मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत रीयल टाइम डेटा अधिग्रहण प्रणाली का किया उद्धघाटन

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-जिला में पानी के सदुपयोग में कारगर साबित होगी यह प्रणाली : डॉ यश गर्ग, डीसी गुरुग्राम

गुरुग्राम, 18 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज चण्डीगढ़ से वीसी के माध्यम से राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत रीयल टाइम डेटा अधिग्रहण प्रणाली (आरटीडीएएस) का उदघाटन किया। इस मौके पर उनके साथ हरियाणा के प्रधान सचिव डी.एस. ढेसी, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेन्द्र सिंह व अटल जल शक्ति अभियान एवं वाटर कन्वसेशन की ब्रांड अम्बेसटर मनीका श्योकंद भी उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस परियोजना को लॉंच करने के उपरांत अपने सम्बोधन में कहा कि इस रीयल टाइम डेटा अधिग्रहण प्रणाली के तहत यह सुनिश्चित हो सकेगा कि स्त्रोत से कितना पानी छोडा गया है, कितना पहुंचा है, कितने की आवश्यकता है, यदि कहीं पर ज्यादा पानी है तो उसका सदुपयोग करके उसे जहां पर पानी की आवश्यकता है वहां पर पहुंचाया जा सके, इसका पता चल सकेगा और इस पूरी गतिविधि पर नजर रखने के लिए मुख्यालय पर डेस्कबोर्ड भी क्रियान्वित किया गया है जिस पर तमाम प्रक्रिया की जानकारी हासिल की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार समय की बहुत कीमत होती है, उसी प्रकार जल की भी बहुत कीमत है, जल पैदा नहीं किया जा सकता है, उसका प्रबंधन किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के लिए अनेकों योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं ताकि जल का सही प्रयोग हो सके। वर्षा के पानी का भी संचय हो सके, मकसद जल का सदुपयोग करना है ताकि आने वाले पीढियों के समक्ष जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मानव जीवन के लिए जल की बेहद आवश्यकता है उसी प्रकार जीव-जतुंओं के साथ-साथ पेड-पौधों के लिए भी जल की बहुत आवश्यकता है। कोरोना काल में भी जल प्रबंधन की दिशा में कदम उठाए गये हैं, पिछले वर्ष इस बात की कल्पना की गई थी कि आने वाले दो वर्षों को जल प्रबंधन के तहत कार्य किया जाये। जल प्रबंधन के तहत मेरा पानी मेरी विरासत योजना, अटल भूजल योजना, जल जीवन मिशन, तालाब अथोरिटी ऑफ हरियाणा के साथ-साथ अन्य योजनाओं को क्रियान्वित किया गया है और इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने में प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ-साथ सम्बन्धित अधिकारियों का अहम योगदान है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि लॉंच की गई इस योजना से सभी को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज कईं जगहों पर पानी का लैवल काफी नीचे चला गया है। उन क्षेत्रों में इस योजना के तहत कार्य किया जायेगा। पानी का जहां पर लैवल ठीक है वहां से पानी को उन स्थानों पर ले जाने का काम किया जायेगा, जहां पर पानी का लैवल नीचे है। इस विषय के तहत बेहतर तरीके से कार्य किया जायेगा। तालाब अथोरिटी ऑफ हरियाणा के तहत जिन तालाबों में ओवर फ्लो पानी है वहां के पानी को वहां से निकालकर इरिगेशन के लिए प्रयोग किया जा रहा है। निकाडा कार्यक्रम के तहत भी कार्य किए जा रहे हैं पानी हर खेत तक पहुंचे इस दिशा में कार्य किए गये हैं। उन्होंने कहा कि आज जिस कार्यक्रम को लॉंच किया गया है उससे तमाम गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। उदाहरण के तौर पर भाखड़ा, यमुना या अन्य किसी स्त्रोत से नहरों में, माईनरों में या अन्य जगहों पर पानी भेजा जा रहा है उसका सही पता चल सकेगा।, 90 स्थानों पर प्रोजैक्ट को शुरू किया गया है, आगे शेषे बचे स्थानों पर इस कार्य को किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि इस परियेाजना के तहत गल्त प्रवृति के वे लोग जो पानी की चोरी करते है उस चोरी को रोकने में भी सफलता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पानी के प्रबंधन में जिस दिश में हमें कार्य करना है उस कार्य को बेहतर तरीके से कार्य करें। उन्होने कहा कि जल प्रबंधन के तहत हमें हरियाणा में इस प्रकार कार्य करना है कि हरियाणा का उदाहरण अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनें और हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल ही जीवन के सपने को साकार करना है।

उपायुक्त डॉ यश गर्ग ने वीसी उपरांत कहा कि पानी निश्चित रूप से सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैं, जिसके सदुपयोग के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना निश्चित रूप से उपरोक्त उद्देश्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगी।
डॉ गर्ग ने कहा कि किसी भी अभियान में जनभागीदारी एक महत्वपूर्ण बिंदु है। इसलिए लोगो को जल की महत्वता के बारे में जागरूक करना बेहद आवश्यक है।

इस मौके पर सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता शिवसिंह रावत भी उपस्थित रहे।

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