चुनाव के दौरान समाचारों पर रखी जाती है विशेष निगरानी

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-उम्मीदवारों को मतदान या मतदान के पहले दिन विज्ञापन छपवाने की लेनी होगी अनुमति
-मीडिया मॉनिटरिंग मैनेजमेंट कमेटी की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

गुरूग्राम, 1 मार्च। निर्वाचन विभाग की ओर से लघु सचिवालय के सभागार में मीडिया मॉनिटरिंग मैनेजमेंट कमेटी की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें चुनाव के दौरान मीडिया प्रबंधन को लेकर चुनाव आयोग के नियमों के बारे में बताया गया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में गुरू द्रोणाचार्य कालेज के प्राध्यापक डा. श्रेत्रपाल ने बताया कि चुनाव के दौरान समाचार पत्र, टीवी चैनल, लोकल केबल टीवी, सोशल मीडिया आदि में समाचारों की शुचिता बरकरार रहनी चाहिए। कोई भी फेक या पेड न्यूज मीडिया में नहीं आनी चाहिए। कोई भी संचार माध्यम भ्रामक समाचार प्रसारित करता है तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्यवाही कर सकता है। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान राज्य स्तर पर और जिलास्तर पर मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया जाता है। यह कमेटी इस बात का ध्यान रखती है कि कहीं कोई प्रचार माध्यम में कोई अफवाह या गलत समाचार तो नहीं प्रसारित किया जा रहा, जिससे चुनाव में मतदाता भ्रमित होता हो।

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डा. श्रेत्रपाल ने कहा कि विज्ञापन या समाचार को लेकर किसी प्रकार की शिकायत है तो उसके लिए निर्वाचन विभाग ने 1950 टोल फ्री नंबर जारी किया हुआ है। चुनाव के समय मतदान से पहले वाले दिन और मतदान के दिन किसी भी उम्मीदवार को टीवी चैनल या अखबार में विज्ञापन प्रसारित करवाना है तो उसके लिए एमसीएमसी कमेटी से प्री सर्टिफिकेट लेना होगा। उन्होंने बताया कि इस विज्ञापन के लिए भारत निर्वाचन आयोग से रजिस्टर्ड राजनैतिक पार्टी के उम्मीदवार को तीन दिन पहले और बाकी उम्मीदवारों को सात दिन पहले कमेटी के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा। कमेटी विज्ञापन सामग्री की जांच कर दो दिन में अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति प्रदान करेगी।

उन्होंने बताया कि चुनाव की मीडिया कवरेज के लिए मीडियाकर्मियों को दो तरह के पास जारी किए जाएंगे। इनमें से एक मतदान के दिन के लिए होगा और दूसरा मतगणना के लिए जारी किया जाएगा। डा. क्षेत्रपाल ने कहा कि पंपलेट, इश्तहार, बैनर, एलईडी आदि विज्ञापन सामग्री के लिए भी चुनाव आयोग ने वर्ष 2012 से अपनी दरें निर्धारित की हुई हैं। उन्हीं के अनुसार उम्मीदवार के चुनाव खर्च में धनराशि को जोड़ा जाएगा। निर्वाचन आयोग ने मतदाता जागरूकता के लिए भी स्वीप नाम से अभियान चलाया हुआ है। इससे जुड़े समाचारों को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक रणबीर सांगवान, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिजेंद्र कुमार, चुनाव तहसीलदार राजेंद्र सिंह, सहायक सौरभ, विभिन्न विभागों से मोहित, मनोज, कमल कुमार, मनीष, अमरजीत इत्यादि मौजूद रहे।

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