पीएम मोदी की राहुल गांधी को चुनौती !

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नई दिल्ली : प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल को दिए चुनाव प्रचार के आखिरी साक्षात्कार में कहा कि राहुल गांधी के परिवार के कई लोग प्रधानमंत्री रहे हैं. राहुल गांधी मेरी माता जी की चिंता ना करें.  मेरे माता-पिता ने इस देश का कोई नुकसान नहीं किया है और अगर राहुल गांधी के पास कोई जानकारी हो तो मैं उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस का खर्च देने को तैयार हूं और वह देश के सामने ला सकते हैं. मैं उन्हें चुनौती देता हूँ. पीएम ने कहा कि मेरे पिता कभी भी किसी पब्लिक लाइफ में नहीं थे फिर भी अगर किसी प्रकार का कोई गुनाह किया हो तो वह स्वतंत्र हैं इस बात को सामने रखने को. उन्होंने कहा कि कृपा करके मेरी माता पिता पर राहुल गांधी दया मत खाइए.  आप जितनी आलोचना करना चाहते हैं करो.

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के रूप में किसी प्रकार की किसी भी परिवार के किसी भी सदस्य ने जो कुछ भी किया है उसकी चर्चा हमेशा होगी अच्छा और बुरा दोनों प्रकार की चर्चाएं होंगी उनकी आलोचना भी होगी और उनकी सराहना भी होगी.  उन्होंने कहा कि आज देश में महात्मा गांधी की भी आलोचना होती है. उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी कि आप मेरे माता पिता पर दया मत खाइए अगर कोई उन्होंने गलती की है तो आज भी 19 तारीख को पोलिंग अंतिम चुनाव होने हैं उससे पहले आप देश के सामने अपनी बात तथ्यों के साथ रख सकते हैं.

 

पीएम ने कहा कि यह चुनाव 2014 की तुलना में बहुत अच्छा रहा . इस चुनाव में एक बात विशेष है कि पहले सरकार ऐसी थी कि चुनाव आते ही पहले वह पस्त हो जाती थी . अपना आत्मविश्वास खो देते थे.  लेकिन इस बार आपने देखा कि वर्तमान सरकार मजबूती से जनता के सामने है. 2009 और 2014 में बड़ा फर्क था . चुनाव के समय ही आईपीएल मैच भी हो रहे हैं और आईपीएल मैच कराने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में रैली में लोग मौजूद होते थे. पिछली बार आईपीएल आयोज को विदेश भेजना पड़ा था. इस बार आईपीएल मैच, रामनवमी का त्यौहार, रमजान का त्यौहार, हनुमान जयंती और ईस्टर  सब कुछ चलता रहा एक साथ और चुनाव प्रचार भी चलता रहा. इसे दुनिया ने सराहा है. भारत कितने काम एक साथ कर सकता है यह दुनिया ने देखा है. यह सब कुछ होता रहा लेकिन मीडिया वाले इसे दिखाने के लिए भूल गए.

23 मई के चुनाव परिणाम आने के बाद रीजनल पार्टी की भूमिका के सवाल पर पीएम ने कहा कि 23 तारीख को जो रिजल्ट आएंगे उसे देश में एक मजबूत सरकार बनेगी. भाजपा पहले से अधिक सीटों के साथ पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने जा रही है. जीत का मार्जिन भी बढ़ने वाला है. भाजपा का भौगोलिक पहुंच भी बढ़ने वाला है. लेकिन मैं सिर्फ सरकार चलाने की इरादे से नहीं हूं . हमें देश चलाना है और देश अकेला मोदी नहीं चला सकता.  देश चलाने के लिए सभी दलों को व सभी नेताओं को साथ लेना पड़ता है. 

राजनीतिक गिरावट के सवाल के जवाब में पीएम ने कहा कि यह जवाब देने की जिम्मेदारी विपक्ष की ज्यादा है .  विपक्ष के पास पर न नेता है और न अनुभव है. मैं पहले दिन से ही कह रहा हूं विपक्ष का मिलन तेल और पानी जैसा मिलन का अनुभव  है.

