लॉक डाउन में बुजुर्गों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहना सिखा रहा है जिला प्रशासन

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प्रतिदिन की दिनचर्या बनाने और, अपनी कोई हॉबी विकसित करने पर दे रहे हैं बल

गुरुग्राम, 6 अप्रैल। गुरुग्राम जिला प्रशासन जहां एक ओर जरूरतमंदों तथा गरीबों तक प्रतिदिन खाने के पैकेट पहुंचा रहा है और क्षेत्र को संक्रमण मुक्त रखने के लिए डिकॉन्टेमिनेशन अभियान चलाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कोविड-19 लॉक डाउन के दौरान लोगों विशेषकर बुजुर्गो का सोशल मीडिया के माध्यम से मार्गदर्शन भी कर रहा है कि वे इस लॉक डाउन के समय को अपने घर के अंदर कैसे बिताएं, कैसे अपने मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखें।


इस आधुनिक दौर में बुजुर्ग अपने आप को अकेला महसूस करते हैं। समय बिताने के लिए अपने हमउम्र लोगों से मिलने पार्क चले जाया करते थे। अब लॉक डाउन में यह सम्भव नहीं। इसी तथ्य को समझते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने राहत कार्यों के साथ-साथ बुजुर्गों का मार्गदर्शन करने का अभियान भी शुरू किया है।

इसके लिए सोशल मीडिया पर बुजुर्गो के लिए पोस्टर बनाकर डाले जा रहे हैं कि वे लॉक डाउन की अवधि में अपने घर के अंदर रहते हुए अपना समय कैसे व्यतीत करें, कैसे अपने आप को व्यस्त रखें। लॉक डाउन लगा हुआ है तो जाहिर है बुजुर्ग घर से बाहर तो जा नहीं सकते और घर के अंदर रहते है तो कहते हैं कि बोर हो गए, क्या करें।

फिर एक-दो दिन की बात हो तो जैसे तैसे समय काट भी लें, यह लॉक डाउन भी पूरे 21 दिन का है। ऐसे में बुजुर्ग अपना मानसिक स्वास्थ्य कैसे ठीक रखें, इसके लिये उन का मार्गदर्शन किया जाना अति आवश्यक है। बुजुर्गो की इस जरूरत को समझते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर पोस्टर बनाकर डालने शुरू कर दिए हैं जिसमें बुजुर्गो को बताया जा रहा है कि वे प्रतिदिन का अपना एक रूटीन बनाएं, पॉजिटिव रहें और कोविड-19 के बारे में कम से कम समाचार देखें।


उन्हें यह समझाया जा रहा है कि वे घर से बाहर नहीं जा सकते इसलिए कोई इंडोर गेम खेलना शुरू करें । कुछ समय के लिये टी वी पर टेलीकास्ट किये जा रहे सीरियल भी देख सकते हैं या कोई हॉबी जैसे गार्डनिंग, पेंटिंग आदि अपना सकते हैं। इसके अलावा, मैडिटेशन, योग या हल्की फुल्की एक्सरसाइज भी कर सकते हैं। अच्छा खाएं, समय पर सोए और अपने नाती, पोते पोतियों के साथ समय बिताए।

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