सरकार किसानों से बात करें तथा सभी मुकदमें वापस ले : डा सुशील गुप्ता

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-आम आदमी पार्टी  के सांसद ने कहा, 26 जून को किसान मनायेंगे काला दिवस

-आम आदमी पार्टी किसानों के साथ खडी है : डा सारिका वर्मा 

गुरुग्राम,24 जून। आदमी पार्टी सांसद व हरियाणा सह प्रभारी डा सुशील गुप्ता ने कहा है कि इमर्जेसी की 46वीं वर्षगांठ के दौरान किसानों द्वारा मनाए जाने वाले काला दिवस पर पार्टी कार्यकर्ता हरियाणा भर में काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जताएगी। पार्टी शुरू से ही किसान आंदोलन में किसानों के साथ संसद से सडक तक साथ खडी है।

डा सारिका वर्मा प्रवक्ता दक्षिण हरियाणा ने कहा कि पिछले 7 महीने से किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। उन्होंने आंदोलन में सर्दी, गर्मी तथा बरसात तक को नहीं देखा। इस दौरान आंदोलन में 600 से अधिक किसानों को काल ने अपने ग्रास में ले लिया। इसके बावजूद वह झुकने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ बातचीत तक करनी बंद कर दी। जबकि हमारे प्रधानमंत्री कहते है कि वह 1 फोन की दूरी में हैं, मगर फोन नंबर नहीं बताते।

मुकेश डागर गुड़गांव अध्यक्ष आम आदमी पार्टी ने कहा किसानों की केवल एक ही मांग है कि सरकार तीनों काले कानून वापस ले तथा एमएसपी की गांरटी दें। मोदी सरकार कहती तो है पर करती नहीं। प्रधानमंत्री जी किसानों की शहादत के बाद भी चुप्पी साधे हुए हैं जो न केवल चिंतनीय है ,अपितु दुर्भाग्यपूर्ण है।

आम आदमी पार्टी व हरियाणा के सहप्रभारी सांसद सुशील गुप्ता का कहना है कि इमर्जेसी की 46वें वर्षगांठ के दौरान किसानों द्वारा कृषि सुधार कानूनो के विरोध को लेकर संघर्ष तेज करने के एलान से सरकार परेशान हो गई है। मालूम हो कि 26 जून जो कि एमजेंसी लगने की तिथि भी है। इसी दिन से संयुक्त किसान मोर्चा ने तीनों कृषि सुधार कानूनों के विरोध को लेकर जारी संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। 26 जून के दिन मोर्चे की ओर से देशभर में राजभवनों के बाहर खेती बचाओ लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत धरना दिया जाएगा। किसान नेता आंदोलन का समर्थन कर रही कांग्रेस की नाराजगी की चिंता छोड़कर इस दिन आपातकाल के काले अध्याय का सच भी लोगों को बताएँगे ।

डॉ सारिका वर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी आंदोलन के समय से ही किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडी होती आई है। आज भी गुडगांव के राजीव चौक पर संयुक्त किसान मोर्चा के साथ कबीर जयंती मनाने के लिए एकत्र हुए थे l 26 जून को दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन के सात महीने पूरे होने और एक अधिनायकवादी सरकार द्वारा लागू की गई इमर्जेसी की 46 वीं वर्षगांठ पर लोगों को आगाह करने के लिए विशेष अनुरोध भी कर रहें है।

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