देखें आज 22 मई 2020 का पंचांग

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अंग्रेजी तारीख :
22 – 05 – 2020
शाके :- 1942
संवत् :- 2077
संवत् नाम :- आनंद
मास :- ज्येष्ठ
पक्ष :- कृष्ण
तिथि :- अमावस्या
वार :- शुक्र
नक्षत्र :- कृतिका
योग :- शोभन
करण :- चतुष्पाद
संक्रांति :- वृषभ
ऋतु :- ग्रीष्म
अयन :- उत्तरायण

गोल :- उत्तर

संदीप पराशर

विशेष जानकारी व्रत- पर्व- उत्सव
अमावस्या
वट सावित्री व्रत

शनि देव प्राकट्य दिवस

सूर्योदय : 05 : 31 : 00 सूर्यास्त : 19 : 05 : 30 चंद्रोदय : 05 : 55 : 34


राहुकाल : 10 : 35 -- 12 : 18


अथ अभिजित मुहुर्त : 11 : 51 --12 : 45


अथ चौघडिया मुहूर्त : दिवा

चर 05:28 – 07:10 शुभ
लाभ 07:10 – 08:53 शुभ
अमृत 08:53 – 10:35 शुभ
काल 10:35 – 12:18 अशुभ
शुभ 12:18 – 14:00 शुभ
रोग 14:00 – 15:43 अशुभ
उद्वेग 15:43 – 17:25 अशुभ
चर 17:25 – 19:08 शुभ
रात्रि
रोग 19:08 – 20:25 अशुभ
काल 20:25 – 21:43 अशुभ
लाभ 21:43 – 23:00 शुभ
उद्वेग 23:00 – 00 :18 अशुभ
शुभ 00 :18 – 01 :35 शुभ
अमृत 01 :35 – 02 :53 शुभ
चर 02 :53 – 04 :10 शुभ

रोग 04 :10 – 05 :28 अशुभ

हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि जयंती भी मनाई जायगी जो 21 मई 2020 से शुरू होकर 22 मई सुबह 11 बजे रहेगी

शनि देव का जन्म ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर हुआ है। इसीलिए आज के दिन शनि देव को तेल का दान करने और शनि मंत्र ऊँ शं शनैश्चराय नम: का जाप करने से शनि देव की विशेष कृपा प्रप्त होती है
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए और मनोकामना प्राप्ति के लिए वट सावित्री के दिन शनि जयंती के इस शुभ योग में पीपल के पेड़ की विशेष रूप से पूजा कर आशीर्वाद जरूर प्रप्त करे.
ज्येष्ठा अमावस्या और शनि जयंती के इस शुभ संयोग में सूर्य देव को जल का अर्घ्य देकर शनि पाठ जरूर करे.

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