सरकारी विभागों व ग्राम पंचायतों की जमीन का तैयार होगा डेटा

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-विकास योजनाओं पर अमल के लिए तैयार होगा लैंड बैंक :  डीसी गुरुग्राम
-डीसी ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

गुरुग्राम, 02 जुलाई। जिला में विकास परियोजनाओं के लिए सरल व सुगम तरीके से सरकारी जमीन उपलब्ध करवाने व हरियाणा सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे भूमि बैंक की प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्यों के तहत डीसी निशांत कुमार यादव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी गांवों, नगर पालिकाओं व परिषदों क्षेत्रों , जिले के दोनों नगर निगमों सहित विभिन्न विभागों की जमीन का डेटा
एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त की अध्यक्षता में यह बैठक लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई थी।

डीसी श्री यादव ने बैठक में बताया कि हरियाणा में आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा लैंड बैंक नीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पॉलिसी के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार की लैंड बैंक नीति से जमीन बेचने वालों को उनकी जमीन का सही रेट मिलेगा और सरकार को विकास कार्यो के लिए आसानी से जमीन भी उपलब्ध हो पाएगी। उन्होंने कहा कि अकसर देखने मे आता है कि भूमि स्वामियों, विशेष रूप से विदेशों में रहने वाले लोगों को बाजार में मंदी या महामारी, बिचौलियों के दबाव या विभिन्न कारणों से अपनी भूमि की बिक्री मजबूरन करनी पड़ती है।

ऐसे में लैंड बैंक विभिन्न विभागों, भूमि मालिकों, किसानों और राज्य सरकार के लिए फायदे की स्थिति की पेशकश करेगा, जहां किसान प्रतिस्पर्धी मूल्य पर भूमि बेचने में सक्षम होगा। वहीं कई बार संबंधित जिले में सरकार के पास जमीन होने के बावजूद किसानों से महंगे भाव पर जमीन खरीदनी पड़ती है। ऐसे में जिला के सभी विभागों की उपलब्ध जमीन का डेटा इक्कठा कर लैंड बैंक में समायोजित किया जाएगा।

-कैसे काम करेगा लैंड बैंक

उपायुक्त ने लैंड बैंक की कार्यशैली की जानकारी देते हुए बताया कि लैंड बैंक से आवश्यक सेवाओं, जिसमें जलघर, बिजली सब-स्टेशन, कॉलेज, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल एवं पॉलिटेक्निक आदि सहित अन्य विकास परियोजना की स्थापना के लिए जमीन मिल सकेगी। वहीं किन्ही कारणों से मजबूरन बिक्री से बचने के लिए अपनी भूमि बेचने के इच्छुक भूस्वामियों को सरकार प्रतिस्पर्धी मूल्य प्रदान करने की पेशकश कर सकती है। उन्होंने बताया कि भू-स्वामियों या किसानों को अपनी भूमि की बिक्री की पेशकश करने के लिए भू अभिलेख के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा, जिसमें उन्हें मोलभाव करने लायक मूल्य सहित भूमि का पूरा विवरण देना होगा। ऑनलाइन आवेदन जमा करते समय आवेदक को संबंधित भूमि अभिलेख संलग्न और अपेक्षित रेट का भी जिक्र करना होगा।

-गुरुग्राम एसडीएम को मिली नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी

बैठक में डीसी श्री यादव ने जिला में लैंड बैंक का डेटा बनाने के लिए गुरुग्राम की एसडीएम अंकिता चौधरी को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि जिला में अगले 15 दिनों में ग्राम पंचायतों की ऐसी भूमि जो किसी प्रकार के मुकदमों से मुक्त हो, नगर पालिका व परिषद की वो जमीन जो पट्टे पर देने के लिए खाली हो, नजूल भूमि यानी जिसका मालिकाना हक किसी के पास ना हो, उसकी रिपोर्ट तैयार हो जाए।

उसके साथ साथ सरप्लस भूमि व किसी विभाग की वह भूमि जो किसी परियोजना को लेकर अधिग्रहित की गई थी लेकिन प्रोजेक्ट ड्राप होने के कारण अभी तक खाली पड़ी है या सुप्रीम कोर्ट द्वारा शामलात जमीन को लेकर हरियाणा सरकार के पक्ष में फैसला दिए जाने के बाद सभी ग्राम पंचायतों सहित नगर परिषद व पालिकाओं की शामलात भूमि की भी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाए, ताकि उस भूमि का म्युटेशन पुनः पंचायत अथवा नगर पालिका व परिषद के नाम करने की प्रकिया को शुरू किया जा सके।

बैठक में गुरुग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, गुरुग्राम की एसडीएम अंकिता चौधरी, नगराधीश दर्शन यादव, पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार, बादशाहपुर के एसडीएम सतीश यादव, सोहना के एसडीएम जितेंद्र गर्ग, जिला राजस्व अधिकारी मनबीर सिंह , जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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