संपूर्ण प्रशासनिक अधिकारी में सहानुभूति और करुणा की ताकत जरूरी : विजय वर्धन

Font Size

चंडीगढ़, 14 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन ने कहा कि वैश्विक कोरोना महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों से सीखते हुए चुनौतियों को अवसर में बदलने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को सहानुभूति और करुणा की अंतर्निहित ताकत को पहचानते हुए प्रदेश, देश व जन कल्याण के लिए नई नीतियों का निर्माण करने की दिशा में कार्य करना होगा।

श्री वर्धन आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) द्वारा आयोजित ‘मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम ऑन ग्लोबल इश्यू’ पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले सेशन में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा सिविल सेवा के लगभग 40 अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला सेशन 14 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक चलेगा।

 अपने उद्घाटन संबोधन में विजय विर्धन ने कहा कि वैश्विक कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को जिस तरह प्रभावित किया है, उससे वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लोगों के व्यक्तिगत जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। हिपा द्वारा यह एक अनूठी शुरुआत की गई है, जिसमें वैश्विक मुद्दों पर गहनता से विचार कर पोस्ट-कोविड स्थितियों के बारे में नए विचारों का समावेश किया जाएगा। आज के संकट के समय में चुनौतियों को अवसरों में बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने ‘दार्शनिक कन्फ्यूशियस’ द्वारा लिखी हुई किताब का उल्लेख करते हुए कहा कि एक व्यक्ति तब संपूर्ण प्रशासनिक अधिकारी होता है,जब उसमें सहानुभूति और करुणा की ताकत होती है। इसलिए सभी अधिकारियों को अपनी इस अंतर्निहित ताकत को पहचानना होगा। प्रशासनिक अधिकारी सरकार और आमजन के मध्य एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और उन्हें परिस्थितियों के अनुरूप अपनी सूझबूझ के साथ कार्य करना चाहिए।

        मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड-19 ने यह सिखाया है कि एक साथ मिलकर और एक-दूसरे की मदद करते हुए किसी भी चुनौती से निपटा जा सकता है। इसी का उदाहरण पेश करते हुए कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने के बावजूद हरियाणा देश में पहला राज्य था जिसने मानवीय आधार पर लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में फंसे प्रवासी श्रमिकों को सरकारी खर्च पर उनके घरों तक पहुंचाया। इसके लिए सरकार द्वारा विशेष श्रमिक ट्रेनों और हरियाणा रोडवेज की बसों की व्यवस्था की गई और श्रमिकों को हरियाणा से भेजते समय पैक्ड खाना, पानी इत्यादि वस्तुएं भी दी गई, जिसके लिए श्रमिकों ने हरियाणा सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के इस भावपूर्ण कार्य की केंद्र सरकार द्वारा भी सराहना की गई     

        श्री वर्धन ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कोविड वॉरियर्स ने जिस तरह अपनी जान की परवाह न करते हुए कार्य किया है वह सराहनीय है और यह दर्शाता है कि संकट के समय में लोगों ने सेवाभाव से एकजुट होकर इसका सामना किया है।

       उन्होंने कहा कि हरियाणा का इतिहास गौरवमयी रहा है और इतिहास गवाह है कि हरियाणा ने बहुत सी चुनौतियों का सामना किया है। आज भी कोरोना महामारी के दौरान हरियाणा सरकार ने तकनीक का उपयोग करते हुए बहुत सी पहलें की हैं, जिससे राज्य प्रगति की ओर बढ़ रहा है।

        इससे पूर्व, हिपा की महानिदेशक सुरीना राजन ने मुख्य सचिव का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे से आज सभी देश किसी अन्य देश पर निर्भर होने की बजाए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं। इसी पथ पर चलते हुए हमें भी आत्मनिर्भर बनना है ताकि पोस्ट कोविड परिस्थितियों के दौरान अर्थव्यवस्था सामान्य हो सके।

        प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए राजदूत (सेवानिवृत) डॉ. खेया भट्टाचार्या ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम अक्तूबर-2020 से शुरू होकर अप्रैल-2021 तक चार सेशन में चलेगा, जिसमें विभिन्न देशों के राजदूत, रक्षा विशेषज्ञ, नीति निर्माता व विख्यात वैज्ञानिकों  द्वारा वक्तव्य दिए जाएंगे।

        इस अवसर पर क्रार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव श्री नितिन यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page
%d bloggers like this: