रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने राष्ट्रीय पर्वतारोही दल को रवाना किया

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मुख्य बातें:

  • आल्प्स पर्वत की सबसे ऊंची चोटी माउंट ब्लैंक पर विजय का लक्ष्य
  • आल्प्स के घाटी तल पर बहुस्तरीय पैराग्लाइडिंग की शुरुआत
  • आल्प्स पर्वत से इंग्लिश चैनल तक लगभग 1,000 किलोमीटर की टेरेन बाइकिंग
  • द्वितीय विश्व युद्ध के विख्यात नॉरमैंडी लैंडिंग जोन में 10,000 से 15,000 फुट तक पैराजंपिंग
  • स्कूबा प्रशिक्षकों द्वारा इंग्लिस चैनल में 40 मीटर तक स्कूबा डाइविंग

नई दिल्ली :    रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान के आगामी बहुआयामी साहसिक खेल अभियान को 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान का यह दल नवंबर 2021 में फ्रांस के जनरल एरिया चामोनिक्स में इस अभियान का संचालन करेगा, जिसे यूरोप की साहसिक राजधानी माना जाता है। अभियान का नेतृत्व राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान के निदेशक कर्नल सरफराज सिंह करेंगे।

सरकार के ‘आजादी का अमृत महोत्सव विषय’ के अनुरूप इस अभियान का उद्देश्य जल, थल और नभ के क्षेत्र में भारत के पहले बहुआयामी साहसिक खेल अभियान के संचालन द्वारा देश में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के समग्र उद्देश्य के साथ स्वतंत्रता के 75वर्षों का उत्सव मनाने का लक्ष्य है। यह भी कहा गया है कि इस तरह का अभियान राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि यह तीनों क्षेत्रों में संस्थान के गतिशील कौशल और साहसिक विशेषज्ञता का प्रदर्शन करेगा।

अभियान के स्थान (i) आल्प्स पर्वत; (ii) चामोनिक्स; (iii) नॉरमैंडी और (iv) इंग्लिश चैनल। अभियान के दौरान नियोजित बहुआयामी गतिविधियां इस प्रकार हैं:

(i) यूरोप के सबसे ऊंचे शिखर आल्प्स पर्वतमाला के माउंट ब्लैंक पर चढ़ाई

(ii) आल्प्स के घाटी तल के पास बहुस्तरीय पैराग्लाइडिंग की शुरुआत;

(iii) आल्प्स पर्वत से इंग्लिस चैनल तक लगभग 1,000 किलोमीटर की माउंटेन टेरेन बाइकिंग

(iv) स्कूबा प्रशिक्षकों द्वारा इंग्लिस चैनल में 40 मीटर गहराई तक स्कूबा डाइविंग

(v) द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध नॉरमैंडी लैंडिंग जोन में 10,000 से 15,000 फीट तक पैराजंपिंग।

इन सभी गतिविधियों के दौरान जल, थल या नभ में तिरंगा फहराया जाएगा और तीन रंगो का प्रदर्शन किया जाएगा।

वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने घोषणा की थी कि पूर्वोत्तर में राष्ट्रीय स्तर का पर्वतारोहण संस्थान स्थापित किया जाना चाहिए। इस घोषणा के अनुपालना में वर्ष 2013 में अरुणाचल प्रदेश के दिरंग में राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान की स्थापना की गई। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह इसके अध्यक्ष और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री उपाध्यक्ष हैं। यह देश का एकमात्र संस्थान है, जिसे तीनों क्षेत्रों यानी जल, थल और नभ में साहसिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण कराना अनिवार्य है।

पिछले पांच वर्षों के दौरान, संस्थान ने माउंट एवरेस्ट अभियान, माउंट त्रिशूल, माउंट कुन, माउंट गोरिचेन, माउंट कैंटो-6 और विभिन्न अन्य पर्वत चोटियों सहित अनेक अभियानों का संचालन किया। इसने अरुणाचल प्रदेश की सात प्रमुख नदियों के लिए राफ्टिंग अभियान भी चलाया है। राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान की साइक्लिंग टीम ने 2019-20 में चार दक्षिण पूर्व एशियाई देशों यानी म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर के लिए मोटर बाइक अभियान चलाया।

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