गुरूग्राम में पर्यावरण पर रीजनल कांफ्रेंस का आयोजन

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कचरा प्रबंधन व फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी के प्रबंधन को लेकर होगा मंथन 

10 व 11 जनवरी को हिपा गुरुग्राम में होगा कांफ्रेंस का आयोजन

‘डेवलपमेंट मस्ट बट, एनवायरमेंट फस्ट’ पर होगी चर्चा 

गुरुग्राम। हरियाणा के एनसीआर में पड़ने वाले क्षेत्र में कचरा प्रबंधन तथा फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी के प्रबंधन को लेकर आगामी 10 और 11 जनवरी को गुरूग्राम में पर्यावरण पर रीजनल कांफ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है। गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही इस कांफ्रेंस का थीम ‘डेवलपमेंट मस्ट बट, एनवायरमेंट फस्ट’ अर्थात् विकास जरूरी परंतु पर्यावरण उससे पहले है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह दो दिवसीय रीजनल कांफ्रेंस 10 जनवरी को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान गुरूग्राम के परिसर में शुरू होगी। इसमें 3 टैक्निकल सैशन ड्राईविंग फोर्सिस-प्रैसर्स-स्टेट-इम्पेक्ट्स- रिस्पोंसिज (बीपीएसआईआर) फे्रमवर्क पर होंगे जिनमें एक्शन प्लान पर चर्चा होगी। इसके अलावा, हरियाणा तथा एनसीआर में ठोस कचरा प्रबंधन के विषय पर चर्चा की जाएगी जिसमंे मुख्य रूप से फोकस म्युनीसीपल सोलिड वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट तथा सी एण्ड डी वेस्ट पर रहेगा। इस सत्र में इन विषयों पर वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की परिस्थितियों पर विचार करते हुए उनका समाधान तलाशने के प्रयास किए जाएंगे। इस सत्र में संबंधित सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों तथा गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा, आरडब्ल्यूए और शिक्षा जगत से भी प्रतिनिधि भाग लगेंगे ।
रीजनल काॅंन्फे्रंस के पहले दिन के दूसरे सत्र में हजार्ड्स वेस्ट मैनेजमेंट के मुद्दे पर चर्चा होगी जिसमें बायोमैडिकल वेस्ट तथा ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस रखते हुए वर्तमान व भविष्य की जरूरतों पर विचार किया जाएगा। इस सत्र में आरडब्ल्यूए तथा शिक्षा जगत के अलावा, इंडियन मैडिकल एसोसिएशन, नीमा तथा अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसी प्रकार तीसरे सत्र में एफल्युएंट मैनेजमेंट अर्थात् घरों व फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित जल के प्रबंधन विषय पर चर्चा होगी। इसमें वर्तमान प्रणाली में गैप तथा भविष्य में उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के उपायों के बारे में विचार विमर्श होगा। इस तीसरे सत्र में आईआईटी रूडकी के विशेषज्ञ भी अपनी राय देंगे।

उन्होंने बताया कि शनिवार 11 जनवरी को प्रातः 10 बजे से पुनः काॅन्फें्रस शुरू होगी जिसमें हरियाणा के पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपना वक्तव्य देंगे। काॅन्फे्रंस के दूसरे दिन एनजीटी द्वारा गठित घग्गर मोनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन जस्टिस (सेवानिवृत) प्रीतमपाल का संबोधन होगा। इसी दिन एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस (सेवानिवृत) आदर्श कुमार गोयल मुख्य वक्ता होंगे। इनके अलावा, हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव वी उमाशंकर द्वारा हरियाणा में वेस्ट मैनेजमेंट रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कार्यशाला के पहले दिन हुए विचार विमर्श का निष्कर्ष पर प्रैजेन्टेशन दी जाएगी। इसी प्रकार की प्रैजेन्टेशन दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकारों के प्रतिनिधियों द्वारा भी पर्यावरण विषय तथा भविष्य की रणनीति पर दी जाएगी। एनजीटी द्वारा पंजाब की नदियों व दरियाओं के बीच प्रदूषण को रोकने के लिए गठित निगरानी कमेटी के चेयरमैन जस्टिस जसबीर सिंह की अध्यक्षता में दूसरा सत्र आयोजित किया जाएगा जिसमें सदस्य बी एस सजवान भी उपस्थित रहेंगे।

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