बिहार में जनगणना रिपोर्ट जारी : जानिये किस जाति में कितने गरीब ?

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पटना : बिहार सरकार की ओर से कराये गए जातिगत सर्वे की रिपोर्ट से कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं. इस सर्वे रिपोर्ट के अनुसार राज्य की कुल आबादी 13 करोड़ से अधिक है. इनमें  63 प्रतिशत आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग की है जिनमें अन्य पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग भी शामिल है . रिपोर्ट बताती है कि राज्य में 94 लाख लोग आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं जिनकी आय 6,000 प्रति माह से भी कम है. एससी वर्ग के 42.93 प्रतिशत लोग  गरीब हैं जबकि सामान्य वर्ग की भी 25 प्रतिशत आबादी गरीबी की हालत में जी रहे हैं.

 

सर्वेक्षण रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार की कुल आबादी में 63 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग में से पिछड़ा वर्ग 27.13 प्रतिशत और अत्यंत पिछड़ा वर्ग उपसमूह की आबादी 36 प्रतिशत है . एससी और एसटी की कुल आबादी 21 प्रतिशत से अधिक है . यहाँ 15.53 प्रतिशत लोग सवर्ण वर्ग रहते हैं जिनमें ब्राह्मण समुदाय के 3.65 प्रतिशत और राजपूत 3.45 प्रतिशत हैं जबकि सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली जाती भूमिहार ब्राह्मण की कुल आबादी केवल 2.86 प्रतिशत बताई गई है .

 

किस जाति में कितने गरीब :

 

नीतिश कुमार सरकार की ओर से जारी सर्वे रिपोर्ट के आंकड़े बताते है कि आशंका के अनुरूप अनुसूचित जाति में ही सबसे अधिक गरीब परिवार हैं. एससी समुदाय में 42.93 प्रतिशत  आबादी गरीब है जबकि अनुसूचित जनजाति के 42.70 प्रतिशत परिवार गरीबी की हालत गुजर बसर कर रहे हैं.  दूसरी तरफ पिछड़ा वर्ग में 33.16 प्रतिशत और अति पिछडा वर्ग में 33.59 प्रतिशत लोग गरीब गईं. सामान्य वर्ग जिसे आम तौर पर सरकार और समाज समृद्ध मान कर चलता है के 25.09 प्रतिशत लोग भी बदहाली का जीवन जीने को मजबूर हैं.

 

गरीबी की दृष्टि से जारी जातिगत आकंडे ने सबकी आखें खोल दी  हैं. इस सर्वे रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सामान्य श्रेणी में  सबसे अधिक गरीब परिवार भूमिहार जाति में हैं . इस जाति के 27.58 प्रतिशत लोग गरीब हैं जबकि ब्राह्मण में ग़रीबों का प्रतिशत 25.32 और राजपूत में  24.89 फीसदी लोग गरीब बताये गए हैं. अगर संख्या बल की बात की जाए तो सर्वे के अनुसार कुल 43 लाख 28 हजार 828 सवर्ण परिवार बिहार में रहते हैं. इनमें से कुल 10 लाख 85 हजार 913 परिवार की आय प्रतिदिन 200 रुपये से भी कम है .

 

खेती की जमीनों पर सबसे अधिक कब्ज़ा रखने का आरोप जिस जाति भूमिहार पर लगाया जाता रहा है उसके कुल 8 लाख 38 हजार 447 परिवार में से 2 लाख 31 हजार 211 परिवार गरीब हैं. ब्राह्मण के कुल 10 लाख 76 हजार 563 परिवारों में से 2 लाख 72 हजार 576 गरीब हैं, जबकि कुल 9 लाख 53 हजार 784 राजपूत परिवारों में से 2 लाख 37 हजार 412 गरीब की श्रेणी में हैं.

 

अल्पसंख्यक में कितनी गरीबी ?

 

मुसलमानों की सामान्य श्रेणी में शेख जाति के कुल 25.84 प्रतिशत लोग बिहार में निवास करते हैं. सर्वे का आकलन कहता है कि शेख परिवारों की कुल आबादी 10 लाख 38 हजार 88 है जिनमें 2 लाख 68 हजार 398 गरीब हैं. पठानों के कुल 1 लाख 89 हजार 777 परिवारों में से 42 हजार 137 गरीब हैं, जबकि सैयदों के कुल 59 हजार 838 परिवारों में से 10 हजार 540 परिवार गरीब बताये गए हैं.

 

 

पिछड़ा वर्ग में कौन सबसे अधिक गरीब :

 

सर्वे का दावा है कि पिछड़े वर्ग की श्रेणी में यादव जाति के लोग  सबसे ज्यादा गरीब है. कुल 35.87 प्रतिशत यादव गरीब हैं. प्रदेश में कुल 13 लाख 83 हजार 962 यादव परिवार हैं. इस श्रेणी में यादव के बाद कुशवाहा है. इस जाति के 34.32 प्रतिशत  परिवार गरीब हैं. राज्य में कुल 4 लाख 6 हजार 207 कुशवाहा परिवार हैं .

 

बिहार में सबसे अमीर जाति  :

 

सर्वे रिपोर्ट से पता चला है कि बिहार में कायस्थ जाति सबसे अमीर है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इनकी कुल आबादी  1 लाख 70 हजार 985 है. इनमें से 13.83 प्रतिशत यानी 23 हजार 639 परिवार बदहाली में जी रहे हैं .

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