मानेसर : मानेसर सेक्टर 85 पिरामिड हाइट्स से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सनातन परम्परा में आस्था रखने वाले प्रेमियों और स्थानीय रेजिडेंट्स की सामूहिक मांग आज पूर्णता की ओर बढ़ चली है। आज देर शाम प्रस्तावित स्थल पर मंदिर पुनर्स्थापना का कार्य आरंभ हो गया। शांतिपूर्ण धरना, सांकेतिक रोड जाम और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों तथा पिरामिड हाइट्स के निवासियों के संयमित प्रतिरोध के बाद अंततः प्रशासन ने लोगों की इस मांग पर सहमति प्रदान की ।
इस विषय पर एसडीएम दर्शन यादव के साथ आज स्थानीय रेजिडेंट्स और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों की लंबी, गंभीर और सकारात्मक वार्ता हुई। प्रशासन ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि विवादित स्थल से हटाई गई मूर्ति और मंदिर के संबंध में रेजिडेंट्स की भावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
धरने के दौरान कुछ रेजिडेंट्स को “सरकारी कार्य में बाधा” के आरोपों के चलते चौकी और थाने में बैठाया गया था। विश्व हिंदू परिषद एवं समाज के वरिष्ठजनों की पहल और शांतिपूर्ण संवाद के बाद उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया।
सामूहिक प्रयासों का परिणाम यह रहा कि जहाँ पहले मंदिर के लिए केवल लगभग 80 गज स्थान उपलब्ध था, वहीं अब बिल्डर, एसडीएम और रेजिडेंट्स की आपसी सहमति से परियोजना परिसर के भीतर एक बड़ा, व्यवस्थित और संतुलित प्रस्तावित स्थान मंदिर निर्माण हेतु निर्धारित किया गया है। बिल्डर कंपनी ने भी इस पुनीत कार्य में पूरा सहयोग देने का संकल्प जताया और माना कि मंदिर केवल भवन नहीं, बल्कि आस्था, सामाजिक सद्भाव और एकता का प्रतीक है।
पूरे संघर्ष और संवाद में मानेसर जिला टीम और गुरुग्राम जिला टीम लगातार रेजिडेंट्स के साथ खड़ी रही। उनकी निरंतर उपस्थिति और संयमित नेतृत्व ने स्थिति को दिशा दी और समाधान का मार्ग प्रशस्त किया।
विश्व हिंदू परिषद की ओर से मानेसर जिला अध्यक्ष राजेंद्र , उपाध्यक सुरेंद्र लंबरदार , जिला मंत्री त्रिलोकी , सह मंत्री अमित राठी , एवं कार्यकारिणी के सदस्य लगातार सक्रिय रहे। गुरुग्राम जिला टीम की ओर से जिला अध्यक्ष सुरेंद्र तंवर , अमित हिंदू (बजरंग दल संयोजक) और विभाग मंत्री यशवंत शेखावत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रेजिडेंट समिति की ओर से राज सैनी , संजीत यादव , किशोरी वर्मा , बजिंदर कुमार , कुलदीप सैनी , सतीश सैनी , मंवेंन्द्र , राजीव सैनी , हांशू सैनी , संजू सैनी , निशांत सैनी , दयानंद कौशिक , नितिन सांगल , ललित कुमार , पवन कुमार , अमित यादव , अरुण सिंह , नेहा नेगी , सुमन जांगड़ा , डिम्पल छाबड़ा , सीमा सैनी , शिवानी वर्मा , कुसुम सैनी , ज्योति सैनी , ललिता शर्मा , मुनेश और अधिवक्ता मनीषा राणा ने पूरी जिम्मेदारी के साथ रेजिडेंट्स की ओर से पक्ष रखा और प्रशासन के साथ सतत संवाद बनाए रखा।
यह सामूहिक संघर्ष केवल एक मंदिर का विषय नहीं, बल्कि आस्था, अधिकार और समुदाय की एकजुटता का जीवंत उदाहरण बन गया है। आज होने वाला शिलान्यास इस एकता और श्रद्धा का प्रमाण है। आगे की प्रक्रिया भी इसी भावना और समर्पण के साथ आगे बढ़ाई जाएगी।

