शिक्षा निदेशालय ने नियम 134ए के तहत छात्रों को दाखिला दिलाने के जिला, अधिकारियों को दिए आदेश

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रेवाड़ी / गुडग़ांव, 29 दिसम्बर : नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में निर्धन वर्ग के बच्चों के प्रवेश देने का विवाद सुलझता दिखाई नहीं दे रहा है।निजी स्कूल पात्र छात्रों को भी एडमिशन नहीं दे रहे हैं। इसी दौरान प्रदेश के शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर सभी जिलों के उपायुक्तों वशिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि निजी स्कूल प्रबंधनों से इस नियम के तहत पात्र छात्रों को एडमिशन देने का मार्ग प्रशस्त कराएं। ऐसे छात्रों को एडमिशन देने की मुहिम में जुटे वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाशचंद ने बताया कि शिक्षा निदेशालय ने आदेश दिए हैं कि स्कूलों द्वारा वर्तमान में चल रही प्रक्रिया के अधीन छात्रों के अभिभावक की आय का मिलान, परिवार पहचान पत्र के साथ-साथ अन्य स्त्रोतों से करते हुए उनके दाखिले किए जाएं।

ऐसे विद्यार्थी जिनके वार्षिक आय के प्रमाण पत्र में कोई संशय नहीं है, उन्हें स्कूलों द्वारा बिना किसी बिलंव के तुरंत दाखिले दिए जाएं तथा
दाखिले की रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट की जाए। निदेशालय ने यह भी कहा है कि वार्षिक आय आदि की सत्यता हेतू जिला स्तर पर 3 सदस्य कमेटी का गठन भी किया जाता है जिसमें अतिरिक्त उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी या फिर उनके प्रतिनिधि शामिल होंगे।

अतिरिक्त उपायुक्त को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। यह कमेटी छात्रों की वार्षिक आय को लेकर संशय के दायरे में आने वाले मामलों का निपटारा करेगी। अधिवक्ता का कहना है कि निदेशालय ने उनके आदेश का पालन कराने के लिए अधिकारियों को लिखा है। अब देखना है कि निदेशालय के आदेशों का पालन निजी स्कूल प्रबंधन कितना करती है। दाखिले को लेकर छात्र व अभिभावक परेशान हैं और वे
उपायुक्त व शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

 

जिला सचिवालय रेवाड़ी में नियम 134 के तहत चयनित बच्चों ने आज भी अपनी  कक्षा लगाई.  इसके उपरांत उपायुक्त रेवाड़ी ने साय 4 बजे जिले के अधिकारियों ( जिले के तहसीलदार, adc आफिस, शिक्षा विभाग, व अन्य विभागों सहित ) मीटिंग बुलाई.  बैठक में बच्चों की तरफ से पैरवी करने वाले अधिवक्ता कैलाश चंद एड्वोकेट को भी आमंत्रित किया गया . बैठक लगभग 2 घंटे चली.

बैठक में कैलाश चंद एड्वोकेट से उपायुक्त रेवाड़ी ने पूछा कि दाखिलों का शेड्यूल कैसे बनाया जाए ? इस पर अधिवक्ता ने सुझाया कि  सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल की कमेटी गठित कर ड्यूटी लगाई जाए.  प्रत्येक स्कूलों के अलॉट किये बच्चों की लिस्ट लेकर खुद वहां बैठेंगे और दाखिले सुनिश्चित करेंगे.

उपायुक्त रेवाड़ी ने इसके लिए तहसीलदारों की जिम्मेदारी लगाई.  उन्हें निर्देश दिया गया कि बच्चों की आय का सत्यापन नियमानुसार तत्काल करें और प्रत्येक दिन दाखिलों की जानकारी देने के लिये शिक्षा विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया गया .

कैलाश चंद अधिवक्ता ने उपायुक्त रेवाड़ी को बताया कि कुछ बच्चे कक्षा 9 वीं  और  कक्षा 11वीं के हैं जिनके लिए  बोर्ड रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख है . इस पर उपायुक्त ने ऐसे बच्चों के दाखिले गुरुवार को ही सुनिश्चित करवाने के लिये शिक्षा विभाग को कहा. अन्य सभी बच्चों के दाखिले भी जल्द सुनिश्चित करवाने का निर्देश दिया.

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