एच एस ई वी वर्कर यूनियन की गुरुग्राम सिटी यूनिट ने किया कार्यकारी अभियन्ता अर्धशहरी के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना का ऐलान

Font Size

132 कर्मचारियों के तबादले के आदेश को बताया नियम विरुद्ध पक्षपात पूर्ण

तबादला आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की

महासंघ के नेताओं ने आदेश वापस लेने तक संघर्ष जारी रखने की घोषणा की

गुरुग्राम। एच एस ई वी वर्कर यूनियन संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ की गुरुग्राम सिटी यूनिट ने आज गुरुग्राम के कार्यकारी अभियंता अर्ध शहरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व धरना एवं प्रदर्शन किया। कार्यकारी अभियंता पर महासंघ ने तबादले में कथित तौर पर कर्मचारी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। महासंघ ने बिजली निगम के 132 कर्मचारियों के तबादले के आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए अनिश्चित कालीन धरना देने का ऐलान कर दिया। उक्त धरने की अध्यक्षता सिटी यूनिट प्रधान पवन कुमार गोयल एवं मंच संचालन राजेंद्र गोहाना ने किया।

धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश कार्यकारिणी के उप मुख्य संगठन कर्ता रविंद्र यादव, व सिटी यूनिट के सचिव रामनिवास गुलिया ने आरोप लगाया कि कार्यकारी अभियंता अर्ध शहरी ने मनमाने तरीके से निगम की तबादला नीति के खिलाफ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाते हुए अपने अधीनस्थ 132 कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा की यह निर्णय नियम विरुद्ध है। इसे महासंघ और कर्मचारी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे । उन्होंने बल देते हुए कहा कि जब तक कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं होता है तब तक यह धरना जारी रहेगा।

प्रदेश कमेटी के महासचिव बलबीर मोर और गुड़गांव के सर्कल सचिव ने अपने वक्तव्य में कहा कि कार्यकारी अभियंता अर्ध शहरी ने कर्मचारी विरोधी रवैया अपना रखा है। उनका आरोप था कि इन अधिकारियों ने जिन कर्मचारियों के तबादले किए हैं उनमें उनके कार्यालय के कर्मचारियों के नाम शामिल नहीं है जबकि वे सभी लंबे समय से उसी कार्यालय में तैनात हैं। यह पक्षपातपूर्ण रवैया है जिसे कर्मचारी स्वीकार नहीं करेंगे।

इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी के उप महासचिव मुकेश भयाना ने बताया कि निगम के उच्च अधिकारियों के द्वारा तबादले की नीति निर्धारित की गई है। इस नीति के अनुसार एक कर्मचारी एक उपमंडल में 10 वर्ष तक व एक मंडल में अधिकतम 15 वर्ष तक काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यालय के स्टाफ को बदलना है तो पूरे स्टाफ का 33% यानी एक तिहाई कर्मचारी ही बदले जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकारी अभियंता अर्धशहरी ने निगम के उच्च अधिकारियों द्वारा बनाई नीति को ही दरकिनार कर दिया है। इसे हम स्वीकार नहीं करेंगे और हमारी लड़ाई इस आदेश को रद्द होने तक जारी रहेगी।

महासंघ द्वारा आयोजित धरने को संबोधित करते हुए यूनिट के महासचिव कुलदीप सिंह, वरिष्ठ उप प्रधान अशोक कुमार , संगठन कर्ता सतीश कुमार, राजेश ठाकरान , जितेंद्र, डीएलएफ के प्रधान बलवीर सिंह, सचिव राकेश कुमार, मारुति सब डिवीजन के सचिव धर्मवीर सिंह, साउथ सिटी के सचिव राज सिंह, अरविंद फोगाट सहित कई कर्मचारी नेताओं ने कार्यकारी अभियंता द्वारा अपनाई गई तबादला नीति की तीव्र आलोचना की।

उन सभी कर्मचारी नेताओं का कहना था कि जब तक कार्यकारी अभियंता अर्धशहरी, तबादले को लेकर अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ेंगे और उक्त तबादले को रद्द नहीं करेंगे तब तक यह धरना जारी रहेगा। सभी कर्मचारी नेताओं ने यह साफ कर दिया कि उक्त तबादला रद्द होने तक आंदोलन अनिश्चितकालीन चलता रहेगा और अगर उनकी मांग पर तवज्जो नहीं दी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना था कि वे इस तबादले के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

सिटी यूनिट के धरने को समर्थन देने के लिए मानेसर यूनिट के सचिव परमजीत सिंह व सोहना के वरिष्ठ उप प्रधान अश्विनी कुमार भी पहुंचे। उन्होंने भी कार्यकारी अभियंता अर्ध शहरी के रवैये की जमकर आलोचना की। दोनों नेताओं ने कर्मचारियों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आश्वासन दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page
%d bloggers like this: