हमारी परंपराओं के साथ जुडना होगा : रितू गोयल

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गुरुग्राम : रितू गोयल ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ,स्वच्छता अभियान, कौशल शिक्षा से प्रेरित होकर किशोर किशोरी विकास शिक्षा का विचार मन में उत्पन्न किया। उन्हें लगा इन मुद्दों पर काम करने के लिए भावी पीढ़ी ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसा विचार मन में रखकर उन्होंने किशोर किशोरियों में नैतिक मूल्यों पर काम करना शुरू किया। जो कहीं ना कहीं भाग दौड़ के जीवन में विद्यार्थियों से पीछे छूटता जा रहा था है।

 

बुधवार को गोल्ड फील्ड स्कूल हंस एंक्लेव तथा गवर्मेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल झाड़सा में किशोर किशोरी विकास के तहत जाना हुआ । रितु गोयल ने माता पिता गुरु के बारे में बच्चों से चर्चा की। उन्होंने बताया माता, पिता, गुरु हमारे जीवन की वो मजबूत नींव हैं जिन पर हम खड़े हैं। हमारा हम से भी परिचय यही गुरूजन करवाते हैं। परंतु आज के बच्चे प्रथम आने की दौड़ में अपने संस्कार और नैतिक मूल्य पीछे छोड़ते जा रहे हैं। हमारे देश का असली धन बैंकों में नही विद्यालयों में है।

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आज समाज में हिंसा ,अशांति, अराजकता इतनी फैली हुई है अगर हम इन से मुक्ति चाहते हैं तो हमें हमारी परंपराओं के साथ जुडना होगा ।
रितु गोयल ने किशोरियों को भी समझाते हुए कहा कि बेटियों को खूब मन लगाकर पढ़ना चाहिए क्योंकि एक बेटी दो परिवारों का भविष्य संवारती है। बेटियों को माता पिता के सम्मुख बैठकर अपने परिवार का चिंतन करना चाहिए। लड़कियों को अधिकार नहीं सम्मान की आवश्यकता है

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