न्यायपालिका में सुधार को लेकर पीएम व कानून मंत्री से मिलेंगे एडवाकेट एल.एन.पराशर

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न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हैं एल.एन.पराशर

पराशर का आरोप : फरीदाबाद कोर्ट में पीडितों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा

फरीदाबाद, धर्मेन्द्र यादव  : न्यायपालिका में सुधार को लेकर न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवाकेट एल.एन.पराशर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कानून मंत्री से मुलाकात करने के लिये पत्र लिखकर समय मांगा है. एल एन पराशर का आरोप है कि फरीदाबाद कोर्ट में पीडितों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है. इसलिये वह इसमें सुधार चाहते हैं। इससे पहले भी वह जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के बाद प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं, जिस मुलाकात में भारत सरकार ने उनकी कई मांगों को पूरा कर दिया था। लेकिन कुछ मांगे अभी भी अधूरी है।

एडवोकेट एलएन पराशर ने कुछ समय पहले राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मुलाकात करने का समय मांगा था जो कि प्रक्रिया में है. उन्हें उम्मीद है कि जल्द मिलने का मौका मिलेगा. हाल ही में न्यायपालिका में सुधार को लेकर न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवाकेट एल.एन.पराशर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कानून मंत्री से मुलाकात करने के लिये पत्र लिखकर समय मांगा है।

पत्र में फरीदाबाद कोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाये गये हैं .कहा गया है कि पीडितों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है. इसलिये वह सुधार चाहते हैं। वहीं उन्होंने आरोप भी लगाये हैं कि कोर्ट में कुछ भ्रष्ट्र जज और वकीलों की बजह से पूरी अदालत बदनाम हो रही है . इसलिये वह प्रधानमंत्री और कानून मंत्री से मुलाकात कर सारी मांगे उनके सामने सबूत के साथ रखने वाले हैं ताकि पीडितों को समय से और बिना रिश्वत दिये न्याय मिल सके। इससे पहले भी पराशर ने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की आवाज उठाते हुए मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की थी कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का शोषण रोका जाये।

पराशर ने बताया कि न्यायपालिका में सुधार को लेकर वे पहले भी जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन कर चुके है। उनके द्वारा उठाई गयी मांगों को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा ज्ञापन स्वीकार कर न्यायपालिका की विसंगतियो को दूर करने का भरोसा भी दिया गया था। लेकिन अभी भी जमीनी स्तर पर कोई मजबूत शुरूआत नहीं होने के कारण वे अपनी इस लड़ाई को जारी रखे हुए हैं।

उनकी लड़ाई फरीदाबाद के कुछ भ्रष्ट जजों के भ्रष्टाचार के खिलाफ है. उनका कहना है कि भ्रष्ट जजो द्वारा नये वकीलों को डिमोलाईज किया जा रहा है व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का कुछ भ्रष्ट जजो द्वारा शोषण किया जा रहा है. उन्होंने बल देते हुए कहा कि न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उन्हें आवाज उठाने से कोई नहीं रोक सकता। इसके लिए उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं कानून मंत्री से मिलने का समय मांगा है जिससे वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति से मुलाकात कर न्यायिक सुधार के लिए अपने अहम सुझाव दे सके।

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