बैंडबाजों की धुनों के साथ रथ में सवार होकर निकले भगवान वासपूज्य

Font Size

-जैन समाज के लोगो ने क्षमावाणी पर्व पर एक-दूसरे से मांगी क्षमा

जुरहरा, जिला डीग रेखचन्द्र भारद्वाज : कस्बे में रविवार को जैन समाज के पावन दशलक्षण पर्व के समापन पर स्थानीय दिगंबर जैन समाज के द्वारा क्षमावाणी पर्व परम्परागत तरीके से हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। जैन धर्मावलंबियों के द्वारा एक-दूसरे से क्षमा याचना कर आपस में अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी गई। स्थानीय जैन समाज धर्मावलम्बियों के द्वारा दिगम्बर जैन मन्दिर में पूजा-अर्चना कर बोलियां लगाई गईं। क्षमावाणी पर्व के अवसर पर बैण्ड-बाजों व विभिन्न धार्मिक व सामाजिक झांकीयों के साथ कस्बे में भव्य रथयात्रा निकाली गई।

जिसमें भगवान वासुपूज्य, रावण दरबार में अंगद, भारत-माता, विद्याभारती विद्यालय द्वारा जैसी करनी वैसी भरनी नाटक सहित विभिन्न झांकीयां मेले की शोभा बढा रही थीं। रथयात्रा कस्बे के दिगम्बर जैन मन्दिर से शुरू होकर चौपडा बाजार, मैन बाजार, बस स्टैण्ड से होते हुए नसियाजी इन्द्रकुटी पंहुची जहां भजन संध्या व अभिषेक आदि के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। क्षमावाणी पर्व के अवसर पर निकाली गई शोभयात्रा में कस्बा सहित देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले कस्बे के जैन धर्मावलम्बी शामिल हुए।

शोभयात्रा के उपरांत सभी ने वैरभाव को छोडकर मिल जुलकर रहने का संकल्प लिया। क्षमावाणी में सकल जैन समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से हाथ जोड़कर क्षमा याचना की। वहीं सास-बहू ने एक दूजे से गले लगकर, बेटे ने पिता के पैर एवं छोटों ने बड़ों के पैर छूकर एवं सामूहिक रूप से मिलकर साल भार में की गई गलतियों की क्षमा मांगी।

You cannot copy content of this page