स्ट्रक्चरल ऑडिट की प्रक्रिया को गति देने के लिए डीसी निशांत कुमार यादव ने विभिन्न बिल्डर प्रबंधन के साथ की बैठक

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– डीसी ने बिल्डर्स के प्रति सख्ती बरतते हुए स्ट्रक्चरल ऑडिट कार्य में सहयोग नही करने वाले बिल्डर्स के प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन रोकने के दिए निर्देश

गुरूग्राम, 16 फरवरी। जिला की विभिन्न सोसायटीज में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत डीसी निशांत कुमार यादव ने शुक्रवार को विभिन्न बिल्डर प्रबंधन के साथ बैठक कर उन्हें स्ट्रक्चरल ऑडिट प्रक्रिया को गति देने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित इस बैठक में एडीसी हितेश कुमार मीणा व डीटीपी (ई) मनीष यादव भी मौजूद रहे।

बैठक में डीसी निशांत कुमार यादव ने बिल्डर कंपनियों द्वारा आवासीय टॉवर का स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने में सहयोग नही मिलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो बिल्डर कंपनियां स्ट्रक्चरल ऑडिट कार्य में सहयोग नही कर रही हैं। उनके रजिस्ट्रेशन के कार्य को रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित आवास के लिए यह आवश्यक है कि बिल्डर्स प्रबंधन की ओर से सूचीबद्घ की गई एंजेंसी से या राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठिïत एंजेंसी से अपने टॉवरर्स का ऑडिट करवाएं। जिससे कि रेजीडेंट वेलफेसर एसोसिएशन पूरी तरह संतुष्ट हों। डीसी ने कहा कि अभी भी कई बिल्डर्स ने दूसरे फेज का स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं करवाया है। जिसमें कि निर्माण सामग्री के नमूने लेकर उनकी जांच की जाती है। पहले फेज में इन आवासी टॉवरों को विजुअल ऑडिट करवाया जाता है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न सोसायटीज के रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों द्वारा जिला प्रशासन को निरन्तर ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि उनकी बिल्डिंग का संतोषजनक ऑडिट नहीं हुआ है। ऐसे में इन आवासीय सोसायटियों में रह रहे नागरिकों को पानी लीकेज होने, पलस्तर झडऩे, दरार आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में डीसी निशांत कुमार यादव ने विभिन्न बिल्डर प्रबंधन के प्रति सख्ती बरतते हुए कहा कि जिन बिल्डर्स ने अभी तक स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए नियमानुसार फीस नहीं दी है, उनके रजिस्ट्रेशन संबंधी कोई काम नहीं होंगे। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि इन बिल्डर्स को फीस वसूल करने के नोटिस भिजवाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन के सूचीबद्घ ऑडिट एंजेेंसी से जो बिल्डर जांच नहीं करवाना चाहते हैं तो वे आईआईटी या उसके समकक्ष किसी प्रतिष्ठित एजेंसी से जांच करवा कर और आरडब्ल्यूए के साइन करवा कर अपनी रिपोर्ट डीटीपी कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।

बैठक में डीटीपी मनीष यादव ने स्ट्रक्चरल ऑडिट में सहयोग नही करने वाले बिल्डर्स का नाम सांझा करते हुए बताया कि अभी तक रहेजा वेदांता सैक्टर 108, पार्क प्लेस सैक्टर 54 डीएलएफ, रहेजा अथर्व अपार्टमेंट सैक्टर 109, सिगनेचर ग्लोबल सोलेरा सैक्टर 107, पारस इरेने सैक्टर 70ए, स्पेज प्राइवी सैक्टर 72, द पीसफुल होम्स सैक्टर 70ए, सैंट्रल पार्क-2 बैलेव्यू सैक्टर 48, ट्यूलिप आवोरी अपार्टमेंट्स महिंद्रा ओरा सैक्टर 70 ए शामिल हैं। इस पर बैठक में उपस्थित बिल्डर्स कंपनियों के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे जल्दी ही अपना ऑडिट से संबंधित कार्य पूरा करवाएंगे।

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