रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास आर्थिक स्थिति को लेकर क्या बोले ?

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मुंबई :  भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को डिजिटल माध्यम से कहा कि अच्छे मानसून की उम्मीदों से गांवों की मांग में मजबूती बनी रहेगी। आज सुबह अचानक उन्होंने 10 बजे डिजिटल माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने माना कि व्यवसायों ने कोविड प्रतिबंधों और रोकथाम के बावजूद खुद को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय स्थितियां अनुकूल बनी रहें और बाजार कुशलतापूर्वक काम करते रहें इसके लिए हम सरकार के साथ निकट समन्वय में काम करेंगे. उन्होंने साफ कर दिया आरबीआई के अप्रैल की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी में दिए गए अनुमानों से किसी बड़े बदलाव की उम्मीद न करें।

आर बी आई गवर्नर ने की महत्वपूर्ण घोशनाएँ :

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@jagograhakjago द्वारा खाद्य मूल्य डेटा पर दिया गया सुझाव

अनाज और प्रमुख सब्जियों की कीमतों में नरमी रहेगी

दालों और खाद्य तेलों पर दबाव बना हुआ है

पेट्रोल और डीजल की कीमत में कुछ गिरावट दर्ज की गई है

ग्राहक सुविधा बढ़ाने के लिए RBI द्वारा के वाई सी के कुछ मामले को युक्तिसंगत बनाया जा रहा है.

साथ ही प्रोपराइटरशिप फर्मों, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं जैसे ग्राहकों की एक नई श्रेणी के लिए विडियो के वाई सी #videokyc को बढ़ावा दिया जा रहा है.

COVID19 की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई में प्रस्तावित उपाय

●आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के लिए 50,000 करोड़ रुपये की तरलता की सुविधा दी जाएगी .

●रेपो रेट की दर पर 50,000 करोड़ रुपये की आन-टैप तरलता को 31 मार्च, 2022 तक खोला जा रहा है.

प्रतिबंध और रोकथाम के उपायों के साथ लोकल और लक्षित व्यापार, लघु, मध्यम और घरेलू व्यवसाय व्यापार करना सीख रहे हैं।

हर व्यक्ति ने यह जान लिया है कि किस प्रकार से सामाजिक दूरी के साथ व्यवसाय करना है

अब पेमेंट बैंक के डिपॉजिट लिमिट एक लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दी गई है।

इससे ऑनलाइन बैंकिंग को बढ़ावा मिलेगा साथ ही फाइनेंशियल सिस्टम में सेटलमेंट रिस्क को कम करने में मदद मिलेगी।

रिजर्व बैंक ने बाजार में नगदी की किल्लत भी कम होगी।

RBI ने डिजिटल पेमेंट कंपनियों के लिए भी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) और रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सुविधाओं का दायरा बढ़ाया है।

इसके तहत फिनटेक और पेमेंट कंपनियां भी NEFT और RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर कर सकेंगी।

अब तक केवल बैंकों के लिए ही यह सुविधा उपलब्ध थी।

आर्थिक व्यवस्था प्रभावित

आर बी आई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से इकोनॉमी बडे़ स्तर पर प्रभावित हुई है। इस पर आरबीआई नजर गडाए हुए है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के खिलाफ बड़े कदम उठाने की जरुरत है। गवर्नर ने कहा कि कोरोना की पहली लहर के बाद रिकवरी शुरु हुई थी लेकिन दूसरी लहर ने फिर गंभीर संकट पैदा कर दिया है। विश्व अर्थ व्यवस्था में रिकवरी के संकेत मिले है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारतीय इकोनॉमी भी कोरोना के दबाव से उबरती दिख रही थी लेकिन फिर कठिनाई सामने आई है। देश में अच्छे मॉनसून से ग्रामीण क्षेत्रों में मांग मे३न वृद्धि होने की संभावना है।

मैन्युफैक्चरिंग की गति तेज हुई  

उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग मंदी से बाहर होती नजर आ रही है। ट्रैक्टर सेगमेंट में तेजी बरकरार है जबकि अप्रैल में ऑटो रजिस्ट्रेशन में कमी दिखी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के खिलाफ बड़े और ख़ास कदम उठाने की जरूरत है। कोविड के खिलाफ भारत की आक्रामक लड़ाई पर आरबीआई भी अपनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि आरबीआई के 200 से ज्यादा अधिकारी  अपने घर से दूर रहकर काम कर रहे हैं. उनके लिए क्वारेंटाइन फैसिलिटी चालू रहेगी। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है

