतिदिन के आधार पर कराए गए काम को अपनी डायरी में नोट रखेंगें। साथ ही लॉकडाउन की इस परिस्थिति में विद्यार्थियों के लिए कई प्रकार के प्लेटफार्म पर कार्य करवाने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें मुख्य रूप से व्हाटस एप के माध्यम से अध्यापक द्वारा अपने विषय और कक्षानुसार पाठ योजना और गृह कार्य भेजना, विद्यार्थियों के भेजे गए गृह कार्य को जांचना और विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी विषय संबंधी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि अध्यापकों द्वारा अपने विषय की विडियो बनाकर भी बच्चों से सांझा की जा रही है।

 

वहीं कुछ अध्यापक एनसीईआरटी और एससीईआरटी द्वारा बनाई गई अध्ययन सामग्री को भी विद्यार्थियों को ई लंर्निग माध्यम से पंहुचा रहे हैं।जिला गुरुग्राम के 6 केबल संचालकों को ट्राई तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए हरियाणा एजुसेट चैनल सिटी केबल पर चलाए जा रहे है। उन्हें इसकी फ्रीक्वेंसी के बारे में अवगत करवा दिया गया है । उन्होंने बताया कि केबल संचालकों को हरियाणा एजुकेट चैनलों के प्रसारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।

केबल चैनलों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि फास्टवे केबल द्वारा चैनल नंबर- 296, 297, 298 तथा 299, शीतला डिजीटल केबल द्वारा चैनल नंबर-44,45, 47 तथा 49 , सिटी केबल द्वारा 617, 618, 619, 620 , डेन केबल द्वारा चैनल नंबर-514 , 515, 519, 521 , श्याम केबल नेटवर्क पर चैनल नंबर- 697 , 698, 699 तथा 700 , एबीसी केबल नेटवर्क पर 146, 147 , 148 तथा 149 पर इनका प्रसारण किया जा रहा है।

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