-छह साल पहले तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने की थी मल्टीपर्पज हॉल की घोषणा, अब तक नहीं बना
-भीम स्टेडियम में भर जाता है बरसाती पानी, खिलाड़ी नहीं कर पाते अभ्यास
भिवानी 9 सितंबर॥ खिलाडिय़ों की खान भिवानी में सरकार की उदासीनता से खिलाड़ी खेल सुविधाओं से वंचित हैं। ना यहां उचित खेल परिसर है और ना ही खेल का सामान है। यहां के भीम स्टेडियम में वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मल्टीपर्पज हॉल बनाने की घोषणा की थी। घोषणा के छह साल बीत जाने के बाद भी मल्टीपर्पज हॉल बनाने की योजना एक कदम भी नहीं चल पाई है। यह कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक बुवानीवाला का।
उन्होंने कहा कि भिवानी जिला के खिलाड़ी पूरे हरियाणा में सबसे अधिक मेडल जीतकर आते हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में यहां के खिलाडिय़ों का दबदबा रहता है। खिलाड़ी अपनी मेहनत से जिले का नाम रोशन करते रहे हैं। इसके बावजूद यहां खिलाडिय़ों को सुविधाएं देने में सरकार कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां के भीम स्टेडियम में मल्टीपर्पज हॉल बनाने की घोषणा करके गए थे। उस घोषणा के छह सात बीत चुके हैं, लेकिन मल्टीपर्पज बनाने की योजना एक कदम आगे नहीं बढ़ पाई।

मल्टीपर्पज हॉल बनाने की घोषणा से खिलाड़ी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। बड़ी बातें करने वाली भाजपा सरकार की घोषणाएं हवा-हवाई साबित हो रही हैं। यहां खेल सुविधाएं ना देना सरकार की ओर से खिलाडिय़ों को अपमानित करने जैसा है। जिस शहर ने देश को ओलंपिक मेडल दिलाने वाले खिलाड़ी दिए, उस शहर के उभरते खिलाडिय़ों के लिए सरकार के पास नीति और नीयत का घोर अकाल है। सरकार ने खिलाडिय़ों को तराशने पर काम करने की बजाय उनकी प्रतिभा को दबाने का प्रयास ज्यादा किया है।
आमतौर पर खुले आसमान के नीचे अभ्यास करने के लिए खिलाडिय़ों को मजबूर होना पड़ता है। जब बरसात होती है तो खिलाडिय़ों का अभ्यास बंद हो जाता है। रोजाना अभ्यास करने वाले खिलाडिय़ों को स्टेडियम में जलभराव के कारण अपने खेल का अभ्यास छोडऩा पड़ता है। भीम स्टेडियम में रोजाना करीब दो हजार खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं। सुविधाएं ना होने के कारण इन खिलाडिय़ों को निराशा हाथ लगती है। बुवानीवाला ने कहा कि बरसात केे मौसम में तो भिवानी के खिलाडिय़ों का अभ्यास एक तरह से बंद ही हो गया है। स्टेडियम में पानी सूखने के इंतजार में खिलाड़ी खतरे के बीच सडक़ों पर अभ्यास करते हैं। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि इन्हीं युवाओं और परिवारों के वोट लेकर एमपी, एमएलए बने नेताओं को अपने किए वादे याद नहीं आ रहे। सरकार द्वारा की गई घोषणाएं याद नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक करने की बातें कहने वाले तत्कालीन खेल मंत्री अनिल विज को भी यह देखना चाहिए कि उनके मंत्री काल में खेल विभाग में जो घोषणाएं हुई थी उन पर क्या काम हुआ है। वर्ष 2014 से तो यहां के खेल विभाग में खेल का कोई भी सामान तक नहीं खरीदा गया। वैसे तो सरकार खेल महाकुंभ जैसे आयोजन कराने की बात करती है, लेकिन खिलाडिय़ों को सुविधाएं देने के विषय पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
