-राहुल गांधी से मुलाकात कर अशोक बुवानीवाला ने समाज व व्यापार सहित कई विषयों पर की चर्चा
चंडीगढ़। सांसद एवं संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस उद्योग सैल के चैयरमैन अशोक बुवानीवाला ने संसद भवन में मुलाकात की। करीब पौने घंटे की इस मुलाकात के दौरान वैश्य समाज और कांग्रेस पार्टी के बीच के संवाद, जीएसटी, फिक्स बिजली चार्ज, वन नेशन वन टैक्स, एमएसएमई एवं ऑनलाइन व्यापार से जुड़े खुदरा व मोहल्लों के दुकानदारों की समस्याएं सांझा करते हुए वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ व्यापार संवाद किया और व्यवसाय में आ रही गंभीर परेशानियों को उनके समक्ष रखा।
मुलाकात की विस्तृत जानकारी अशोक बुवानीवाला ने दी। उन्होंने कहा कि सांसद राहुल गांधी ने भी इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इन्हें देशहित में संसद में उठाने की बात कही। बुवानीवाला ने कहा कि वैश्य समाज समाजवाद के अग्रदूत महाराजा अग्रसेन की परंपरा का वह समाज है जिसने देश की अर्थव्यवस्था को जमीन से खड़ा करने में बड़ा योगदान दिया है। अग्रवाल समाज उत्पादन करता है, रोजगार देता है और उत्पादक व उपभोक्ता के बीच सेतु की भूमिका निभाता है। इसके बावजूद मोदी सरकार की नीतियों में इस समाज के लिए न सम्मान है, न सुरक्षा – केवल उपेक्षा और शोषण है।
अशोक बुवानीवाला के नेतृत्व में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखी चिंता जताते हुए प्रतिनिधियों ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि ये नीतियाँ छोटे व्यापार, एमएसएमई और देश की उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कोई नीति-विफलता नहीं, बल्कि जानबूझकर रची गई साजिश है जिसका उद्देश्य कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाना और करोड़ों व्यापारियों को बर्बादी की कगार पर धकेलना है। संवाद के दौरान वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि जीएसटी व्यवस्था सुधार नहीं, दमन का औजार है। इसके अव्यावहारिक और तर्कहीन स्लैब जानबूझकर इस तरह बनाए गए हैं कि छोटे और मध्यम व्यापार टिक ही न सकें – महंगाई बेलगाम पर है, बाजार दम तोड़ रही है और रोजगार लगातार खत्म हो रहे हैं। इन व्यापारियों की एक बड़ी चिंता रिर्जव शुल्क संरचना है, जो एक दिखावटी सुधार भर है। कच्चा मॉल पर जीएसटी बढ़ाकर और तैयार उत्पादों पर जीएसटी घटाकर सरकार उपभोक्ता राहत का भ्रम पैदा करती है। वास्तविकता यह है कि उपभोक्ताओं के लिए कीमतें लगभग वही रहती हैं, जबकि छोटे और मध्यम उत्पादकों की लागत बढ़ती है, मुनाफा घटता है और वे धीरे-धीरे बाज़ार से बाहर होने को मजबूर हो जाते हैं। यह सुधार नहीं, बल्कि छोटे उत्पादकों को नुकसान पहुंचाने और बड़े खिलाडिय़ों को फायदा पहुँचाने की नीति है। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ एक राजनीतिक जुमला भर साबित हुआ है । सच्चाई यह है कि मोदी सरकार ने भारत को चीन पर पहले से ज़्यादा निर्भर बना दिया है।
