नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों के लिए कोविड शिक्षा सहायता की घोषणा की, 50 लाख रु का आपातकालीन कोविड कोष बनाया

Font Size

गुरुग्राम : नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी (एनसीयू) 25 साल पहले अपनी स्थापना के समय से ही विद्यार्थियों की मदद की परंपरा को बढ़ाते हुए महामारी से बुरी तरह प्रभावित अपने विद्यार्थियों की सहायता के लिए कदम बढ़ाया है। एनसीयू के मौजूदा विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने की अनोखी पहल करते हुए यूनिवर्सीटी इस वर्ष कोविड-19 में काम-काजी माता-पिता को खोने वाले विद्यार्थियों को राहत देगी।

विश्वविद्यालय महामारी के दर्द और पीड़ा तो दूर नहीं कर सकता है पर एनसीयू के उन विद्यार्थियों का आर्थिक बोझ कम करने का लक्ष्य रखता है जिनके परिवार महामारी से प्रभावित हुए हैं। अंडरग्रैजुएट और ग्रैजुएट प्रोग्राम में नामांकित विद्यार्थियों की मदद के लिए एनसीयू ने 50 लाख रुपये का आपातकालीन कोविड शिक्षा सहायता (सीईएएसई) कोष बनाया है। सभी वित्तीय सहायता आवेदनों की समीक्षा करने और लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार करने के लिए विश्वविद्यालय ने एक समिति भी गठित की है। आर्थिक सहायता अनुदान का लाभ एडमिशन वर्ष 2021-22 से आरंभ हो कर विद्यार्थियों के अपने प्रोग्राम पूरे कर ग्रैजुएट होने तक दिया जाएगा।

कर्नल बिक्रम मोहंती, रजिस्ट्रार, एनसीयू ने कहा, “इस कठिनतम समय में हम हताश विद्यार्थियों की मदद करना सामूहिक जिम्मेदारी मानते हैं क्योंकि वे कोविड-19 महामारी में माता-पिता में एक या दोनों को खो चुके हैं। ‘सीज़’ यह सुनिश्चित करने का हमारा छोटा प्रयास है कि आर्थिक तंगी में किसी विद्यार्थी की पढ़ाई बंद न हो। इस महामारी से प्रभावित हमारे विद्यार्थियों और उनके परिवारों के प्रति हमारी पूरी संवेदना है।’’

एनसीयू अपनी शैक्षिक उत्कृष्टता, विस्तृत डिग्री कोर्स और प्रासंगिक शोध कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है। संस्थान कोविड के प्रति तुरंत सतर्कता बरत कर और राहत कोष बना कर अधिक प्रभावी हो गया है। आर्थिक अनुदान देने की प्रक्रिया तेज करने के लिए संस्थान ने प्रभावित विद्यार्थियों से उनके संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन देने की अपील की है।

नॉर्थकैप विश्वविद्यालय के बारे में :


हरियाणा के गुरुग्राम स्थित नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी की स्थापना 1996 में की गई थी जिसका मकसद भारतीय विद्यार्थियों  को उच्च कोटि की उच्च शिक्षा प्रदान करना है। पिछले 25 वर्षों में एनसीयू एक बहु-विषयी विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों की पहली पसंद बन गया है जो पूरे देश के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, व्यावहारिक विज्ञान, प्रबंधन, लिबरल आर्ट्स और कानून में डिग्री प्रोग्राम पेश करता है। इसके 11,000 से अधिक सफल पूर्व विद्यार्थी हैं, जो भारत और विदेशों में सभी उद्योग क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

एनसीयू 2020 के राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में चोटी के 200 भारतीय विश्वविद्यालयों में शामिल है। इसके अलावा एनसीयू के इंजीनियरिंग स्कूल को एनआईआरएफ रैंकिंग में देश के शीर्ष इंजीनियरिंग स्कूलों में लगातार स्थान प्राप्त रहा है और यह हरियाणा (भारत) का नंबर 1 निजी इंजीनियरिंग स्कूल है। एनसीयू को एनएएसी की मान्यता प्राप्त है और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) और अंतर्राष्ट्रीय कॉलेज मान्यता सेवाएं (एएसआईसी), यूके के तहत भी मान्यता प्राप्त है।

Table of Contents

You cannot copy content of this page