गुरुग्राम में ऑनलाइन प्लाट या मकान खरीदने से रहें सावधान, बिल्डर ने 30 लाख रूपये ठग लिए

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गुरुग्राम : देश के सभी बड़े शहरों में रहने वाले लोगोन का यह सपना होता है कि गुरुग्राम में भी उनका अपना आशियाना हो. लेकिन यहाँ आए दिन माकन व प्लाट खरीददारी में धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आती हैं. कहीं बिल्डर की मनमानी तो कहीं फर्जी लाइसेंस दिखा कर पैसे ऐंठना तो कभी पैसे लेकर रजिस्ट्री नहीं करने की वारदात. यूँ कहें कि साइबर सिटी में बिल्डरों की अनैतिक धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है. इन अनैतिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए संसद से पारित कानून के तहत एक तरफ हरेरा का गठन किया गया है तो दूसरी तरफ गुरुग्राम पुलिस की सक्रियता लेकिन बिल्डर की मनमानी बदस्तूर जारी है .

 

ऐसा ही एक वाकया फिर सामने आया है. इस मामले में दस्तावेजों में प्रोजेक्ट की कथित फर्जी अप्रूवल दिखाकर एक बिल्डर ने एक व्यक्ति से करीब 30 लाख रुपए झटक लिए .   बेचे गए प्लॉट की रजिस्ट्री करने से उक्त बिल्डर कोई न कोई बहाना बनाकर बचता रहा . अंततः खरीददार ने बिल्डर से रुपए वापस मांगे लेकिन उसने पैसे वापस देने से इनकार कर दिया I खबर है कि सेक्टर-56 थाना पुलिस ने खरीददार की लिखित शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है .

 

झज्जर निवासी शशि प्रकाश ने बताया कि वह मुंबई में रहते हैं . गुरुग्राम में अपना घर बनाने की इच्छा से बिल्डर की तलाश 99 एकड़ वेबसाइट के माध्यम से की . उक्त साईट पर उन्हें लोटस ड्रीम प्रोजेक्ट एंड डेवलपर का गांव घामडोज में एक प्रोजेक्ट लोटस मदर्स ब्लेसिंग प्रोजेक्ट का व्योरा दिखा जिसे उन्होंने पसंद किया.

उन्होंने इससे सम्बंधित जानकारी और मदद के लिए  वेबसाइट पर दिए गए सोनी नामक महिला के मोबाइल पर संपर्क साधा . बातचीत के बात उन्होंने 250 गज का प्लॉट बुक कर लिया . वह मार्च 2020 में गुरुग्राम आया  और प्लॉट बुक कर उक्त बिल्डर को करीब 30 लाख रुपए दे दिए. पैसे मिलने पर बिलाद्र ने जमीन की रजिस्ट्री की तारीख भी तय कर दी .

 

खरीददार ने अपनी शिकायत में कहा है कि उक्त बिल्डर रजिस्ट्री की तारीख पर नहीं पहुंचा . इसके बाद लॉकडाउन लग गया. उसे रजिस्ट्री लंबित रखने का बहान मिल गयाक .उन्होंने फिर महिला सोनी के जरिए बिल्डर से सम्पर्क किया और अगस्त में रजिस्ट्री की बात तय की. लेकिन बिल्डर ने दोबारा रजिस्ट्री की तय तारीख पर अपनी पत्नी के बीमार होने का बहाना बना दिया और उक्त तिथि को भी रजिस्ट्री नहीं हुई .

यह सिलसिला दिसंबर 2020 तक चलता रहा और बिल्डर उन्हें टालता रहा . खरीददार शशि प्रकाश ने परेशान होकर बिल्डर से रुपए वापस मांगे. बिल्डर ने रुपए देने मुकर गया . खरीददार ने इस मामले की लिखित सूचना पुलिस आयुक्त कार्यालय गुरुग्राम को 11 जून 2021 को दी और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की . मामले की जांच के बाद सेक्टर-56 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है.

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