हरियाणा-112 इमरजेंसी नंबर पर पहले 64 घंटों में 2788 लोगों ने ली पुलिस सहायता : एडीजीपी

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बेस्ट कॉल रिसीवर, बेस्ट कॉल डिस्पैचर और बेस्ट ईआरवी वाहन को किया जाएगा पुरस्कृत

चंडीगढ़, 16 जुलाई :  हरियाणावासियों को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर हरियाणा 112 की शुरुआत के बाद 13 जुलाई सुबह 8ः00 बजे से आज दोपहर तक यानी पहले 64 घंटों में कुल 36083 कॉल प्राप्त हुई हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा गृह मंत्री अनिल विज व अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में 12 जुलाई को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की गई थी।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दूरसंचार एवं आईटी अर्शिंदर सिंह चावला, जो हरियाणा 112 परियोजना के नोडल अधिकारी भी हैं, ने आज यहां पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा थी कि आम जनता को पुलिस सहायता, फायर और एंबुलेंस के लिए अलग अलग नंबर डायल न करना पड़े बल्कि एक सिंगल नंबर पर ही यह सभी आपातकालीन सेवाएं आसानी से व त्वरित मिल सके। इसी उद्देश्य के लिए हरियाणा 112 को क्रियान्वित किया गया है, जो हेल्पलाइन 100 (पुलिस), 101 (फायर), और 108 (एम्बुलेंस) जैसी सभी प्रकार की आपातकालीन सेवाओं के लिए भी काम कर रही है।

         श्री चावला ने बताया कि हालांकि अभी 100 (पुलिस), 101 (फायर), और 108 (एम्बुलेंस) नंबर पर कॉल बंद नहीं हुई है, बल्कि इन सभी नंबर पर आने वाली कॉल भी हरियाणा 112 के केंद्रीकृत कॉल सेंटर में प्राप्त हो रही हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

         उन्होंने कहा कि यह नई प्रणाली संभावित आपातकालीन घटनाओं की तुरंत पहचान कर त्वरित पुलिस सहायता मुहैया करवाने के लिए नवीनतम तकनीक पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन रिस्पॉन्स वाहनों में आधुनिक तकनीक से लैस 22 उपकरण लगाए गए हैं, जो इन वाहनों को हाईटेक बनाते हैं। इन वाहनों में स्ट्रैचर भी लगा हुआ है ताकि ऐक्सिडेंट की स्थिति में मौके पर सहायता पहुंचा सकें । उन्होंने कहा कि अभी प्राप्त कॉल का विश्लेषण किया जा रहा है और इसके परिणाम के आधार पर जिन स्थानों पर और ज्यादा वाहनों की आवश्यकता होगी वहां वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

         श्री चावला ने कॉलर से 112 पर इमरजेंसी कॉल करते समय कम से कम शब्दों में सटीक जानकारी प्रदान करने का भी अनुरोध किया, ताकि आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता मिल सके।

         उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए बेस्ट कॉल रिसीवर, बेस्ट कॉल डिस्पैचर और बेस्ट ईआरवी वाहन के लिए पुरस्कार देने की शुरुआत की जाएगी।

         उन्होंने कहा कि हरियाणा 112 एक नई पहल है जो तेजी से विकसित हो रही है, तो प्रारंभिक चरणों में कुछ कमियां हो सकती हैं, परंतु इसमें लगातार सुधार किया जा रहा है।  इसकी शुरुआत से प्रदेश में इमरजेंसी में पुलिस सहायता मिलने के मामलों में बड़ा बदलाव आ रहा है।

उल्लेखनीय है कि 13 जुलाई सुबह 8 बजे से इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) ने पंचकूला में स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (एसईआरसी) और गुरुग्राम में एमईआरसी के माध्यम से 601 आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहनों (ईआरवी) के साथ काम करना शुरू कर दिया है।

         श्री चावला ने कहा कि 13 जुलाई से कुल प्राप्त कालों में से 12871 कॉल पहले 16 घंटों में, 12454 कॉल 14 जुलाई को अगले 24 घंटों में और 10758 कॉल 15 जुलाई को आई। इनमें से 1293 मिस्ड कॉल थी जिसमें से 13 जुलाई को 440 कॉल, 14 जुलाई को 512 और 15 जुलाई को 341 कॉल प्राप्त हुई।

