गुरुग्राम में सरस आजीविका मेले का हुआ विधिवत उद्घाटन

Font Size

– बहनों के हाथ में आर्थिक ताकत आने से ही होगा देश का ग्रामीण विकास :  गिरिराज सिंह

– वर्ष 2024 तक 10 करोड़ परिवारों की महिलाओं को आजीविका मिशन से जोड़ने का लक्ष्य 

गुरुग्राम 8 अक्टूबर। केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जिस दिन बहनों के हाथ में आर्थिक ताकत आ जाएगी उस दिन देश के ग्रामीण विकास को कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनामी के सपने को पूरा करने में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का बड़ा योगदान होगा। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2024 तक 10 करोड़ परिवारों की महिलाओं को आजीविका मिशन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 8.5 करोड़ परिवारों तक पहुंच पाए हैं जबकि वर्ष 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी उस समय देश में 2.35 करोड़ परिवार ही इस व्यवस्था से जुड़े थे।

केंद्रीय मंत्री आज गुरुग्राम के लेजर वैली ग्राउंड में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान द्वारा आयोजित सरस आजीविका मेला का विधिवत शुभारंभ करने पहुंचे थे। उनके साथ हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली भी थे। यह मेला 23 अक्टूबर तक लगा रहेगा। बारिश के दिनों में मेले में जो सेल प्रभावित हुई है उसकी भरपाई के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओ की सहमति से मिले की अवधि बढ़ाई जा सकती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ी प्रत्येक बहन की वार्षिक आय ₹10लाख सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे उन्होंने मिशन लखपति की संज्ञा दी।

गुरुग्राम में सरस आजीविका मेले का हुआ विधिवत उद्घाटन 2केंद्रीय मंत्री ने एम एस एम ई और आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहो से जुड़ी महिलाओं की तुलना करते हुए कहा कि देश में एमएसएमई उद्योगों का जाल है जिनकी बैंक लिंकेज 13.2 लाख करोड रुपए है। इसके विपरीत स्वयं सहायता समूहो से जुड़ी महिलाओं की बैंक लिंकेज 5.5 लाख करोड रुपए है। एमएसएमई का एनपीए 9.3 प्रतिशत है जबकि स्वयं सहायता समूहो का एनपीए मात्र 2.4 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि सरस मेलों का आयोजन सन 1999 में शुरू हुआ था और अब इनकी संख्या बढी है।

उन्होंने हरियाणा को भी महिलाओं के स्वयं सहायता समूहो की संख्या बढ़ाने पर बधाई दी और कहा कि कांग्रेस सरकार के समय में प्रदेश में केवल 8000 परिवार स्वयं सहायता समूह से जुड़े हुए थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 5:30 लाख से अधिक हो गई है। इस लिहाज से आजीविका मिशन पहले की अपेक्षा 12 गुना से ज्यादा घरों तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ हरियाणा सरकार भी स्वयं सहायता समूहो की आय बढ़ाने के काम में लगी हुई है।

श्री सिंह ने गुरुग्राम व आस पास के क्षेत्र के लोगों से कहा कि आप बड़े बड़े मॉल में शॉपिंग के लिए जाते हैं और वहां पर एक रुपए की वस्तु ₹10 में खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि सरस मेले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओ के उत्पादों की पैकेजिंग ना हो चाहे उतनी सुंदर ना हो लेकिन पौध में इन उत्पादों में शुद्धता किसी मॉल के उत्पाद से अधिक मिलेगी। उन्होंने आह्वान किया कि सरस मेले में खरीददारी करके स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विश्वास दिलाने की हम आपके साथ हैं। मेले में आपको सामान के साथ इन बहनों का प्यार व स्नेह भी मिलेगा ।

कार्यक्रम में सम्माननीय अतिथि के तौर पर उपस्थित हरियाणा के विकास एवं पंचायती मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि सरस आजीविका मेला हमारी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने व सभी प्रदेशों से आई बहनो को एक दूसरे के रीति-रिवाजों से परिचय कराने का प्रमुख माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा देश की आर्थिक उन्नति में दिए जा रहे योगदान के चलते हम सभी नए भारत के सृजन की ओर बढ़ रहे है। श्री बबली ने कहा कि यह हमारी स्वयं सहायता समूह की बहनों के हुनर की चमक का ही असर है जिसके चलते आज ग्रामीण भारत की तस्वीर निरंतर बदलाव की ओर अग्रसर है।

