हरियाणा में 44 हजार लम्बित कृषि नलकूपों के लम्बित कनैक्शनों के डिमांड नोटिस 31 मार्च तक जारी करने का फैसला

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कृषि नलकूपों के सभी लम्बित कनैक्शन के डिमांड नोटिस 31 मार्च, 2019 तक जारी करने की घोषणा कर मुख्यमंत्री ने किसानों को दिया नव वर्ष पर एक और तोहफा

चंडीगढ़, 27 दिसम्बर- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल किसानों को नव वर्ष का तोहफा देते हुए एक जनवरी, 2014 के बाद से लम्बित कृषि नलकूपों के सभी कनैक्शन के डिमांड नोटिस 31 मार्च, 2019 तक जारी करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा आज यहां हरियाणा निवास में सरकार की बिजली क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में किये गए सुधार एवं उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए बुलाए गए एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए दी।

मुख्यमंत्री ने किसान हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए एक जनवरी, 2014 के बाद के लगभग 44 हजार लम्बित कृषि नलकूपों के लम्बित कनैक्शनों के डिमांड नोटिस 31 मार्च, 2019 तक जारी होने से अगले छ: महीनों में नलकूप कनैक्शन दे दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा हरियाणा की सौर ऊर्जा नीति को देखते हुए लोग सौर ऊर्जा प्रणाली लगवाने की ओर दिन-प्रतिदिन आकर्षित हो रहे हैं। 50 हजार नये सौर ऊर्जा कनैक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 15 हजार कनैक्शनों के टैण्डर जारी हो चुके हैं। कृषि नलकूपों पर सौर ऊर्जा से 30 प्रतिशत खपत कम होती है।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि करनाल खण्ड के व्यामा फीडर तथा यमुनानगर खण्ड के सासपुर फीडर के अंतर्गत पडऩे वाले 468 कृषि नलकूपों को सौर ऊर्जा में परिवर्तित किया जाएगा, जिस पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि किसानों को सौर ऊर्जा की यूनिट दी जाएगी और वह दिन में उत्पादित ऊर्जा का प्रयोग करेगा तथा इसके रख-रखाव के लिए किसान को एक रुपये प्रति यूनिट की दर से प्रोत्साहित राशि का भुगतान किया जाएगा। अतिरिक्त ऊर्जा पॉवर ग्रिड को बेची जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सूक्ष्म सिंचाई ( (Micro Irrigation) अपनाने के प्रति भी प्ररित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में इंटर स्टेट सम्प्रेषण भुगतान के लिए पॉवर ग्रिड को दिए जाने वाला 30 करोड़ रुपये के मासिक भुगतान से होने वाले नुकसान को हमने दुरूस्त किया है और झज्जर में स्थित राष्ट्रीय ताप बिजली परियोजना की इकाई से राज्य का लगभग 300 करोड़ रुपये की बचत की है और पॉवर ग्रिड को अब तक के लगभग 1120 करोड़ रुपये के इंटर स्टेट सम्प्रेषण भुगतान के लम्बित मामले भेजे गए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मीडिया सलाहकार राजीव जैन, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी.सी.गुप्ता, नव एवं नवीनीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.के.महापात्रा, बिजली निगमों के चेयरमैन एवं प्रबन्ध निदेशक शत्रुजीत कपूर, सूचना, जनसम्पर्क विभाग के महानिदेशक समीर पाल सरो के अलावा बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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