 

पीएम ने कहा कि कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए किस प्रकार का खेल खेला गया.   हाथ पकड़ पकड़ कर फोटो दिखा रहे थे. अपनी एकता लोगों के सामने प्रदर्शित कर रहे थे.  उन्होंने कहा कि विपक्ष पर यह गाना लागू होता है कि मिलते हैं यहां लोग मिल कर बिछड़ने को.  उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग यह कोशिश करते हैं जनता को भ्रमित करने का लेकिन जनता इसे सब समझती है. उनके पास न जोगरफी है , ना गणित है और ना ही केमिस्ट्री  है. इस बार देश के सभी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन मिलने जा रहा है और पूरे दमखम के साथ एनडीए की सरकार बनेगी.

 

पश्चिम बंगाल में भाजपा की रैली पर पथराव और हिंसा के सवाल पर उनका कहना था कि  लोकतंत्र में मोदी के खिलाफ आवाज उठाने का उनका पूरा अधिकार है. मोदी का कोई विरोध करें मैं उसे अच्छा मानता हूं. सवाल यह है कि 1 साल के अंदर अंदर वहां पंचायतों के चुनाव हुए.  उस वक्त चुनाव कैसे हुए थे लोगों को नामांकन के लिए कोर्ट में जाना पड़ा. नामांकन तक भरने नहीं दिया गया. टीएमसी का पराजय हुआ और जो लोग जीत गए उनके घर जला दिए गए उनकी हत्या कर दी गई.  उम्मीदवारों को मारा जा रहा था. पीएम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में उसी आसपास में पंचायतों के चुनाव हुए एक भी हिंसा की कोई घटना नहीं हुई लेकिन पश्चिम बंगाल में इतनी खराब स्थिति रही.

 

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो भी मुसीबतें आई हैं पंचायतों के चुनाव तो राज्य सरकार के चुनाव अधिकारी का काम था और तब वहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई इसलिए उनकी भूमिका पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है.  यह राज्य के निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी थी उनके क्रियाकलाप भी संदेह के दायरे में यह जांच का विषय है.

 

उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमिशन ने फ्री एंड फेयर इलेक्शन कराने की पूरी कोशिश की लेकिन वहां हिंसा का दौर चला दिया गया.  उन्होंने कहा कि ममता जी का गुस्सा मोदी पर नहीं भाजपा पर नहीं बल्कि बंगाल की जनता पर है. उन्होंने कहा कि ममता सरकार की ओर से परेशानियां पैदा की जा रही हैं केवल बंगाल की जनता के लिए.  वहां जनता और टीएमसी सरकार के बीच में लड़ाई है.

 

कांग्रेस के न्याय योजना के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि  2004, 2009 और 2014 का कांग्रेस पार्टी का इलेक्शन में मेनिफेस्टो का तुलनात्मक अध्ययन कर लें आपको पता चलेगा कि इन तीनों ही समय में कांग्रेस पार्टी ने घर घर में बिजली देने का वायदा किया था लेकिन आज 2014 में जो हमने काम शुरू किया उसे पूरा करने में अब भी कुछ समय लगेंगे.   इसलिए उनका रिकॉर्ड वायदा पूरा करने को लेकर कैसा रहा है यह देश के सामने है.

 

आर एस एस की आलोचना करने की सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को किसी ने  आर एस एस शब्द पकड़ा दिया है. उन्हें तो आर एस एस का फुल फॉर्म तक नहीं पता.  बस केवल आलोचना करते रहते हैं.  अगर कभी उनसे सवाल जवाब हो तो उन से पूछिए कि आर एस एस का फुल फॉर्म क्या है यह उन्हें पता नहीं होगा.

 

उन्होंने कहा कि मेरी पिताजी चाय बेचते थे . मैं चाय बेचता था कि उनके पिताजी ने मेरी दुकान पर चाय पीकर पैसे नहीं दिए जो मेरी उनसे व्यक्तिगत कोई लड़ाई होगी. मेरी उनसे कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है. मैं तो देश हित में बात करता हूं.

 

साध्वी प्रज्ञा की ओर से नाथूराम गोडसे पर दिए गए बयान के सवाल पर पीएम ने कहा बनाया है उसकी खूब निंदा करनी चाहिए.  उन्होंने माफी मांगी है लेकिन मैं मन से उन्हें माफ नहीं कर पाऊंगा.