35,000 करोड़ की सिक्योरिटीज खरीदेगा आरबीआई

शक्तिकांत दास ने बताया कि  35000 करोड़ रुपए की गर्वमेंट सिक्योरिटीज की खरीद का दूसरा चरण 20 मई को शुरु किया जाएगा।

आर बी आई की ओर से इमरजेंसी हेल्थ सेवा के लिए 50,000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

प्राथमिकता वाले सेक्टरों के जल्द ही लोन और इंसेंटिव का प्रावधान किया जाएगा।

इसके अलावा बैंक, कोविड बैंक लोन भी बनाएंगे।

राज्यों की ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी अब 34 दिन से बढ़ाकर 50 दिन कर दिया गया

कृषि क्षेत्र पर क्या बोले ?

उन्होंने कहा कि अच्छे मानसून की उम्मीद है इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिमांड बढ़ेगी। सप्लाई का पूरा दारोमदार कृषि क्षेत्र की मजबूती पर टिका हुआ है।

कृषि क्षेत्र के लचीलेपन से सकल आपूर्ति की शर्तों को कम किया जा रहा है,

2021 में हुए रिकॉर्ड फुटप्रिंट प्रोडक्शंस और बफर स्टॉक ने अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों को खाद्य सुरक्षा और सहायता प्रदान की है

उन्होंने आश्वस्त किया कि हम कोविड-19 संकट से बाहर आयेंगे।

गवर्नर ने कहा कि स्थिति नाटकीय रूप से बदल गई है।

अब इसे नपी तुली (कैलिब्रेटेड) कार्रवाई के साथ मैच करने की जरूरत है।

गवर्नर दास ने कहा कि आरबीआई अपने रिसोर्सेज को सभी मोर्चे पर तैनात करेगा।

एमएसएमई के लिए रिस्ट्रक्चरिंग :

रिजर्व बैंक ने व्यक्तिगत और एमएसएमई उद्योगों के लिए रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा को फिर से शुरू किया है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक छोटे माइक्रोफाइनेंस संस्थानों जिनका असेट साइज 500 करोड़ रुपए है, उनको कर्ज दे सकते हैं।

इसी तरह केवाईसी सुविधा को 31 दिसंबर तक एक सीमित दायरे में उपयोग करने का भी आदेश दिया गया है।

वीडियो केवाईसी की अनुमति :

गवर्नर ने कहा कि कुछ मामलों में वीडियो केवाईसी को स्वीकार करना चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

स्मॉल फाइनेंस बैंकों की मदद के लिए 10,000 करोड़ रुपए तक के लांग टर्म रेपो ऑपरेशन की घोषणा की गई है।

इस फंड का इस्तेमाल एक ग्राहक को 10 लाख रुपए तक के कर्ज के लिए किया जा सकता है।

50 हजार करोड़ की विडों योजना :

31 मार्च, 2022 तक रेपो रेट पर 3 साल तक की अवधि के साथ 50,000 करोड़ रुपए की ऑन-टैप लिक्विडिटी विंडो की योजना शुरू की गई है।

इस योजना के तहत बैंक वैक्सीन निर्माताओं, मेडिकल सुविधाओं, अस्पतालों और मरीजों सहित संस्थाओं को सपोर्ट कर सकते हैं।

इस कर्ज को पुनर्भुगतान (repayment) या मेच्योरिटी तक प्रायोरिटी सेक्टर का क्लासिफिकेशन मिलेगा। बैंक इस योजना के तहत एक कोविड लोन बुक बनाएंगे।

महंगाई को लेकर क्या कहा ?

उन्होंने कहा कि महंगाई के दबाव पर भी अच्छा प्रभाव पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि स्थितियां बदल गई हैं.

यह मजबूत आर्थिक सुधार के निचले पायदान से नए संकट का सामना करने की ओर मुड़ चुकी हैं।

जिस विनाशकारी गति से वायरस लोगों को ग्रसित कर रहा है, उसका मुकाबला उतनी ही तेजी और व्यापक कार्रवाई से किया जाना चाहिए जो सोचा समझा, जांचा परखा गया है।

 इससे सबसे कमजोर सहित विभिन्न वर्गों तक पहुंचा जा सकेगा।

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