अटल बिहारी वाजपेयी सदा के लिए मौन हो गए ,एम्स अस्पताल ने बुलेटिन जारी कर दी सूचना

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नई दिल्ली। पूर्व प्राधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे।।उन्होंने 5.05 बजे शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका निधन एम्स में हुआ। एम्स की ओर से बुलेटिन जारी कर इसकी जानकारी दी गयी।

देश में शोक की लहर चल पड़ी। देश का एक सर्वमान्य नेता, महान कवि , सुघड़ राजनीतिज्ञ, दुनिया का बेहतरीन कूट दुनिया का बेहतरीन कूटनीतिक जानकार अपने विरोधियों को भी अपने पक्ष में कर लेने की कला के माहिर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का आज शाम 5:05 पर निधन हो गया। वह सदा के लिए मौन हो गए ।संसद में लगभग छह दशक तक जिनके शब्दों को सुनने के लिए संसद के अंदर और संसद के बाहर लोग आतुर रहते थे जिनकी वाकपटुता से विपक्ष निरुत्तर हो जाते थे ,जिन की हाजिरजवाबी से बड़े बड़े राजनेता स्वयं को उनके समक्ष बोने पाते थे आज वह शख्सियत अंतिम सत्य मौत से हार गई।

हालांकि उन्होंने अपनी एक कविता स्वयं ही सुनाते हुए कभी कहा था कि मौत से क्या डरना। मौत की की आयु तो बहुत क्षणिक होती है लेकिन जिंदगी सदा चलती रहती है और सजीव रहती है ।लेकिन आज मौत की क्षणिक आयु के सामने अटल बिहारी वाजपेई भारतीय राजनीति से छीन लिए गए ।

देश में शोक की लहर चल पड़ी है उनके निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि आज हम सबके प्रिय अटल बिहारी वाजपेई अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने उनके लंबे साथ की याद करते हुए कहां है कि उनका मार्गदर्शन हमेशा उन्हें मिलता रहा और राजनीति के दुर्गम पथ पर वह अग्रसर होते रहे । प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज मैं निःशब्द हूँ। उन्होंने कहा कि श्री बाजपेई के निधन से एक युग का अंत हो गया है उन जैसा दूसरा कोई पैदा नहीं ले सकता।

उनके निधन पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।

श्री बाजपेई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा की शख्सियत अतुलनीय थी वह दुनिया के ऐसे व्यक्तित्व के रूप में थे जो दुनिया कि प्रत्येक व्यक्ति को सुखी देखना चाहते थे वह हमेशा पड़ोसियों से सद्व्यवहार और अच्छे रिश्ते स्थापित करने की हमें थे उन्होंने हमेशा मित्रता का हाथ बढ़ाया उन्होंने कहा कि श्री बाजपेई ही थे जिन्होंने कहा कि हम हम अपना परोस नहीं बदल सकते और हमें पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते स्थापित करनी चाहिए और उन्होंने एक ऐसी ऐतिहासिक पहल की जो सदा यादगार रहेगी।

अब इस देश को हमेशा उनके शब्दों उनकी शख्सियत उनके देश के प्रति योगदान से प्रेरणा मिलती रहेगी।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अटल जी की शख्सियत की जगह कोई नहीं ले सकता उन्होंने देश की राजनीति के प्रति जो अपना योगदान दिया वह स्वर्णिम अक्षरों में सदा लिखा रहेगा देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सर्दी वाजपेई जी के पार्थिव शरीर को उनकी निवास स्थल पर ही ले जाया जाएगा और वही सभी व्यक्ति उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे कर सकेंगे और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे

अमर सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह सर्वमान्य हैं उनकी शख्सियत की व्याख्या करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं है उस उस स्तर की राजनीति आज देश में नहीं रहे पिछले कुछ दिनों से कला के क्षेत्र में कुछ लोगों से मिलने का मौका मिला उन्होंने कहा देवानंद जो मशहूर अभिनेता थे उन्होंने अटल जी के बारे में बताया था कि जब वह पाकिस्तान बस यात्रा में गए थे तो उन्होंने उनकी शख्सियत बयां की थी कि वह अपने समर्थक या विपक्ष चाहे वह दक्षिणपंथी हो बाम पक्षी हो या मध्यमार्गी हो सबके लिए अनुकरणीय रहे हैं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वह भारतीय जनता पार्टी से रहे हो लेकिन वह दलीय राजनीति से सदा ऊपर उठकर काम करते रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेई ने ही उन्हें उंगली पकड़ पकड़ कर राजनीति करना सिखाया और राजनीति में स्थापित किया उनकी ही पहल पर उनके कार्यकाल में ही छत्तीसगढ़ सहित तीन राज्यों का निर्माण हुआ था इसलिए छत्तीसगढ़ की जनता उनके प्रति सदा कृतज्ञ रहेगी और हम हमेशा उन से प्रेरणा लेते रहेंगे उनकी शख्सियत अतुलनीय है सदा अतुलनीय रहेगी।

वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता ने कहा अटल बिहारी वाजपेई वास्तव में ऐसी शख्सियत थी जिनके पदचिन्हों पर चलकर इस देश की राजनीतिक स्वच्छता को बनाए रखा जा सकता है उन्होंने ही राजनेताओं को पारदर्शी राजनीति करने की सीख दी है

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई आजाद शत्रु को देश से प्यार करते थे और देश उनसे प्यार करता था हम या कल्पना भी नहीं कर सकते कि अब वह इस संसार में नहीं रहे उनकी जीवित रहने से ही हम सब को इस बात का एहसास होता था कि वह हमें अब भी प्रेरणा दे रहे हैं उनके निधन से राजनीति के एक युग का अंत हुआ है उनके बिना भारतीय राजनीति की कल्पना नहीं की जा सकती।

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा की वह कवि थे लेखक थे राजनेता थे पत्रकार थे प्रखर वक्ता थे और हमारा 45 वर्ष का उनका रिश्ता रहा है हमारे हमें महसूस होता है कि कि मन का एक कोना खाली हो गया है उनसे दूर और उनसे अलग सारे देश देश के सारे प्रधानमंत्री सामने खड़े होकर इस देश की राजनीति को कई पीढ़ियों तक शिक्षा उन्होंने कहा कि जब बाबरी मस्जिद ढाया गया तब मैं गवाह हूं कि उन्होंने खड़े होकर संसद में देश से माफी मांगा इसके लिए उन्होंने कहा कि मेरे पहले चुनाव में 1 दिन के लिए गए थे लेकिन 2 दिन रूके।

उन्होंने 93 वर्ष की आयु में दुनिया को विदा कहा है। इस समाचार के जारी होते ही दिल्ली की की हर गलियां अब बाजपेई जी के निवास की ओर अग्रसर हो चली है। हालांकि आज सुबह से ही उनके निवास पर लोगों का तांता लगा हुआ था। सुरक्षा की दृष्टि से उनके निवास के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई थी। प्रशासन को यह आशंका थी कि श्री वाजपेई के निधन की सूचना के आते ही लोग उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने को उमड़ पड़ेंगे।

उन्हें पिछले 11 जून से ही दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था हालांकि बीच में उनकी हालत में सुधार की संभावना दिखी थी और यह दावा किया गया था कि उत्तर उत्तर उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है लेकिन अचानक 14 अगस्त की रात्रि 15 अगस्त की सुबह से ही इस प्रकार की खबरें दिल्ली में तैरने लगी कि अटल बिहारी बाजपेई जी की तबीयत बहुत बिगड़ गई है उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है।

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