सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के प्रचार अमले की चार दिवसीय कार्यशाला शुरू, नए विकास गीत तैयार करने पर बल

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गुरुग्राम, 12 फरवरी। फरीदाबाद तथा गुरूग्राम मण्डलों में पड़ने वाले जिलों में कार्यरत हरियाणा के सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के प्रचार अमले की चार दिवसीय कार्यशाला आज से शुरू हुई। इसमें प्रचार अमले को राज्य सरकार की नई उपलब्धियों से अवगत करवाते हुए प्रचार के लिए नए गीत तैयार करवाए जाएंगे। इस कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर विभाग में नवगठित विशेष पब्लिसिटी सैल के चेयरमैन राॅकी मित्तल ने प्रचार अमले को संबोधित करते हुए कहा कि वे सरकार की उपलब्धियों पर आधारित नए व आकर्षक विकास गीत तैयार करें।

उन्होंने कहा कि विभागीय भजन मण्डलियों की 3 से 6 मार्च तक कुरूक्षेत्र में प्रतियोगिता करवाई जाएगी और उसमें अव्वल रहने वाली मण्डलियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा जिससे विभागीय लोक कलाकारों का मनोबल बढेगा। साथ ही उन्होंने प्रचार अमले से कहा कि वे सरकार की उपलब्धियों पर जो नए गीत तैयार करेंगे, उनकी छोटी-छोटी वीडियोे क्लिप रिकाॅर्ड करके सोशल मीडिया पर अपलोड की जाएगी जिससे विभागीय लोक कलाकारों की कला ना केवल हरियाणा प्रदेश बल्कि विश्वभर के दर्शकों तक पहुंचेगी।

उन्होंने कलाकारों से कहा कि दर्शकों पर छाप छोड़ने के लिए वे अपना आत्मविश्वास ऊंचा रखें तथा जोश के साथ प्रस्तुतियां दें।   उन्होंने विभागीय लोक कलाकारों को अच्छे गीत तैयार करने के तौर-तरीके बताते हुए कहा कि वे अलग-अलग थीम जैसे कृषि, महिला सुरक्षा व कल्याण, बाल सुरक्षा, विद्यार्थियों, युवाओं, वृद्धों आदि के लिए बनाई गई योजनाओं पर आधारित अलग-अलग गीत बनाएं। गीत प्रस्तुत करने से पहले उसकी भूमिका बनाए और इस बात का वर्णन करें कि पहले स्थिति क्या थी, जिसमें बदलाव होने के बाद अब लोगों को किस प्रकार सरकार द्वारा सुविधा दी गई है।

राॅकी मित्तल ने विशेष रूप से नशे की प्रवृति के खिलाफ गीत बनाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि विभागीय प्रचार अमला सरकार की नीतियों का प्रचार करने के साथ-साथ अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर भी चोट करे ताकि हमारी भावी पीढ़ियां गलत रास्ते पर ना चले। उन्हें बताएं कि नशाखोरी के दुष्परिणाम क्या होते हैं।  उन्होंने कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उदाहरण देकर लोगों को बताएं की गंदगी से बिमारियां फैलती हैं और उन्हें अपने घर तथा आस-पास के क्षेत्र में सफाई रखनी चाहिए। साथ ही श्री मित्तल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में लाल डोरा बढाने की मांग जगह-जगह से आ रही थी जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने लाल डोरा खत्म करने की योजना बनाई है और इसकी शुरूआत करनाल जिला के गांव सिरसी से हो चुकी है।

गांव सिरसी इस वर्ष 26 जनवरी  को प्रदेश का पहला लाल डोरा मुक्त गांव बन चुका है, इसी प्रकार प्रदेश के सभी गांव लाल डोरा मुक्त बनेंगे।  इससे पहले कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यविभाग के पूर्व निदेशक व हरियाणा के विख्यात रंगकर्मी और फिल्म कलाकार अनूप लाठर, जिन्हें हरियाणवी आॅर्केस्ट्रा का जन्मदाता माना जाता है ने अपने अनुभव सांझे करते हुए कि सभी लोक कलाकार अपनी रचनाओं को समसामयिक बनाएं और लोगों के हैपिनेस इंडेक्स को बढाने के तौर तरीके खोजे। श्री लाठर ने हरियाणा में लोक कलाकारों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नौजवानो के कंधो पर ही कल्चर अर्थात् संस्कृति को आगे बढाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कलाकार में हमेशा सीखने की ललक होनी चाहिए और वह दर्शकों को बांधे रखने के तरीके अपनाएं। उन्होंने प्रचार को प्रभावी बनाने के नुस्खे बताए और कहा कि सभी कलाकार अपने जीवन को एक ध्येय लेकर चले कि उन्हें अपनी कला के माध्यम  से समाज में अपनी एक अलग पहचान बनानी है, जो उन्हें मान-सम्मान दिलाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकार हर बार अपनी प्रस्तुति इस प्रकार से दें कि जैसे कि उनकी पहली प्रस्तुति है। उन्होंने कहा कि गायक और साजिंदे हमारी धरोहर हैं और देखते ही देखते सारंगी तथा बांसली के साजिंदे हमारे देखते-देखते प्रदेश से लुप्त हो गए, इसलिए इन विधाओं को सीखे तथा आगे बढाएं। शुभारंभ अवसर पर विभाग के संयुक्त निदेशक आर एस सांगवान ने कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डाला और अतिथियों का स्वागत किया

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