दोस्ती और वफादारी के साथ, इफ्फी के 52वें संस्करण में जर्मन फिल्म नाइट फॉरेस्ट का प्रीमियर

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हम एक यथार्थवादी साहसिक कहानी वाली फिल्म बनाना चाहते थे: इफ्फी के 52वें संस्करण में निर्देशक कैटरीन मिल्हाहन

गोवा :  “नाइट फॉरेस्ट” वैसे तो बच्चों की एक फिल्म है, लेकिन बड़ी उम्र के लोग भी इस फिल्म से संबद्ध हो सकते हैं। यह एक मजेदार फिल्म है, जिसे परिवार में हर कोई व्यक्ति एक साथ बैठकर देख सकता है। फिल्म नाइट फॉरेस्ट की निर्देशक कैटरीन मिल्हाहन ने आज गोवा में 52वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

फिल्म का एशिया प्रीमियर 52वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हुआ था। यह फिल्म इफ्फी के 52वें संस्करण में आईसीएफटी यूनेस्को गांधी पदक के लिए भी प्रतिस्पर्धा कर रही है। आंद्रे होर्मन इस फिल्म के दूसरे निर्माता हैं।

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यह फिल्म दो बहुत अच्छे दोस्तों के जीवन की कहानी का चित्रण है और इसमें यह दिखाया गया है कि वे किस तरह से जीवन भर की ग्रीष्मकालीन साहसिक यात्रा पर जाते हैं। उस समय वे आज़ादी का अनुभव करते हैं और फिल्म के दौरान वे बड़े खतरों तथा बाधाओं का सामना करते हैं।

फिल्म निर्माता कैटरीन मिल्हाहन एक जानी मानी लेखिका हैं और उन्होंने “वी वर जस्ट प्लेइंग”, “लिटिल मिस डोलिटल” सहित कई फिल्मों एवं टीवी श्रृंखलाओं के लिए लिखा है।

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मिल्हाहन ने बताया कि हम एक यथार्थवादी साहसिक कहानी वाली फिल्म बनाना चाहते थे। यह फिल्म एक ऐसे लड़के के बारे में है, जिसने अपने पिता को खो दिया है और वह उस स्थिति के साथ संयम बनाने की कोशिश कर रहा है। यह कहानी दोस्ती एवं वफादारी तथा अपने सपनों में विश्वास करने और समाज द्वारा परिभाषित नहीं होने के बारे में भी है।

मिल्हाहन ने बताया कि फिल्म बनाते समय कई चुनौतियों का सामने आई थीं। उन्होंने बताया कि हमने कोविड महामारी के बीच में ही शूटिंग की थी इसलिए अभिनेताओं को कास्ट करना मुश्किल था। जर्मनी में बाल कलाकारों के संबंध में हमारे लिए बहुत ही सख्त कानून और दिशा-निर्देश थे, हमें उन्हें केवल चार घंटे के लिए ही सेट पर ले जाने की अनुमति मिली थी। हम वास्तव में बड़े भाग्यशाली थे कि हमें दो ऐसे लड़के मिले, जिन्होंने अद्भुत काम किया और हम समय का अभाव होने के बावजूद अपना काम पूरा करने में सक्षम हुए।

इफ्फी में फिल्म का ट्रेलर दिखाते हुए मिल्हाहन ने कहा कि फिल्म बनाने की शुरुआत में, हम इसमें कोई संगीत नहीं डालना चाहते थे, लेकिन फिर हमने दो मूल गाने डालने का फैसला किया। फिल्म के संगीत ने इसको एक नया आयाम दिया है।

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एक पटकथा लेखक के रूप में अपना करियर शुरू करने वाली निर्देशक ने कहा कि आमतौर पर किसी भी फिल्म के लेखक के रूप में, आपको इसकी पूरी प्रक्रिया के कुछ हिस्सों से बाहर रखा जाता है। इसलिए, मैंने स्वयं एक फिल्म बनाने की कोशिश करने का फैसला किया और मुझे खुशी है कि मैं इसके साथ न्याय कर सकी।

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