मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर जिला स्थित गांव जयरामपुर के गुवारी डीह का दौरा किया,खुदाई में मिले पाषाणिक संस्कृति के अवशेषों का किया अवलोकन

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नीरज कुमार चौधरी /संवाददाता

भागलपुर /पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत बिहपुर अंचल के गांव जयरामपुर के गुवारी डीह में मिले पुरातात्विक स्थल का भ्रमण किया। गौरतलब है कि यहां से प्राप्त अवशेष ताम्र पाषाणिक संस्कृति के हो सकते हैं. जानकारों की मानें तो प्राचीन चंपा एवं गुवारी डीह के परस्पर किसी न किसी प्रकार की व्यापारिक व सांस्कृतिक संबंध भी रहे होंगे. इस दौरान बिहार हेरिटेज डेवलपमेंट सोसाइटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ विजय कुमार चौधरी ने यहां से प्राप्त अवशेषों के संबंध में मुख्यमंत्री को नीतीश कुमार विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्राप्त पुरातात्विक सामग्रियों में कृष्ण लोहित मृदभांड संस्कृति, उत्तरी कृष्ण मार्जित मृदभांड संस्कृति, मौर्य एवं कुषाण कालीन संस्कृति तथा गुप्त एवं गुप्तेश्वर कालीन संस्कृति के अवशेष मिले हैं.

उन्होंने यहां प्रदर्शित सामग्रीयों जिनमें टेराकोटा, ताम्र निधि, कढ़ाई डिजाइन दार हैंडल, आभूषण, मिट्टी के मनके, ताम्र मुद्रा, मुहर, जैविक जीवाश्म, औजार, लौह धातु मल, वाट, टोटीदार घड़ा, मृदभांड, शिलालोढ़ा, त्रिकोणीय ईंट , लाल मृदभांड के संबंध में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विस्तार पूर्वक जानकारी दी.

गुवारी डीह में प्राप्त अवशेषों में उत्तरी कृष्ण मार्जित मृदभांड संस्कृति और कृष्ण लोहित मृदभांड संस्कृति की बहुलता पाई गई है जो इसके ताम्र पाशानिक संस्कृति की संभावनाओं की ओर इशारा करते हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुदाई स्थल तथा नदी के तटीय किनारों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।

पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शैलेंद्र कुमार ने उन्हें इस संबंध में सूचना दी थी कि यहां पौराणिक काल की सामग्रियां मिली है. जिनके ऐतिहासिक प्रमाण हैं. एक्सपर्ट की टीम ने भी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है कि यह ऐतिहासिक स्थल है. उन्होंने कहा कि हमने यह तय किया था कि हम खुद इसे देखने आएंगे. मुझे यहां आकर लगा कि वास्तव में यह एक पौराणिक और ऐतिहासिक जगह है. यहां से मिले अवशेष 25 सौ वर्ष से पहले की भी हो सकते हैं. इसके बारे में सबको जानकारी होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोसी नदी की धारा को डायवर्ट किया जाएगा ताकि यह पूरा इलाका सुरक्षित रह सके. उन्होंने कहा कि खुदाई के पश्चात यहां और कई पौराणिक चीजों की होने की जानकारी मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि इस जगह की खुदाई करके एक्सपर्ट देखेंगे कि कहां-कहां से पौराणिक चीजें मिल रही हैं. इससे यह भी पता चलेगा कि इसका क्षेत्र कहां तक फैला हुआ है. यहां से मिले अवशेषों का अध्ययन करने के बाद इस इलाके को ऐतिहासिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. इस ऐतिहासिक स्थल को विकसित करने से लोग अपने पुराने इतिहास को जान सकेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की पूरी जानकारी मिलने के बाद राज्य ही नहीं देश और दुनिया को भी इस से अवगत कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोसी के कटाव को रोकने के लिए कोसी नदी की धारा को पुरानी धारा की तरफ से ले जाना जरूरी है जिसे लेकर योजना तैयार कर आगे का काम किया जाएगा.

पत्रकारों ने उनसे शाहकुंड में भी प्रतिमा मिलने से संबंधित सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वहाँ भी एक्सपर्ट को भेजा गया है. एक्सपर्ट की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के साथ दौरे में प्रदेश के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद अजय मंडल, विधायक इंजीनियर कुमार शैलेंद्र, विधायक पवन कुमार यादव, पूर्व विधान पार्षद संजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण, प्रधान सचिव जल संसाधन चैतन्य प्रसाद, आयुक्त भागलपुर प्रमंडल बंदना किनी, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, बिहार हेरिटेज डेवलपमेंट सोसाइटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ विजय कुमार चौधरी, भागलपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार, भागलपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक सुजीत कुमार, भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती, भागलपुर की पुलिस अधीक्षक स्वप्ना एम् , इतिहासकार डॉ अवनीश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण व अभियंता गन एवं गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

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