मुलाकात के दौरान अशोक बुवानीवाला ने अशोक बुवानीवाला ने बताया कि एक अप्रैल से लागू नियमों के अनुसार घरेलू बिजली के श्रेणी-1 (दो किलोवाट लोड तक पर 0-50 व 51-100 यूनिट) और श्रेणी-2 (पांच किलोवाट लोड तक पर 150 यूनिट) के उपभोक्ताओं के दो नए स्लैब बनाकर पहली बार फिक्स चार्ज (तय शुल्क) लगाकर बिल आ रहे हैं। यह प्रदेश की जनता पर अन्याय और अत्याचार है। हरियाणा बिजली वितरण निगम की तरफ से बिजली दरों की स्लैब में बदलाव किए जाने व प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं के बिल 12 से 30 फीसदी तक बढ़ गए। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक मार पांच किलोवाट के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं पर पड़ी है। पहले प्रति माह 50 यूनिट या इससे अधिक खपत पर 2.50 रुपये से लेकर 6.30 रुपये प्रति यूनिट अलग-अलग स्लैब के अनुसार बिल लिया जाता था। अब उनसे 6.50 से 7.50 रुपये प्रति यूनिट तक लिए जाने लगे हैं। इससे कारोबारियों पर भी बिजली बिलों की मार पड़ी है। चार गुणा तक बिजली महंगी करके सरकार ने प्रदेश की जनता पर गहरी चोट की है।
अशोक बुवानीवाला ने बताया कि उद्योगों को मिलने वाले एलटी (50 केवीए तक) और एचटी (50 केवीए से ऊपर) कनेक्शन को दो स्लैब में परिवर्तित किया गया है। पूर्व में 20 केवीए तक फिक्स चार्ज नहीं लगता था, जो अप्रैल 2025 के बाद सभी पर लग रहा है। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि भाजपा की केंद्र हो या राज्य सरकार, दोनों सरकारें आम जनता के विश्वास को तोड़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट चोरी से सरकार तो बना सकती है, लेकिन देश की जनता का दिल नहीं जीत सकती। देश की जनता का दिल सांसद एवं विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जीता है। वे देश की संसद में विपक्ष के नेता के रूप में देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज को बुलंद करते हैं, वहीं सत्ता में बैठी भाजपा सरकार अंतिम व्यक्ति पर टैक्स, बिजली सरचार्ज और अनेक टैक्स का बोझ डालकर परेशान करने का काम कर रही है।
बॉक्स-1
अशोक बुवानीवाला ने बताया कि सांसद राहुल गांधी ने एक-एक मुद्दे पर, एक-एक विषय को माननीय राहुल गांधी ने एकाग्रता के साथ सुना और एक-एक विषय पर बारीकी से अध्ययन करने की भी बात कही। वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने दो टूक कहा कि वे इस सरकार से पूरी तरह निराश हैं और आशंकित हैं कि यदि यही नीतियां जारी रहीं, तो देश की अर्थव्यवस्था को विनाशकारी नुकसान होगा। उन्होंने लोकतंत्र, उत्पादन और रोजगार आधारित भारत के लिए श्री राहुल गांधी के संघर्ष और दृष्टिकोण के साथ खुलकर खड़े होने की प्रतिबद्धता जताई।
बॉक्स-2
गौरतलब है कि श्री राहुल गांधी पहले ही बार-बार चेतावनी देते रहे हैं कि मोनोपॉली और ड्यूपॉली आधारित शासन मॉडल भारत को आर्थिक रूप से खोखला कर देगा। जब सरकार दो-तीन लोगों के हितों के लिए काम करती है, तब बाजार से प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाती है और छोटे व्यापारी, दुकानदार व उद्यमी समाप्त कर दिए जाते हैं आज देश उसी सच्चाई से रू-ब-रू है। व्यापार में भी, भाजपा 90 प्रतिशत को बाहर रखकर सिर्फ़ कुछ चुने हुए लोगों के फायदे के लिए ही काम करती है। श्री राहुल गांधी लगातार कहते रहे हैं कि भारत को विनिर्माण देश बनाने के बजाय मोदी सरकार ने उसे असेंबलिंग मार्केट बना दिया। इसका सीधा नुकसान छोटे उत्पादकों को हुआ है – आयात बढ़ा, घरेलू उत्पादन टूटा और न उत्पाद का दाम मिला, न बाजार। राहुल गांधी ने इस खतरे को बहुत पहले पहचान लिया था और जीएसटी के जरिए हो रही लूट को उन्होंने सार्वजनिक रूप से गब्बर सिंह टैक्स कहकर देश को आगाह किया था। व्यापारी वर्ग आज डर और दबाव में जी रहा है विपक्ष के साथ खड़े होने पर जांच, छापे और बदले की कार्रवाई का भय एक स्थापित सच्चाई बन चुका है। राहुल गांधी ने बार बार कहा है कि देश में रोजगार 3-4 अरबपति नहीं बना सकते रोजगार आएगा उत्पादन से, एमएसएमई से।

