शिक्षा विभाग, स्कूल बना कर भूल गया, न शिक्षक न विद्यार्थी , भवन लावारिश !

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धर्मेन्द्र यादव 
 
फरीदाबाद : फरीदाबाद में शिक्षा विभाग का हैरान कर देने वाला एक और नया कारनामा सामने आया है। सेक्टर-91 सूर्या नगर फेज वन में शिक्षा विभाग ने 5 साल पहले प्राइमरी स्कूल की इमारत बनाई थी, जिसे बनाकर शिक्षा विभाग भूल गया। आज तक इस स्कूल में एक भी एडमिशन नहीं हुआ है। स्कूल में एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहता है जो अपने आप को चैकीदार बताता है। हैरानी की बात तो यह भी है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस इमारत के बारे में पता तक नहीं है। इस बडी लापरवाही के खिलाफ बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एल एन पराशर ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को पत्र लिखा है और कार्रवाई न होेने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की चेतावनी भी दी है।
 
यूं तो देशभर में स्कूलों की कमी है लेकिन फरीदाबाद इससे अलग है। यहां शिक्षा विभाग स्कूल बनाकर ही भूल जाता है। तस्वीरों में दिखाई दे रहा ये स्कूल भी ऐसा ही अभागा है जिसे शिक्षा विभाग बनाकर ही भूल गया है। यह स्कूल अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। शिक्षा विभाग के कानों में 4 साल पहले जब यह आवाज पहुंची तो स्कूल में चैकीदार का इंतजाम किया गया। चैकीदार दो कमरों में अपने परिवार के साथ रह रहा है। चैकीदार ने पूरे स्कूल को अब अपना घर बना लिया है स्कूल में ही चूल्हे पर खाना बनता है तो वहीं चारपाई डालकर अच्छे से गुजर बसर कर रहा है।
 
जब इस बारे में चैकीदार मलखान सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उसे तिलपत के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने रखा हुआ है और वह पिछले 4 सालों से यहां रह रहा है।
 
देखें चौकीदार क्या कहता है ? 
https://youtu.be/9_vSAqZEKCM
 
स्कूल पर खर्च किये गये जनता के पैसे का दुरूपयोग होता देख बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एल एन पाराशर ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि सेक्टर-91 सूर्या नगर फेज 1 में शिक्षा विभाग ने 5 साल पहले प्राइमरी स्कूल ने भवन बनाया था. इस स्कूल में आज तक एक भी एडमिशन नहीं किया गया। मैंने इस स्थान का दौरा किया तो वहां देखा कि स्कूल में एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ रह रहा है, जो अपने आप को चैकीदार बताता है। स्कूल धीरे – धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है.
 
स्कूल में चार कमरे हैं. एक प्रिंसीपल का कमरा है. शौचालय भी बने हुए है. प्रयोग में आ रहे दो कमरों के आलावा पूरे स्कूल की इमारत खंडहर होती जा रही है। स्कूल के कमरों में ताले लटके हुए हैं और स्कूल परिसर की बात करें तो जिस मैदान में बच्चे खेलने चाहिये थे उस मैदान में कूड़े पड़े हुए हैं जिसे आवारा पशुओं ने अपना घर बना लिया है।
 
पराशर ने साफ किया है कि स्कूल की इस इमारत पर मोटा पैसा खर्च किया गया और अब जनता के इस पैसे का दुरूपयोग हो रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को पत्र लिखा है, कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की जायेगी।
 
वहीं पडौसी समाज सेवी बाबा राम केवल की माने तो उन्होंने 5 सालों में कई बार शिक्षा विभाग और सरकार को अवगत करवाया है. यहां तक कि फरीदाबाद के दोनों बडे मंत्रियों को भी जानकारी दी है. मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
 
 
अब सबाल यह उठता है कि आज तक स्कूल को क्यों नहीं चलाया गया। अगर स्कूल नहीं चलाना था तो बिल्डिंग बनाई क्यों। इन सभी सवालों का शिक्षा अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। उन्हें तो यह भी नहीं पता कि सूर्या नगर फेज वन में कोई बिल्डिंग भी है।
 
 
 
 
 

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