हरियाणवी संस्कृति की धमक के साथ हुआ गीता जयंती महोत्सव का समापन

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-मुख्य अतिथि विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने गीता पर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया पारितोषित वितरण
-केवल आधारभूत ढांचा बनाना ही विकास नही, बल्कि बच्चों में संस्कारों का विकास होना भी जरूरी – विधायक जरावता
– नगर शोभा यात्रा निकाली गई ,मंत्रोच्चारण के बीच विधायक जरावता ने किया रवाना

गुरुग्राम, 14 दिसंबर। गुुरूग्राम में गीता जयंती महोत्सव का अंतिम दिन हरियाणा की कला, संस्कृति व आध्यात्म को समर्पित रहा। समापन अवसर पर पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।उन्होंने गीता पर आधारित नगर शोभा यात्रा को मंत्रोच्चारण के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

हरियाणवी संस्कृति की धमक के साथ हुआ गीता जयंती महोत्सव का समापन 2

गीता जयंती महोत्सव में आज गीता और हरियाणा के रीति रिवाज व परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली। गुरु द्रोण की पावन धरा पर लोगों ने आज हरियाणवी अंदाज में गीता में निहित संदेश को सुना। हरियाणा ग्रुप कला संस्थान रोहतक से आए लोक कलाकारों ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुति देते हुए उपस्थित दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शीशपाल सिंह चौहान एंव ग्रुप ने ‘श्री कृष्ण भूमि पर आकेे सारे नाचां गावांगे‘ की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को गीतामय कर दिया। इसी प्रकार इस गु्रप की बम लहरी, ‘छोरा में हरियाणे का‘ आदि प्रस्तुतियों ने दर्शकों को खूब लुभाया।

समापन अवसर के मुख्यातिथि सत्यप्रकाश जरावता ने कहा कि केवल आधारभूत ढांचा बनाना ही विकास नही है बल्कि युवा पीढ़ी में संस्कारों का विकास और समाज में हमारी स्मृद्ध संस्कृति के प्रति चेतना जागृत करना भी जरूरी है। गीता का मूल मंत्र है कि ‘कर्म करना व्यक्ति के हाथ में है और अच्छे कर्म करेंगे तो उसका फल निश्चित तौर अच्छा ही होगा‘। गीता व्यक्ति को जीवन में अपने लक्ष्य को पहचान कर विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की सीख देती है और हमें भूतकाल, भविष्यकाल तथा वर्तमान काल की अलग-अलग परिस्थितियों में काम करना सिखाती है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से गीता के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को गीता जैसे ग्रंथ से परिचित करवाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव प्रदेश सरकार की अनूठी पहल है। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा विकास व आध्यात्म के पथ पर निरंतर अग्रसर है। श्री जरावता ने कहा कि विश्व में भारत की संस्कृति और इतिहास श्रेष्ठ है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की योग संस्कृति की कोरोना काल में लोगों के लिए जीवनदायिनी बनी। इसके महत्व को पहचानते हुए पूरी दुनिया ने योग को अपनाना शुरू किया है और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।
सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक (एनसीआर) आर एस सांगवान ने मुख्यातिथि के स्वागत संबोधन में इस तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता महोत्सव के दौरान करवाई गई गतिविधियों के बताया ।

समारोह में गीता जयंती महोत्सव के दौरान गीता व आज़ादी के अमृत महोत्सव थीम पर आधारित प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित भी किया गया। आज आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के 18 प्रतिभागी बच्चों को प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा गीता जयंती महोत्सव में प्रस्तुति देने वाले 17 बच्चों को गीता जयंती महोत्सव में मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया। इन विजेताओं के लिए जिला प्रशासन की तरफ से प्रथम , द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 3100 रूप्ये, 2100 रूप्ये तथा 1100 रूप्ये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी।हरियाणवी संस्कृति की धमक के साथ हुआ गीता जयंती महोत्सव का समापन 3

विधायक ने इस अवसर पर शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह शोभायात्रा स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद् हॉल परिसर से शुरू होकर मोर चौंक , अग्रवाल धर्मशाला, गुरूद्वारा रोड़, सोहना चौंक, रेलवे रोड़, सदर बाजार, शिव मूर्ति, न्यू कॉलोनी मोड़, सैक्टर-4/7 चौंक, माता चिन्तपूर्णीं मंदिर, सैक्टर-5 चौंक ,माता रोड़ से होते हुए श्री माता शीतला देवी मंदिर में जाकर संपन्न हुई। इस शोभा यात्रा में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं, मंदिरों व जिला प्रशासन की झांकियां प्रदर्शित की गई थी, जिनमें श्रीमद्भागवतगीता और भगवान श्री कृष्ण के विभिन्न आयामों को दर्शाया गया था। पालकी में बड़ी श्रीमद्भगवद्गीता रखी गई थी। इस शोभा यात्रा के रास्ते में काफी लोगों ने पुष्प वर्षा करते हुए स्वागत किया और लोगों को प्रसाद भी वितरित किया गया।

इस अवसर पर विधायक सत्यप्रकाश जरावता, एसडीएम अंकिता चौधरी, नगराधीश सिद्धार्थ दहिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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