नदियों को जोड़ने के लिए विशेष समिति की बैठक : लिंक परियोजनाओं पर आम सहमति बनाने पर बल

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नई दिल्ली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में एनडब्ल्यूडीए सोसायटी की 38 वीं वार्षिक आम बैठक और नदियों को जोड़ने के लिए विशेष समिति (एससीआईएलआर) की 22 वीं बैठक का नई दिल्‍ली में आयोजन किया गया। श्री सीआर पाटिल ने एमपीकेसी (संशोधित पार्बती कालीसिंध चंबल) और केन बेतवा लिंक परियोजना पर हाल ही में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने हाल ही में जयपुर में राजस्थान की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए आयोजित कार्यक्रम और  प्रधानमंत्री द्वारा एमपीकेसी लिंक परियोजना के एमओए पर हस्ताक्षर करने की घोषणा के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने अन्य राज्यों से अनुरोध किया कि वे अपने देश के विकास में भविष्‍य की प्रगति के लिए अपनी संबंधित लिंक परियोजनाओं पर आम सहमति बनाएं।

सचिव (डीओडब्लूआर, आरडी और जीआर) ने कहा कि हाल के वर्षों में नदियों को जोड़ने के कार्यक्रम में पर्याप्त प्रगति हुई है। उन्होंने विशेष रूप से केन-बेतवा लिंक परियोजना का उल्लेख किया यह कार्यान्वयन के तहत राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना की पहली कड़ी है। सचिव ने उल्लेख किया कि जल संसाधनों का प्रबंधन भारत सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक रहा है और नदियों को जोड़ने (आईएलआर) के कार्यक्रम को सरकार द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

बैठक के दौरान, महानिदेशक, एनडब्ल्यूडीए द्वारा एजेंडा मदों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। आईएलआर परियोजनाओं के लिए विभिन्न कार्यों की स्थिति और लंबित मुद्दे/अड़चनें आदि, एनडब्ल्यूडीए और इंट्रा स्टेट लिंक्स के वर्ष 2023-24 के लिए वार्षिक रिपोर्ट और लेखापरीक्षित खातों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने अपनी संबंधित आईएलआर परियोजनाओं पर अपने विचार/सुझाव व्यक्त किए।

जल शक्ति राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी, बिहार के जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी, उत्तर प्रदेश के (सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग) मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पुडुचेरी के लोक निर्माण विभाग मंत्री के. लक्ष्मीनारायणन ने बैठक में भाग लिया। इसके अलावा केरल के जल संसाधन विभाग के मंत्री रोशी ऑगस्टीन, हरियाणा के जल संसाधन विभाग की मंत्री श्रुति चौधरी और गुजरात के जल संसाधन विभाग के मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया ने भी वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लिया। बैठक में विभिन्न केंद्रीय और राज्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

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