आषाढ़ मेले में कोरोना लक्षण वाले श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगी माता शीतला मंदिर परिसर में एंट्री

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– गुरुग्राम के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में 25 जून से लग रहा है आषाढ़ मेला

– कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए मंदिर में दर्शन का समय किया निर्धारित

– मेलें मे व्यवस्था बनाए रखने के लिए 150 से 200 पुलिसकर्मियों की लगाई गई ड्यूटी

– ऑनलाइन आरती का भी किया गया है प्रबंध

गुरुग्राम । गुरुग्राम के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में आषाढ़ मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है लेकिन मेले पर कोरोना संक्रमण का साया छाया हुआ है, जिसकी वजह से मेले के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शनों का समय सीमित करके प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

श्री माता शीतला देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक तथा गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त श्री मुकेश आहूजा ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में हमारी पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और इसी को ध्यान में रखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल की अनुपालना पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में हम सभी ने बहुत तकलीफे झेली हैं, इसी कारण कोरोना से बचाव के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर में दर्शनों का समय प्रातः 5:00 बजे से रात को 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। दर्शनों के समय हरियाणा पुलिस, होमगार्ड, प्राइवेट सिक्योरिटी के कर्मियों के अलावा वॉलिंटियर भी यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कोरोना प्रोटोकॉल की दृढ़ता से पालना हो, जिसमें मुख्य रुप से सभी का ठीक ढंग से मास्क पहनना, एक दूसरे के बीच उचित दूरी और हाथों को सैनिटाइज करना शामिल है।

श्री आहूजा ने कहा कि हम बार-बार लोगों से यही अपील कर रहे हैं कि आषाढ़ मेले के दौरान आप दर्शनों के समय का ध्यान रखें और कोरोना से बचाव उपाय अपनाकर स्वयं को महामारी से बचाएं तथा दूसरों को भी सुरक्षित रहने में मदद करें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए ही दर्शनों का समय सुबह 5:00 बजे से रात को 10:00 बजे तक का निर्धारित किया गया है। इसके बाद रात में भीड़ को नियंत्रित करने में दिक्कत आती है और ऐसे में कोरोना संक्रमण के फैलाव को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन अपनी तरफ से पूरी सावधानी बरतते हुए चल रहा है, साथ में मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भी बचाव उपायों के बारे में जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आषाढ़ मेले में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना ना करना पड़े और वह सुरक्षित रहते हुए माता शीतला के दर्शन करके उनका आशीर्वाद लेकर सुरक्षित ही अपने घरों को लौटे।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए पुल पर चढ़ते समय हर श्रद्धालु के शरीर का तापमान थर्मल स्कैनर से जांचा जाएगा और जिनमें बुखार आदि के लक्षण दिखाई देंगे उन श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

श्री आहूजा ने ऐसे श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि उनमें कोरोना संक्रमण संबंधी कोई लक्षण हो तो वे अपने घर पर ही रहे। उन्होंने बताया कि आषाढ़ मेले के दौरान मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए कोविड प्रोटोकाॅल की पालना अनिवार्य की गई है। उन्होंने बताया कि शीतला माता मे 25 जून से आषाढ़ मेला शुरू हो रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए मंदिर में गोलदारे बनाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं में उचित दूरी बनी रहें। इसके अलावा, मेले के दिनों में मंदिर में कोविड प्रोटोकाॅल की पालना को लेकर समय समय पर अनाउंसमेंट भी करवाई जाएंगी। मंदिर परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 150 से 200 पुलिसकर्मियों , 50 होमगार्ड तथा 50 से अधिक वालंटियरों की ड्यूटी लगाई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में अलग से डिस्पेंसरी भी संचालित की जाएगी।

मंदिर में प्रवेश करने के लिए मुँह पर मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। उपरोक्त किसी भी बिंदु का उल्लंघन होने पर मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नही दी जाएगी। मंदिर में आॅनलाइन आरती का भी प्रबंध किया गया है जोकि प्रतिदिन सुबह और शाम को 6:00 बजे खबरें अभी तक चैनल पर प्रसारित होगी ताकि श्रद्धालु अपने घर पर रहते हुए भी आरती ऑनलाइन देख सकें।

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