सफलता के लिए जीवन में 3डी यानी डिसिप्लिन, डिवोशन व डेडीकेशन का होना आवश्यक : राज्यपाल

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K R Mangalam University

– पास आउट हो रहे विद्यार्थियों से राज्यपाल ने कहा कि जिंदगी में सीखना कभी ना छोड़े
– के.आर मंगलम विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे डॉ बंडारू दत्तात्रेय राज्यपाल

गुरुग्राम 17 दिसम्बर। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज कहा कि जीवन में सफलता के (K R Mangalam University) शिखर पर पहुंचने के लिए 3डी यानी डिसिप्लिन, डेडीकेशन व डिवोशन के सिद्धांत पर चलना अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थी जीवन में पूर्ण अनुशासन, समर्पण व लगन से ही जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने का रास्ता खुलता है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में कुछ कर गुजरने का जुनून है तो कोई लक्ष्य कितना भी कठिन क्यों न हो, आप उपरोक्त सिद्धान्तों का अनुसरण करते हुए उसे प्राप्त कर सकते हैं।

श्री दत्तात्रेय ने कहा कि इसके साथ साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों के समय आपको मन में समाज के प्रति त्याग का भाव भी रखना होगा। राज्यपाल श्री दत्तात्रेय शनिवार को गुरूग्राम के सोहना रोड स्थित के.आर मंगलम युनिवर्सिटी के पंचम दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

सफलता के लिए जीवन में 3डी यानी डिसिप्लिन, डिवोशन व डेडीकेशन का होना आवश्यक : राज्यपाल 2युवाओं से सीधा संवाद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि व्यक्ति जीवन के अंत तक विद्यार्थी रहता है इसलिए जीवन में सीखने का भाव कभी ना छोड़े। अगर आप इस सोच और विश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे तो निश्चित ही आपको सफलता मिलेगी।

राज्यपाल ने कहा कि मैं आज भी एक विद्यार्थी हूँ और प्रत्येक दिन कुछ नया सीखने की चाहत रखता हूँ। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए तीन प्रमुख बिंदु नामतः टेक्नोलॉजी, इनोवेशन व रिसर्च पर विशेष ध्यान देना होगा। आज टेक्नोलॉजी व इंटरनेट का युग है जिसके आधार पर वैश्विक स्तर पर बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। उ

न्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ इन्टरनेट से जुड़ कर आप विश्व में शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, अनुसन्धान व नए अघ्ययनों की जानकारी प्राप्त कर अपने आप को अपडेट रख सकते हैं। इसलिए आप इन्टरनैट के सभी मोड्स का अपना ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ नई खोज व अनुसंधानों की जानकारी प्राप्त करने के लिए ज्यादा-से-ज्यादा प्रयोग करें।

उन्होंने कहा कि एक अनुमान के तहत वैश्विक स्तर पर वर्ष 2030 तक नई तकनीक के क्षेत्र में करीब तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिलने जा रहा है। श्री दत्तात्रेय ने कहा कि मेरा मानना है कि जिस लगन व मेहनत के साथ देश की युवा शक्ति आगे बढ़ रही है इस हिसाब से करीब दो करोड़ रोजगार भारतीयों के हिस्से में आएंगे।सफलता के लिए जीवन में 3डी यानी डिसिप्लिन, डिवोशन व डेडीकेशन का होना आवश्यक : राज्यपाल 3

राज्यपाल ने कहा कि आज युवा शक्ति के बल पर भारत वैश्विक स्तर पर अपनी एक नई पहचान बना रहा है जिसके चलते सारी दुनिया हमारी ओर देख रही है। श्री दत्तात्रेय ने प्रधानमंत्री के “मेक इन इंडिया”विजन का जिक्र करते हुए कहा कि आज इस दीक्षांत समारोह में डिग्री मिलने के उपरांत आप सभी नौकरी के पीछे ना भागकर उद्यमशीलता अपनाकर नौकरी देने वाले बने।

इस समारोह में उन्होंने विश्वविद्यालय के 632 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्रियां तथा मैडल व अवार्ड प्रदान किए। समारोह में डिग्रियां तथा अवार्ड प्राप्त करने वालोें में लड़किया की संख्या ज्यादा होने पर राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाज के लिए अच्छे संकेत हैं। लड़कियां जितना आगे बढेगी उतना ही हमारा समाज भी आगे बढेगा।

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राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा किआज भारत, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े परिवर्तन के शिखर पर है। इस शिक्षानीति से देश में एक नए युग की शुरूआत हुई है।

उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे सभी विश्वविद्यालय शिक्षा के पारिस्थितिकी तंत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, कंप्यूटिंग पावर, स्मार्ट डिवाइसेज, मशीन लर्निंग, एक्सटेंडेड रियलिटी, डिजिटल ट्रस्ट, 3डी प्रिंटिंग, जीनोमिक्स, न्यू एनर्जी सॉल्यूशंस जैसी नई तकनीकों को जोड़कर आगे बढ़ें। इसके साथ-साथ आज ऐनिमेशन, ग्राफिक्स, विजुअल, कोमिक्स आदि में रोजगार की अपार संभावनाएं है। छात्रों को इन सब में पारंगत करने की आवश्यकता है ताकि वे न केवल नौकरियों की तलाश करें बल्कि उद्यमी और नौकरी प्रदान वाले बनने के बारे में सोचें।

श्री दत्तात्रेय ने कहा कि आज भारत के पास अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। हमारे देश में 80 हजार से भी अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। 110 स्टार्टअप को युनिकार्न का दर्जा मिल चुका है। अकेले हरियाणा में लगभग चार हजार स्टार्टअप हैं, जिन्हें उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता मिल चुकी है। उन्होंने आज डिग्री प्राप्त करने वाले सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे केंद्र व राज्य की सेवाओं का लाभ उठाते हुए स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़े, तभी हमारा भारत आत्म निर्भर होगा।

इस अवसर पर के.आर मंगलम विश्वविद्यालय गुरूग्राम के चेयरमैन यश गुप्ता, वाईस चेयरमैन (प्रथम) अभिषेक गुप्ता, के.आर मंगलम विश्वविद्यालय गुरूग्राम के कुलपति प्रो0 सी.एस दूबे, वाईस चेयरमैन (द्वितीय) रोहित गुप्ता, वाइस चेयरमैन जयदेव गुप्ता व इंद्रदेव गुप्ता, प्रो पुष्प लता त्रिपाठी जी, कुल सचिव प्रवीन महाजन उपस्थित थे।

 

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