दुष्यंत चौटाला ने 500 बैड के अस्थाई अस्पताल का दौरा किया

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उपमुख्यमंत्री ने कहा- अस्पताल को जल्द संचालित करने के लिए तकनीकी उपकरण एयरलिफ्ट किए जाएंगे


चंडीगढ़, 7 मई- हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आज हिसार के जिंदल मॉर्डन स्कूल में प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किए जा रहेे 500 बैड के अस्थाई अस्पताल का दौरा किया और वहां चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अस्पताल की स्थापना को लेकर उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक करके विभिन्न जानकारियां ली। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्री अनूप धानक भी मौजूद थे।


अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए कुछ तकनीकी उपकरणों के संबंध में हुई चर्चा के बाद डिप्टी सीएम ने कहा कि ये उपकरण एयरलिफ्ट करवाकर यहां लाए जाएंगे ताकि अस्पताल को जल्द से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल को पूर्ण रूप से संचालित होने में 18 मई, 2021 तक का समय लगने वाला था, लेकिन तेजी से चल रहे कार्यों व सभी जरूरी प्रबंधों व व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद इसे 16 मई तक संचालित किए जाने की समय सीमा निर्धारित की गई है। तकनीकी उपकरण 13 या 14 मई, 2021 को यहां पंहुचने थे, लेकिन अब उम्मीद है कि इन्हें एयरलिफ्ट कर 10 मई के आसपास लाया जा सकेगा। इससे क्वालिटी जांच तथा ट्रायल रन इत्यादि का कार्य जल्द आरंभ हो सकेगा। यदि सब कुछ सही रहा तो 16 मई, 2021 से पूर्व ही इसे आरंभ किया जा सकता है।


  डिप्टी सीएम ने कहा कि अस्थाई अस्पताल के लिए मैडिकल व पैरा मैडिकल स्टाफ की आवश्यकता होगी, इसलिए श्रम विभाग के अन्तर्गत ईएसआई के स्टाफ को यहां लगाए जाने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। अतिरिक्त मैडिकल स्टाफ के लिए और भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंंने कहा कि वर्तमान समय में ऑक्सीजन एक बड़ा विषय था, लेकिन जिंदल स्टील लिमिटेड से यहां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई मिल जाएगी। इस अस्पताल की स्थापना से जींद, कैथल, भिवानी तथा दादरी सहित कई अन्य जिलों को उपचार सुविधा मिलेगी

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उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में ऑक्सीजन की सप्लाई नियमित रूप से हो रही है। पिछले दिनों ऑक्सीजन की कमी इसलिए आई थी, क्योंकि प्रदेश में इसका उत्पादन काफी कम था, अब उत्पादन को लेकर गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम केयर व डीआरडीओ द्वारा प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हंै, निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए हंै।

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