श्री बबली ने हरियाणा प्रदेश में समाज के अंतिम छोर के व्यक्तियों के कल्याण के लिए हरियाणा सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि आज प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत अंतोदय परिवारों को भी सहायता मुहैया कराने में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन निरंतर प्रयासरत है तथा अन्य विभाग जैसे मनरेगा,महिला एवं बाल विकास विभाग, जल संसाधन, मछली पालन, कृषि विभाग आदि साथ मिलकर ग्रामीण लोगों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं। श्री बबली ने कहा कि प्रदेश में अभी तक हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राज्य के सभी 22 जिलों में 142 ब्लॉक को कवर किया गया है जिसमें 53596 सहायता समूह में कुल 559419 परिवारों को संगठित किया गया है। ये परिवार 3614 ग्राम संगठन और 186 संघों से जुड़े हुए हैं।

आज प्रदेश में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा लगभग 112 कैंटीन पूरे राज्य में सहायता समूह की महिलाओं द्वारा चलाई जा रही है। इसके साथ ही कंप्यूटर प्रशिक्षण तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस पास महिलाएं ‘बैंक सखी’ के तौर पर काम करते आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हुई महिलाओं को सराहनीय कार्यों में समाज में योगदान देने के लिए विभिन्न संस्थाओं व संगठनों द्वारा समय-समय पर सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा मार्च 2022 में नारी शक्ति पुरुस्कार से सम्मानित गुरुग्राम के गांव चंदू निवासी श्रीमती पूजा शर्मा का जिक्र करते हुए कहा कि पूजा शर्मा ने देश के अन्य राज्यों की ग्रामीण महिलाओं को सफलता के लिए प्रेरणा दी है ।

मेले के उद्घाटन अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय में सचिव श्री नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा कि देश के नवीनीकरण व आर्थिक मजबूती प्रदान कर रहे शहरों में गुरुग्राम की अग्रणी भूमिका है। उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक कोने व गांव – गांव में स्वयं सहायता समूह के हो रहे विस्तार के चलते देश की ग्रामीण आबादी का आधा हिस्सा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ा हुआ है। श्री नागेंद्र ने कहा कि हरियाणा प्रदेश एक सम्पन्न प्रदेश है , ऐसे में हरियाणा प्रदेश की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अगर लीड भूमिका निभाएं तो देश के अन्य राज्यों की महिलाओं को अभी एक नया मार्गदर्शन व नई दिशा मिलेगी।

उद्घाटन कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय के अपर सचिव(एनआरएलएम) चरणजीत सिंह ने अपने संबोधन में सरस मेले के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज देश की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक उत्थान में सरस मेला महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने गुरुग्राम में आयोजित सरस आजीविका मेले का जिक्र करते हुए कहा कि गुरुग्राम में 07 अक्तूबर से 23 अक्टूबर के बीच आयोजित किए जा रहे मेले में 27 राज्यों से करीब 500 महिला उद्यमी भाग ले रही हैं। इसके साथ ही मेले में देश के अलग-अलग राज्यों के पकवानों के 29 स्टॉल लगाए गए हैं। मेले के दौरान उत्पादों की पैकेजिंग और डिजाइन, संचार संबंधी कुशलता, सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार और व्यापार से व्यापार के विपणन संबंधी प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस मेले में सुबह 11 बजे से रात रात्रि 9.30 बजे तक प्रतिदिन आम लोग शिरकत कर सकते हैं।

हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमरिंदर कौर तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय में निदेशक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में गुरुग्राम के उपायुक्त निशांत कुमार यादव तथा एन आई आर डी पी आर के मार्केटिंग हेड चिरंजी लाल कटारिया भी उपस्थित थे।

You cannot copy content of this page