टाइम मैगजीन द्वारा छापे गए कवर पेज के सवाल पर उन्होंने कहा कि कि इस मैगजीन के चलाने वाले के पिताजी पाकिस्तान के बैकग्राउंड से हैं उन्होंने खुद ही स्वीकार किया है.  उन्होंने कहा कि हमारे भारत का यह चरित्र है कि जब भी कोई परेशानी आती है कोई विषम परिस्थिति आती है पूरा देश एक साथ खड़ा हो जाता है और इस बात को हमेशा देश की जनता ने साबित किया है. चाहे वह अमरनाथ यात्रियों पर हमले की बात हो श्रीनगर में हमले की बात हो या पठानकोट हमले की बात हो हमारे देश की विशेषता है कि हमारे देश की एकता विविधता में है और उसे  विभाजित करने में कोई सफल नहीं हो सकता. इस देश को इस देश की जनता ने बनाया है यहां के धर्मगुरुओं ने बनाया आचार्यों ने बनाया है आम जनता का इसमें योगदान है. इसमें कांग्रेस और भाजपा ने इस देश को नहीं बनाया.

प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के योगदान पर कहा कि दांडी यात्रा 1930 की घटना है और वह देश की आजादी के लिए टर्निंग प्वाइंट था लेकिन सभा 100 साल तक कांग्रेस पार्टी ने उसे भुला दिया.  मेरी सरकार ने स्मारक बनाया पहले वहां 10000 लोग आते थे आज बड़ी संख्या में लोग आने लगे हैं और महात्मा गांधी के देश के प्रति योगदान को आज युवा पीढ़ी भी बहुत करीब से जानना चाहते हैं उन्हें उनकी बड़ी रुचि है.

प्रधानमंत्री ने कहा श्यामजी कृष्ण वर्मा ने वीर सावरकर और  मदन लाल धींगरा जैसे कई बड़े स्वतंत्रता सेनानियों को इसका शिकार इंग्लैंड बुलाया और वहां पढ़ाई में उन्हें मदद की.  1930 के आसपास उन्होंने ऐसे लोगों को मदद की और पढ़ाई पूरी करने के बाद भी भारत जाकर अंग्रेजो के खिलाफ लड़ी. उनकी मृत्यु हो गई और आज तक उनकी उनकी अंतिम इच्छा थी कि जब देश आजाद हो तो उनकी अस्थियों को अपने देश ले जाए जाए लेकिन आज तक नहीं हुआ और जब हम प्रधानमंत्री बने तब हम उनकी अस्थियों को अपने देश लेकर आए.

उन्होंने दावा किया कि मेरी भूमिका केवल और केवल देश है.

23 मई के चुनाव परिणाम आने के बाद रीजनल पार्टी की भूमिका के सवाल पर पीएम ने कहा कि 23 तारीख को जो रिजल्ट आएंगे उसे देश में एक मजबूत सरकार बनेगी. भाजपा पहले से अधिक सीटों के साथ पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने जा रही है.  जीत का मार्जिन भी बढ़ने वाला है. भाजपा का भौगोलिक पहुंच भी बढ़ने वाला है. लेकिन मैं सिर्फ सरकार चलाने की राधे से नहीं हूं हमें देश चलाना है और देश अकेला मोदी नहीं चला सकता देश चलाने के लिए सभी दलों को सभी नेताओं को साथ लेना पड़ता है.

प्रधानमन्त्री  ने कहा कि हिंदुत्व शब्द से विपक्षियों का कोई लेना देना नहीं है यह महा मिलावटी लोग केबल मुसलमानों को डराने के लिए हिंदुत्व शब्द का उपयोग करते हैं. गवर्नेंस के सवाल पर उन्होंने कहा कि गवर्नमेंट में कोई राइट और कोई लेफ्ट नहीं बल्कि एक ही होंगे जनता का सवाल जनता का हित.

शेयर मार्केट में गिरावट के सवाल पर उन्होंने कहा की की शेयर मार्केट को भारत के चुनाव के साथ नहीं जोड़ें क्योंकि उस पर अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों का बुरा असर पड़ता है.  अगर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का कोई बयान आता है तो उसका भी उस पर असर पड़ता है. किसी दूसरे देश में अगर आर्थिक स्थिति में किसी प्रकार के बदलाव आते हैं तो उसका भी असर पड़ता है इसलिए इसे केवल भारत के चुनाव के साथ जोड़ कर देखना ठीक नहीं है.

उन्होंने 2014 में चुनाव के दौरान सट्टा बाजार में चल रहे दावे की याद  दिलाई. उन्होंने कहा कि सत्ता को रोको तब इस बात का अंदाजा नहीं था कि भाजपा 282 – 283 सीट ले आएगी वह केवल 218 से २२८  के बीच में झूल रहे थे और उन्हें सट्टे में भारी नुकसान भुगतना पड़ा.

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