         उन्होंने बताया कि हरियाणा 112 नंबर पर 2788 कॉल उन लोगों से मिली जिन्हें मदद की वास्तविक जरूरत थी। शेष कॉल मुख्य रूप से पूछताछ कॉल, टैस्टिंग कॉल, ब्लैंक कॉल, प्रशंसा कॉल इत्यादि श्रेणी की थी। उन्होंने बताया कि सिस्टम में मिस्ड कॉल को ट्रैक करने की क्षमता है और यह सुनिश्चित करता है कि कॉल करने वालों को वापस कॉल करके सभी मिस्ड कॉल को अटैंड किया जाए।

         श्री चावला ने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन होने के बाद प्राप्त कुल कॉल में से पहले 16 घंटों में 853 वाहन इमरजेंसी लोकेशन पर सहायता के लिए भेजे गए, 14 जुलाई को 924 वाहन और 15 जुलाई को 1011 वाहनों को भेजकर नागरिकों को पुलिस, एंबुलैंस व फायर संबंधी सुविधा मुहैया करवाई गई।

         उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 13 जुलाई को एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर आई कॉल के बाद लोकेशन पर भेजे गए 853 वाहनों में से 780 ने पुलिस सहायता के लिए, 98 ने एम्बुलेंस सेवाओं और 30 ने अग्निशमन सेवाओं के लिए अनुरोध किया था। कुल 853 डिस्पैच कॉलों में से, 55 कॉल मल्टी-सर्विस से संबंधित थी।

         इसी प्रकार, 14 जुलाई को “हरियाणा-112” में प्राप्त 924 कार्रवाई योग्य कॉलों में से 870 कॉल पुलिस सहायता से संबंधित थीं, 92 एम्बुलेंस के लिए और 16 लोगों ने अग्निशमन सेवाओं के लिए अनुरोध किया था। कुल 924 कॉलों में से, 54 कॉल मल्टी-सर्विस से संबंधित थी।  इसी प्रकार, 15 जुलाई को प्राप्त 1011 कार्रवाई योग्य कॉल में से 942 कॉल पुलिस सहायता से संबंधित थीं, 108 एम्बुलेंस के लिए और 10 लोगों ने अग्निशमन सेवाओं के लिए अनुरोध किया था। कुल डिस्पैच कॉल में से, 49 कॉल मल्टी-सर्विस से संबंधित थी।

         एडीजीपी श्री चावला ने बताया कि वर्तमान में कुछ एक मामलों में रिस्पॉन्स टाइम अपेक्षा से अधिक है। इस रिस्पांस टाइम को 15-20 मिनट तक लाने के लिए लगातार सुधार करते हुए प्रयास किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि कुछ दूरसंचार सीमाओं के कारण सिस्टम कुछ मामलों में सटीक लोकेशन प्राप्त करने में सक्षम नहीं है। इसके लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से अनुरोध किया गया है कि वे संकट में फंसे नागरिकों की लोकेशन की जानकारी मुहैया करवाने में और सुधार करें।

 उन्होंने कहा कि नागरिक भी नई आपातकालीन सेवा को लेकर उत्साहित हैं और वे बार-बार कॉल करते समय नई प्रणाली के बारे में और अधिक जानने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ कॉलर्स नशे जैसी स्थिति में भी कॉल कर रहे हैं जिससे न केवल सिस्टम व्यस्त हो रहा है बल्कि वास्तविक कॉल करने वालों को सहायता पहुंचाने में भी विलंब हो रहा है। यदि ऐसे व्यक्ति अपनी हरकतों से बाज़ नही आते हैं, तो उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस तरह के अप्रिय कारणों से कुछ मामलों में रिस्पांस टाईम बढ़ जाता है।

         श्री चावला ने विशेष रूप से एसपी ईआरएसएस श्री उदय सिंह मीणा, एसपी श्री राजेश फोगाट, एएसपी ईआरएसएस श्री नितेश अग्रवाल, डीएसपी नुपुर बिश्नोई सहित समस्त टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि टीम भावना से काम करते हुए सभी अधिकारी व जवान इस महत्वाकांक्षी परियोजना के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रहे हैं।

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