वित्त मंत्री ने दिशाहीन, निराश और अप्रगतिशील बजट पेश किया : कैप्टन अजय

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-मंहगाई, बेरोजगारी और किसानों का नही रखा ध्यान

गुरुग्राम : वित्त मन्त्री सीता रमण ने  देश के समक्ष बीजेपी सरकार के दुसरी बार  प्रधानमन्त्री बने नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल का बजट पेश किया। इस बजट मे अर्थव्यवस्था में सुधार एवं रोजगार पर कोई फोकस तो रहा ही नही किसानों को भी अनदेखा किया है। उक्त बातें पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देेते हुए कही। श्री यादव ने कहा कि जीएसटी पर भी कोई बदलाव नही किया। छोटे व्यापारियों को जीएसटी में राहत देनी चाहिए। ओटोमोबाईल सैक्टर में जीएसटी 28 प्रतिशत है, इसमें राहत देनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा तो ऑटोमोबाईल का हब है। जीएसटी में बदलाव न होने से हरियाणा वासियों के हाथ खाली के खाली रह गए। जबकि बेरोजगारी जो कि 2019-20 में सबसे ज्यादा रही है। बावजूद इसके बेराजगारी पर वित्त मंत्री ने कोई फोकस नही किया। इसके अलावा किसानों की तरफ ध्यान नही दिया गया। किसानों की आय दोगुनी की बार-बार बात करते हैं लेकिन उसके लिए क्या कदम उठाए हैं यह तो बताना चाहिए। बिमा की बात कही तो गई लेकिन बिमा किसान भाईयों तक पंहूचता कहां है। बिमा तो पूंजीपति ही खा जाते हैं।
कैप्टन अजय सिंह ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी वित्त मंत्री ने बिल्कुल ध्यान नही दिया। पीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की बात कही गई। माजरा श्योराज में जो मेडिकल कॉलेज खोला जाना है वह भी तो पीपी मोड पर ही खुलना था लेकिन लगभग 6 साल भाजपा सरकार को हो गए, आज तक एक ईंट भी मेडिकल कॉलेज की माजरा श्योराज में नही लगी है। कैप्टन अजय सिंह ने कहा कि फिसकल डेफिसिएट बनेगा तो बेराजगारी और मंहगाई ही बढेगी।
कैप्टन अजय सिंह ने कहा कि जीडीपी को 6 से बढाकर साढे 6 कैसे करेंगे। ना मंहगाई कम हो रही न रोजगार उतपन्न हो रहा है। रोज मर्रा की इस्तेमाल होने वाली चीजों की तो मंहगाई सातवें आसमान पर है, जिससे गरीब आदमी पर सबसे ज्यादा असर पड रहा है। मेड इन इंडिया की बात तो करते हैं लेकिन धरातल पर कुछ नही हो रहा है। सारा सामान चाईना से बनकर आता है। बजट में आय एवं व्यय के अंतर को पूरा करने के लिए सरकार सरकारी संपत्तियां बेचेगी। साथ ही  वित्त मंत्री ने बजट के माध्यम से मध्यमवर्ग को आयकर में भ्रम जाल भी दिखाया है।
उन्होंने कहा कि नए आयकर दरों को काम में लेने पर मध्यमवर्ग करदाताओं को नहीं मिलेगी बचत से संबंधित छूटे जैसे बच्चों को शिक्षा संबंधी, मकान को खरीदने संबंधी, एलआईसी संबंधित, बैंक ब्याज से संबंधित, मेडिक्लेम से संबंधित इत्यादि। इसके अलावा जो टैक्स में रिबेट मिलती थी एलआईसी इत्यादि में वह भी अब बंद कर दी गई है। श्री यादव ने कहा कि रियल स्टेट में इतनी मंदी है, उनके मकान नही बिक रहे उसके लिए भी कुछ कदम उठाने चाहिए कुछ लोन पर अच्छी स्कीम सरकार को देनी चाहिए। इसके अलावा सोलर पर ज्यादा से ज्यादा सबसीडी देनी चाहिए थी। ताकि बिजली की पूर्ति हो सके।

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