देवदूत फूड बैंक प्रकरण में अदालत ने बढ़ाई आरोपी की 3 दिन की रिमांड अवधि, एसआईटी जुटी आरोपी से पूछताछ में

Font Size

गुरुग्राम, 5 अप्रैल : सामाजिक संस्था देवदूत फूड बैंक के संचालक पंकज गुप्ता को उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद सोमवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मधुर बजाज की अदालत में पुलिस द्वारा पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से आरोपी का रिमांड बढ़ाने की मांग की, जिसका आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता कुलभूषण भारद्वाज ने विरोध किया, लेकिन अदालत ने आरोपी का 3 दिन का रिमांड बढ़ा दिया।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में एसआईटी का गठन किया हुआ है। आरोपी से अभी गहन पूछताछ की जानी बाकी है, जोकि चल रही है। पुलिस पंकज गुप्ता को अदालत से पूछताछ के लिए लेकर चली गई है। गौरतलब है कि संस्था के संचालक पंकज गुप्ता 5 रुपए मात्र में जरुरतमंदों को पिछले कई वर्षों से भोजन उपलब्ध कराते आ रहे हैं।

जैकबपुरा स्थित राजकीय कन्या विद्यालय की शिक्षिका सरोज यादव ने पुलिस में शिकायत दी है कि पंकज गुप्ता स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आने वाली कई छात्राओं को संस्था के कार्यों में लगाए हुए हैं, जिसकी जानकारी न तो स्कूल की शिक्षिकाओं को है और न ही उनके
अभिभावकों को। पुलिस ने उनकी शिकायत पर पंकज गुप्ता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरु की हुई है।

इस मामले को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है। कोई आरोपी के पक्ष में बयानबाजी कर रहा है तो कोई उसके विरोध में। विरोध करने वालों का कहना है कि धर्म के नाम संस्था संचालक अधर्म कर रहे हैं, जिसको किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उधर पंकज गुप्ता के समर्थक उनको निर्दोष बताते हुए कह रहे हैं कि उनको साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है, ताकि उनकी छवि धूमिल हो सके। आरोपी के अधिवक्ता कुलभूषण भारद्वाज का कहना है कि पुलिस जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

Table of Contents

You cannot copy content of this page