हाई कोर्ट ने ‘छपाक’ फिल्म के निर्माताओं से कहा : सहयोग के लिए पीड़िता के वकील को श्रेय दें

Font Size

नयी दिल्ली, 11 जनवरी :  दिल्ली उच्च न्यायालय ने दीपिका पदुकोण अभिनीत ‘छपाक’ फिल्म के निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे तेजाब हमला पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल की वकील को फिल्म में सहयोग देने के लिए श्रेय दें। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने आदेश दिया कि सिनेमाघरों में फिल्म के स्लाइडों में 15 जनवरी तक बदलाव कर लिया जाए।

अदालत ने फिल्म के निर्माता5 फॉक्स स्टार स्टुडियो की याचिका पर यह फैसला सुनाया। स्टुडियो ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती थी कि जिसमें वकील अपर्णा भट को श्रेय देने को कहा गया था। फिल्म पिछले शुक्रवार को रिलीज हुई है।

याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को अदालत ने निर्माताओं से पूछा कि उन्होंने वकील से मिले सहयोग और जानकारी के लिए उनको श्रेय क्यों नहीं दिया।

अदालत ने पूछा कि वकील को श्रेय देने में क्या परेशानी है और निर्माता उनसे सहयोग लेने गए ही क्यों थे।

इसपर निर्देशक मेघना गुलजार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सोनी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ था और सहयोग या सूचनाएं प्राप्त करने का यह मतलब नहीं है कि उन्हें श्रेय पाने का कानून हक मिल गया है।

स्टुडियो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने कहा कि निचली अदालत ने आदेश सुनाने से पहले उनकी दलीलें नहीं सुनी और अंतरिम आदेश सुना दिया, जोकि सामान्य नहीं है।

भट की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख ने कहा कि उन्होंने लक्ष्मी के लिए शुरू से आखिर तक लड़ाई लड़ी और कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया। मेघना गुलजार उनके पास मदद और जानकारी पाने गई थीं।

Table of Contents

You cannot copy content of this page