हरियाणा में कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली

Font Size

चण्डीगढ़, 13 फरवरी : हरियाणा में अब कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने अपने स्थानीय निकायों को कचरा मुक्त शहर से संबंधित स्टार रेटिंग के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्रीमती कविता जैन ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि ये दिशा-निर्देश केन्द्र सरकार द्वारा शहरों को दी जाने वाली स्वच्छता रेंकिंग के संबंध में हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष शहरों को कचरा मुक्त बनाने से संबंधित सात सितारा रेटिंग के अंतर्गत शहरों में घरों के स्तर पर पैदा होने वाले कचरे से संबंधित कारगर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक यह माना जाता रहा है कि साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन का दायित्व केवल स्थानीय निकायों का है। लेकिन अब नागरिकों व स्थानीय निकाय की संयुक्त जवाबदेही होगी। स्टार रेटिंग में स्थानीय निकाय यह सुुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक घर से कूड़ा-कचरा लेते समय लोगों द्वारा सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करके कर्मचारी को दिया जाए।

उन्होंने बताया कि कचरा मुक्त शहर के लिए स्थानीय निकाय को प्रत्येक घर से गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग उठाकर कचरा निपटान स्थल तक पहुंचाना होगा। उसे व्यावसायिक, घरेलू व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रोजाना झाडू लगाने तथा सभी स्थानों पर कूड़ेदान की व्यवस्था करनी होगी और कूड़े-कचरे को इन कूड़ेदानों से निकाल कर कचरा निपटान स्थल तक पहुंचाना होगा। स्थानीय निकाय को शहर में बड़ी मात्रा में कचरा उत्पादनकर्ताओं से संबंधित अधिसूचना भी जारी करनी होंगी। इसके अलावा, स्थानीय निकाय के अन्य कार्यों में कचरे से खाद बनाने के लघु संयंत्र स्थापित करना, नागरिकों से कचरा आदि से संबंधित उपयोगकर्ता शुल्क लेना, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों के विरूद्घ कार्यवाही करना तथा पर्यावरण को हानि पहुंचाने वाले प्लास्टिक उत्पादों को प्रतिबंधित करने के संबंध में अधिसूचना जारी करना भी शामिल है।

मंत्री ने बताया कि स्टार रेटिंग में स्थानीय निकाय को डंपिंग स्थल पर कचरे का भण्डारण करने के साथ-साथ इसे खाद में परिवर्तित करने या कचरे से ऊर्जा बनाने का कार्य भी करना होगा। स्थानीय निकाय को सार्वजनिक स्थानों पर पानी की निकासी के लिए बनाए गए नालों व बरसाती नालों आदि की सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी। इन सब उपायों का उद्देश्य घरों में उत्पादित होने वाले कचरे की मात्रा में कमी लाना है।

उन्होंने बताया कि हालांकि कचरे से कम्पोस्ट बनाने या ऊर्जा उत्पन्न करने की जिम्मेवारी स्थानीय निकाय की होगी परन्तु नागरिकों को अपने स्तर पर भी कचरे को कम करने पर ध्यान देना होगा। इसके लिए आवश्यक है कि वे बाजार से खरीददारी करते समय अपने घर से थैला इत्यादि लेकर जाएं। कांच, रद्दी अखबार व प्लास्टिक आदि की अनुपयोगी वस्तुओं को फैकने की बजाय कबाड़ी को बेचकर रिसाइकलिंग को बढ़ावा दें। नागरिकों को चाहिए कि वे घरों व सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंक कर उसे डस्टबीन में ही डालें।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि हालांकि स्टार रेटिंग में अधिकतर कार्य नागरिकों के हित में स्थानीय निकाय द्वारा ही किए जाएंगे। इसके साथ-साथ स्थानीय निकाय को नागरिक शिकायत निवारण तंत्र भी विकसित करना होगा और अपने कार्यों को और बेहतर बनाने के लिए नागरिकों द्वारा दी जाने वाली प्रतिक्रियाओं पर भी ध्यान देना होगा।

Suvash Chandra Choudhary

Editor-in-Chief

You cannot copy content of this page