योग तन और मन के विकारों को दूर करता है : डॉ मंजू बांगड़

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-प्रोटोकोल शिविर में योग साधकों ने जमकर बहाया पसीना, उत्साहित होकर सीखे योग 

गुरूग्राम, 19 जून। जिला आयुष अधिकारी डॉ मंजू बांगड़ ने कहा कि योग भारत वर्ष की प्राचीन धरोहर है। इसके माध्यम से तन और मन को स्वस्थ व शुद्ध रखा जा सकता है। योग शारीरिक, मानसिक, अध्यात्मिक व सामाजिक स्वास्थ्य का साधन है। योग हमें सम्पूर्णता से जीवन जीने की राह दिखाता है और तन और मन के विकारों को दूर करता है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में जिला के विभिन्न स्थानों पर योगाभ्यास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला के 50 स्थानों पर योगाभ्यास करवाया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम सेक्टर 38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में होगा। इसी कड़ी में आयुष विभाग व पतंजलि योग समिति के प्रशिक्षकों द्वारा योगाभ्यास को लेकर प्रोटोकॉल योगासन करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम योग को अपनाकर संतुलित जीवन का निर्वहन कर सकते हैं। नियमित योगाभ्यास से जीवन एवं मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि योग से जीवन में संतुलन कायम होता है तथा हमें अनेक प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि योग के साथ-साथ हमें अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखना चाहिए। स्वच्छता में ही ईश्वर निवास करते है।

प्रोटोकॉल योग अभ्यास शिविर मंे शिथिलीकरण अभ्यास के आसन करवाए गए। योग शिक्षक डॉ भू देव ने उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मक्रासन,भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंध आसन, उत्तानपाद आसन, अर्धहलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाति, नाड़ी शोधन, शीतली प्राणायम, भ्रामरी प्राणायम तथा ध्यान लगवाया गया। प्रोटोकोल योगासन बहुत सरल है जिससे हमारा शरीर व मन स्वस्थ रहता है।

 

उन्होंने योग साधकों को इन सभी आसनों से मिलने वाले लाभ के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। योग शिविर का समापन शांतिपाठ के साथ किया गया।

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