गुरुग्राम में सूर्यनमस्कार, प्राणायाम व ध्यान के अभ्यास के साथ मनाई गई स्वामी विवेकानन्द जंयती

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-आईटीआई गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में एक हजार योग प्रशिक्षुओं ने किया अभ्यास

गुरुग्राम, 13 जनवरी। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में गुरुग्राम जिला में स्वामी विवेकानंद की जंयती सूर्यनमस्कार, प्राणायाम व ध्यान के अभ्यास के साथ मनाई गई। 75 लाख सूर्यनमस्कार अभियान के तहत यह कार्यक्रम सेक्टर 14 स्थित राजकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित किया गया था। जिसमें करीब एक हजार योग प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

गुरुग्राम में सूर्यनमस्कार, प्राणायाम व ध्यान के अभ्यास के साथ मनाई गई स्वामी विवेकानन्द जंयती 2

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक डॉ भूदेव ने बताया कि जिला आयुष अधिकारी डॉ मन्जु कुमारी के निर्देशन में समस्त गुरुग्राम में सूर्यनमस्कार की गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार और आयुष विभाग हरियाणा योग आयोग, खेल विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य विभिन्न संस्थाए नामतः पंतजलि योग समिति, हार्टफुलनैस ध्यानकेन्द्र, क्रीड़ा भारती, योग भारती, नेहरू युवा केन्द्र, प्राकृतिक चिकित्सा संस्थाएं, गुरुकुल आदि संस्थाओं के सहयोग से यह 75 लाख सूर्यनमस्कार अभियान समस्त हरियाणा में पूरे उत्साह से मनाया जा रहा है।

डॉ भूदेव ने बताया अभियान के तहत गुरुग्राम जिला में योग सहायक गांवों में स्थित व्यायामशालाओं में योग सिखा कर जनमानस को स्वस्थ बना रहे है। जिला के नौ गांव नामतः ख्वासपुर, डाबोदा, घोषगढ़, हाजीपुर पातली, जमालपुर, नौरंगपुर, हयातपुर, रणसिका, लोकरा में स्थित सभी व्यायामशालाओं में 12 जनवरी से प्रतिदिन शाम के सत्र में सूर्यनमस्कार कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती से शुरू हुए इस अभियान के तहत 14 फरवरी तक प्रत्येक आयुष डिस्पेंसरी, स्कूल, कालेज, पार्क, अस्पताल, पी.एच.सी. व सी.एच.सी. सहित आगनवाड़ी आदि सभी जगह पर कराया जाएगा। इस बार 26 जनवरी पर भी सूर्यनमस्कार कराया जाएगा।

डॉ भूदेव ने सूर्यनमस्कार अभ्यास के लाभ गिनाते हुए बताया कि सूर्यनमस्कार के अभ्यास से मांसपेशियों में मजबूती आने के साथ साथ लाईलाज बीमारियाँ दूर होती है तथा रोजमर्रा के कार्यों में जीवन में उत्साह और शक्ति का संचार होता है। उन्होंने कहा कि सूर्यनमस्कार स्वास प्रस्वास व सूर्य मंत्रों के साथ करना चाहिए। इससे बच्चों में रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है व बच्चे शरीर व मन से मजबूत बनते हैं। डॉ भूदेव ने बताया कि जो नागरिक इस अभियान में शामिल होना चाहते हैं। वे http://www.75lakhsuryanamaskarharyana.com पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

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