लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रश्नों की संख्या में 6.68 प्रतिशत की वृद्धि : ओम बिड़ला

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नई दिल्ली : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने लोकसभा अध्यक्ष के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर जारी अपने बयान में कहा है कि इस एक साल के दौरान मुझे सदन के प्रत्येक सांसद का सहयोग व समर्थन प्राप्त हुआ। हम सभी ने सामूहिक प्रयासों से जनअपेक्षाओं व आकांक्षाओं के अनुरूप सकारात्मक कार्य करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा है कि उत्पादकता के दृष्टिकोण से यह एक वर्ष ऐतिहासिक रहा।

श्री बिड़ला ने ट्विट के माध्यम से कहा है कि नवाचार, नवनिर्वाचित सदस्यों को प्राथमिकता, मितव्ययता, क्षमता संवर्धन, संसदीय राजनय समेत विभिन्न क्षेत्रों में सदन ने सामूहिक प्रयासों से नई परम्परा का प्रादुर्भाव किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि भविष्य में भी सभी  दलगत भावना से ऊपर उठकर राष्ट्रहित एवं जनकल्याण की दिशा में सार्थक पहल के प्रयास जारी रखेंगे।

उनका कहना है कि सभी दल संवैधानिक मूल्यों का पालन करते हुए सामूहिक प्रयासों से लोकतांत्रिक परम्पराओं को और मजबूत बनाएंगे।
यह वर्ष उपलब्धियों भरा रहा। कार्य उत्पादकता, विधायी कार्यों, नवनिर्वाचित सदस्यों को विषय उठाने के अवसर, सांसदगणों की भागीदारी व सरकार की जवाबदेही, नवाचार तथा मितव्ययता के क्षेत्र में हम नए प्रतिमान छूने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा है कि मेरा विश्वास है कि 17वीं लोकसभा नए भारत के निर्माण में अपना योगदान जारी रखेगी। सभी सदस्य लोकतांत्रिक परम्पराओं को सुदढ़ बनाते हुए संसदीय कर्तव्यों का सत्यनिष्ठा व समर्पण से निर्वहन कर देश को प्रगति पथ पर गतिमान रखेंगे।

श्री बिड़ला ने कहा है कि 17 वीं लोकसभा के प्रथम वर्ष के दौरान सदस्यों के सहयोग से प्रश्नकाल में लिए जाने वाले प्रश्नों की संख्या में 6.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई है । इससे लोकसभा की उत्पादकता बढ़ी है. इससे पूर्व 1996 से  2018 के बीच यह वृध्दि काल 3.5 प्रतिशत थी

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